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मिड और स्मॉल कैप शेयरों में दिख रही है बढ़त

एलेक्स मैथ्यूज | Dec 10, 2012, 00:22 IST

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मिड और स्मॉल कैप शेयरों में दिख रही है बढ़त

सौदा मुनाफे का
शेयरबाजार में लाभ कमाने के लिए निवेश निवेशक निफ्टी के 5800 पुट ऑप्शन बेच सकते हैं। साथ ही वह निफ्टी के 5600 पुट ऑप्शन बेच कर भी लाभ अर्जित कर सकते हैं

मिड-कैप शेयरों में निवेशक कैडिला हेल्थकेयर के शेयर 865 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीद सकते है
अल्पावधि के निवेश के लिहाज से एस्सार ऑयल और हाथवे केबल्स भी आकर्षक हैं। इनका लक्ष्य क्रमश: 73 रुपये और 298 रुपये रखा जा सकता है

गोल्डमें अभी कोई दिशा नहीं दिख रही है। इसे 1688 और 1684 डॉलर पर समर्थन प्राप्त है। अगर इसकी कीमतें इस स्तर से नीचे जाती हैं तो हल्की मुनाफावसूली देखी जा सकती है

पिछलेसप्ताह भारत शेयर बाजार कई दिनों की बढ़त के बाद अंत में गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, निफ्टी और सेंसेक्स दोनों साप्ताहिक तौर पर लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ही बंद हुए। पिछले हफ्ते जिन सेक्टरों में तेजी रही उनमें रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर प्रमुख रहे जिनमें क्रमश: 5 प्रतिशत और तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

हालांकि, आईटी सेक्टर में लगभग 34.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेक्टर में साप्ताहिक आधार पर क्रमश: 2.37 प्रतिशत और 2.28 प्रतिशत की तेजी देखी गई। स्पॉट निफ्टी को 6000 अंक के स्तर पर नजदीकी प्रतिरोध है और इसे 5888 और 5846 के स्तर पर समर्थन हासिल है। हालांकि, 5805 के स्तर पर इसे मजबूत समर्थन प्राप्त है।

पिछले सप्ताह के दौरान जो महत्वपूर्ण आए उनमें भारत के फैक्ट्री उत्पादन का आंकड़ा महत्वपूर्ण था, जिसमें पांच महीने में सबसे अधिक बढ़त देखी गई। एचएसबीसी इंडिया परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स नवंबर महीने में 53.7 के स्तर पर रहा जबकि अक्टूबर में यह 52.9 के स्तर पर था।

इससे स्पष्ट जाहिर होता है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार हो रहा है। विदेशी ऑर्डर में इजाफे की वजह से यह बढ़त देखी गई। लेकिन सर्विस पीएमआई आंकड़ा नवंबर महीने में 13 महीने के न्यूनतम स्तर 52.1 पर आ गया जबकि यह अक्टूबर महीने में 53.8 के स्तर था।

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगले 12 से 18 महीनों के दौरान भारतीय बैंकों की खराब परिसंपत्ति गुणवत्ता, सुस्त आर्थिक विकास और उच्च ब्याज दरों की वजह से उनकी लाभोत्पादकता घट सकती है। इस रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा था कि लोन ग्रोथ का बढ़ता स्तर बैंकों के स्वयं पूंजी सृजित करने की क्षमता को पार कर सकते हैं और ऐसी परिस्थिति में बैंकों के लिए वर्तमान स्तर पर कैपिटलाइजेशन को बरकरार रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इसके अलावा वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच का कहना था कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर का आउटलुक निगेटिव रहेगा। फिच ने इसका कारण उच्च ब्याज दरों और बढ़ते डेटा टैरिफ के लिए पूंजी की जरूरतों को बताया।

रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर विपक्षी दलों के बहस की मांग माने जाने के बाद संसद एक बार फिर सुचारू रूप से चलने लगा। मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई पर लोकसभा में हुए मतदान में सरकार की जीत हुई। मंगलवार को इस मसले पर बहस हुई थी और बुधवार को वोटिंग हुई थी। फेमा में संशोधन के विरोध में उठी आवाज भी सरकार की बहुमत की वजह से दब गई।

फेमा के इस संशोधन के बाद मल्टी ब्रांड में विदेशी कंपनियों को प्रवेश करने में सहूलियत होगी। शुक्रवार को सरकार ने राज्यसभा में भी रिटेल में एफडीआई के मसले पर बहुमत हासिल कर लिया। अब इसके बाद सरकार बैंकिंग रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल (जिससे भारतीय रिजर्व बैंक की नियामकीय नियंत्रण में इजाफा होगा) और फूड सिक्योरिटी बिल लेकर आ सकती है।

संभव है कि आने वाले सप्ताह के दौरान यूरिया इंवेस्टमेंट पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाए। नई नीति से उर्वरक कंपनियों को नये संयंत्र लगाने और मौजूदा क्षमता में विस्तार करने में सुविधा होगी साथ ही घरेलू उत्पादन में तकरीबन 80 लाख टन के इजाफे के लिए 35,000 करोड़ रुपये के नये निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

इस नीति के तहत मंत्रालय कंपनियों द्वारा नये संयंत्र की स्थापना, मौजूदा संयंत्र के विस्तार और उसके पुनरुद्धार के लिए लगाई जाने वाली नई पूजी पर 12-20 प्रतिशत का कर-पश्चात रिटर्न देने की सोच रही है। शेयर बाजार में लाभ कमाने के लिए निवेश निवेशक निफ्टी के 5800 पुट ऑप्शन बेच सकते हैं। साथ ही वह निफ्टी के 5600 पुट ऑप्शन बेच कर भी लाभ अर्जित कर सकते हैं।

मिड-कैप शेयरों में निवेशक कैडिला हेल्थकेयर के शेयर 865 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीद सकते हैं। अल्पावधि के निवेश के लिहाज से एस्सार ऑयल और हाथवे केबल्स भी आकर्षक हैं। इनका लक्ष्य क्रमश: 73 रुपये और 298 रुपये रखा जा सकता है। गोल्ड में अभी कोई दिशा नहीं दिख रही है। इसे 1688 और 1684 डॉलर पर समर्थन प्राप्त है।

अगर इसकी कीमतें इस स्तर से नीचे जाती हैं तो हल्की मुनाफावसूली देखी जा सकती है। लेकिन संभव है कि यह 1720 डॉलर की तरफ का रुख करें। अगर ऐसा संभव होता है तो फिर यह 1750 डॉलर के स्तर को भी जांच सकता है।
- लेखक जियोजित बीएनपी पारिबा फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।

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Web Title: mid-and small-cap stocks is looking at the edge
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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