Home »Jharkhand »Ranchi »News » Jharkhand Band For Against CNT-SPT Act Amendment

झारखंड बंद का मिलाजुला असर, दुकानें और स्कूलों में लटके ताले, ट्रेन को रोका

Santosh Choudhry | Dec 02, 2016, 19:23 PM IST

रांची-लोहरदगा सेक्शन के टांगर बसली स्टेशन के समीप रांची-लोहरदगा पैसेंजर ट्रेन को बंद समर्थकों ने रोक दिया।

रांची।सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा शुक्रवार को बुलाए गए झारखंड बंद का मिलाजुला असर दिखा। रांची में कई जगहों पर दुकानें बंद रहीं तो दुमका में सुबह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। स्कूल बंद रहे और बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, बंद समर्थकों ने रांची-लोहरदगा ट्रेन को भी रोक दिया। कहां, क्या हुआ...?
-रांची-लोहरदगा सेक्शन के मांडर स्थित टांगर बसली स्टेशन के समीप रांची-लोहरदगा पैसेंजर ट्रेन को बंद समर्थकों ने रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया जा सका।
-रांची में सड़कों पर आम दिनों के मुकाबले वाहनों की आवाजाही कम रही। सिटी बस व ऑटो की संख्या भी नहीं के बराबर देखी गई।
-रांची के मेन रोड, रातू रोड, हरमू बाईपास रोड की कुछ दुकानें खुली तो कुछ बंद रहीं। पंडरा बाजार समिति में सन्नाटा पसरा रहा।
-बाहर से आने वाली गाड़ियों का परिचालन भी आम दिनों के मुकाबले कम रहा। हालांकि बंद से निपटने के लिए विभिन्न चौक-चौराहों पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे।
-दुमका में बंद को लेकर अहले सुबह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। डीसी व एसपी शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहे।
-बंद की वजह से दुमका के प्राइवेट बस डिपो से बसों का संचालन नहीं हुआ। इसलिए यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
-बताते चलें कि 25 नवंबर को झारखंड बंद के दौरान दुमका के एसपी कॉलेज के पास बंद समर्थकों ने 8 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इसलिए इस बार पुलिस गश्त बढ़ा दी गई।
-झारखंड बंद को लेकर लोहरदगा में रात से ही पुलिस गश्ती तेज दिखी। वहीं, बंद समर्थकों ने रांची के पास खूंटी-तमाड़ रोड पर तीन जगहों पर पेड़ काटकर और पत्थर रखकर सड़क जाम किया।
-चतरा में सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ आदिवासी मूलवासी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सरकार विरोधी रैली निकाली गई।
-चतरा में जेवीएम नेता सह पूर्व कृषि मंत्री सत्यानन्द भोक्ता, जेएमएम, माले व सहयोगी दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
-पाकुड़ में आदिवासी संघर्ष मोर्चा ने सड़क जाम किया। पाकुड़िया-दुमका मुख्य सड़क के बगजोबड़ा गांव के पास सड़क जाम से यातायात प्रभावित रहा।
-बाजार बंद कराने निकले बंद समर्थकों पर कार्रवाई हुई। जेएमएम के 24 कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया गया।
-घाटशिला अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों में बंद का मिलाजुला असर दिखा। पुलिस की गश्ती जारी रही। डुमरिया ब्लॉक में एक दर्जन से ज्यादा बंद समर्थक हिरासत में लिए गए। उनके पास बड़ी संख्या में तीर-धनुष, कटारी और कुल्हाड़ी बरामद किया गया।
-इधर, रांची-गुमला सड़क पर बंद समर्थक लड़कियां सड़क पर उतरीं और सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ नारेबाजी की।
- लातेहार में भी बंद समर्थकों ने रेलवे ट्रैक को जाम किया। पुलिस ने बंद समर्थकों को अरेस्ट कर लिया। इस कारण यहां तीन घंटे तक रेलवे परिचालन प्रभावित रहा।
-पुलिस प्रवक्ता अौर आईजी अभियान एमएस भाटिया ने बताया कि दोपहर तीन बजे तक राज्य भर से 2519 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया। सबसे अधिक लातेहार से 661 लोग कैंप जेल में रखे गए हैं।
एक्ट का समर्थन क्यों
-यह आदिवासियों की भूमि के लिए बनाया हुआ एक कानून है। सीएनटी (छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट) और एसपीटी (संथाल परगना टेनेंसी) में संशोधन का प्रस्ताव झारखंड कैबिनेट की बैठक में पास हुआ।
-सरकार का तर्क है कि एक्ट में संशोधन से आदिवासी इलाकों में जमीन का स्वरूप बदलने से रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
-आदिवासियों की आर्थिक आमदनी बढ़ेगी, वे अपनी जमीन पर खुद के छोटे उद्योग-धंधे कर सकेंगे।
-कृषि पर आधारित उद्योग लगाने में भी आसानी होगी। जमीन का आर्थिक महत्व बढ़ेगा तो पलायन पर रोक लगेगी।
-आदिवासी इलाकों में नए शिक्षण संस्थान खुलेंगे, जिससे स्थानीय बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

विपक्ष क्यों कर रहा विरोध
-विपक्षी दलों का मानना है कि सीएनटी और एसपीटी अधिनियम में संशोधन से आदिवासियों और मूलवासियों को नुकसान होगा।
-कृषि भूमि का गैर कृषि उपयोग किए जाने के लिए अधिनियम में हुए संशोधन से रैयतों का जमीन पर अधिकार नहीं रह जाएगा।
-सीएनटी और एसपीटी आदिवासी और मूलवासियों की जमीन को सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
-उनका मानना है कि संशोधन से यह कवच ही समाप्त हो जाएगा और उनकी जमीन औद्योगिक एवं कॉर्पोरेट घरानें को चली जाएगी।
आगे की स्लाइड्स में देखिए PHOTOS और 5वीं स्लाइड पर देखें VIDEO ...
फोटो : वसीम/वीडियो : नितिन चाैधरी।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: Jharkhand Band for against CNT-SPT Act Amendment
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        Top