चंडीगढ़. 27 मई 2011 का दिन युवराज सिंह को भुलाए नहीं भूलता। क्योंकि इसी दिन युवी को पता चला था कि उनकी दोनों लंग्स के...
चंडीगढ़. ‘मैं जल्द स्वस्थ होकर मैदान में वापसी करूंगा। अभी तो अगला वर्ल्डकप भी जीतना है।’ यह बात टीम इंडिया के...
चंडीगढ़. पंजाबी लोक गायिकी, सूफियाना अंदाज व अपने अर्थपूर्ण लेखन से पंजाबी संगीत के क्षितिज पर चमक रहे गायक व लेखक सतिंदर सरताज को बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों में गाने से परहेज है। उनका कहना है कि बॉलीवुड से उन्हें कई ऑफर आई हैं, मगर वहां का अंदाज उन्हें सूट नहीं करता। उन्होंने कहा, मैं किसी के लिखे गीतों को किसी के लिए नहीं गा सकता। वहां बंदिशें बहुत हैं। वो तो इश्क को कमीना कहते...
चंडीगढ़. पीसीआर की 60 गाड़ियां और पेट्रोलिंग पर सिर्फ 11, बाकी वुमन सेल की बेसमेंट में खड़ी हैं। वजह है इनकी पेट्रोल की टंकी खाली होना। सोमवार को शहर में ऐसा ही हुआ। ये किसी लिहाज से शहर की सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे गलती है पुलिस और प्रशासन के अफसरों की, जिन्होंने मनमर्जी से पहले वाहन खरीदे और अब पेट्रोल का कोटा ही कम पड़ गया है।
अब पुलिस...
चंडीगढ़. टी-20 वर्ल्ड कप में 6 गेंदों पर 6 छक्के हों या 28 साल बाद भारत को वर्ल्ड कप दिलाने में अहम रोल निभाने की बात, युवराज सिंह फाइटर हैं और फाइटर कभी हारता नहीं है। चाहे वह खेल का मैदान हो या कैंसर के खिलाफ लड़ाई। बोस्टन में कैंसर से जूझ रहे युवराज के साथ पूरे देश की दुआएं हैं। चंडीगढ़ में उनके साथ खेले या किसी न किसी रूप में उनसे जुड़े लोगों की जुबान पर एक ही बात है- बस जल्दी से ठीक...
पंजाब की भूमि वीर योद्धाओं के शौर्य गाथाओं और मानवता के लिए सर्वस्व त्याग देने वाले लोगों की कहानियों से भरी है। इसी प्रांत में सिख धर्म का उदय हुआ और यह देश- दुनिया तक फैला। इन कहानियों के स्वर्णभंडार से हम आपके लिए कुछ ऐसी कहानियां लेकर आए हैं जो सिख धर्म गुरुओं से संबंधित है। पेश है गुरु नानक के बचपन की कुछ बातें- गुरु नानक का जन्म 15 अप्रैल, 1469 को हुआ था। उनके पिता मेहता...
चंडीगढ़। 'रूस में हिंदी के प्रति लोगों में खास रुचि है। वहां पांच विश्वविद्यालयों में छात्रों को हिंदी पढ़ाई जाती है।Ó यह जानकारी सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी घूमने आईं रूसी सरकारी मानविकी विश्वविद्यालय की डॉ. इंदिरा गाजि़दावा ने भास्कर को दी।डॉ. इंदिरा ने कहा कि रूस में हिंदी भाषा के प्रति लोगों के रुझान का मुख्य कारण यह है कि लोग हिंदुस्तान की संस्कृति को करीब से जानना चाहते...