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दो कंपनियों से कर सकते हैं हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम

सुरेश के. नरुला, | Dec 06, 2012, 01:25 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
दो कंपनियों से कर सकते हैं हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम

मेरे पास कंपनी द्वारा दिया गया मेडिकल कवर है पर मैं अपनी एक निजी इंश्योरेंस पॉलिसी भी लेना चाहता हूं। क्या मुझे बीमा कंपनी को अपने मौजूदा ग्रुप इंश्योरेंस कवर के बारे में बताना पड़ेगा? साथ ही हॉस्पिटलाइजेशन की स्थिति में क्या मुझे मर्जी से क्लेम करने के लिए बीमा कंपनी चुनने का विकल्प मिलेगा या फिर दोनों से क्लेम करना जरूरी होगा। हर स्थिति में क्लेम सेटल करने की क्या प्रक्रिया होगी।
-सुधीर, भोपाल
भारतमें पॉलिसी धारक अगर किसी और कंपनी से पॉलिसी खरीदते हैं तो कानूनी तौर पर उनके लिए यह बताना जरूरी नहीं होता है। इसके बावजूद एक से ज्यादा पॉलिसी होने की स्थिति में इस बात जानकारी देना पॉलिसी धारक की जिम्मेदारी है। ऐसे में हम आपको दोनों ही कंपनियों को इस बात की जानकारी देने की सलाह देंगे। इससे आपका समय भी बचेगा साथ ही क्लेम फाइल करने में आपका समय बर्बाद नहीं होगा। योगदान का नियम उन मामलों में लागू होता जहां क्लेम का पेमेंट कवरेज के अनुपात में देने की जरूरत पड़ती है।

हालांकि वास्तविक तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस के क्लेम के लिए पॉलिसी धारक किसी भी बीमा कंपनी का चुनाव कर सकता है। याद रखें की अगर आप दोनों ही बीमा कंपनी के पास क्लेम फाइल करते हैं तो इसके लिए अलग अलग दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में आपको दो सेट दस्तावेज मिलने में दिक्कत आ सकती है। आपको दोनों ही पॉलिसी की समीक्षा करनी चाहिए और वेटिंग पीरियड, इंक्लूजन, एक्सक्लूजन और सब-लिमिट के हिसाब से दोनों पॉलिसी का अधिकतम इस्तेमाल करना चाहिए।

मेरे पास नकद दो लाख रुपये मौजूद हैं। मैं पांच लाख रुपये की एक कार खरीदना चाहता हूं। मेरे ऊपर 12.5 लाख रुपये का होम लोन बकाया है। इसके लिए प्रतिमाह मैं 13,000 रुपये की मासिक किस्त का भुगतान करता हूं। मैं एक साथ अपने होम लोन और कार लोन की 20,000 रुपये की ईएमआई का भुगतान कर सकता हूं। अगले चार से पांच साल तक मैं अपने दोनों लोन को भुगतान करना चाहता हूं। कार लोन के लिए ब्याज की दर नौ फीसदी है और होम लोन के लिए दस फीसदी। कृपया मुझे सलाह दें कि क्या मुझे कार की खरीदारी करनी चाहिए? - संजय, दिल्ली

अगरआप बैंक या फिर वित्तीय संस्थान से कार लोन लेने की सोच रहे हैं तो टैक्स में कोई फायदा नहीं मिलेगा। हालांकि अगर आप कंपनी की कार लीज पर लें तो यह परक्युजिट की श्रेणी में आएगा और इस पर टैक्स छूट का फायदा भी मिलेगा। जहां तक आपके होम लोन की बात है तो टैक्स छूट फायदे को देखते हुए आपकी ब्याज की लागत काफी कम होगी।

इसके बावजूद भी हम आपको सलाह देंगे कि आप अपनी बढ़ी हुई ईएमआई की एक बार फिर से समीक्षा कर लें क्योंकि यह तकरीबन दोगुनी हो जाएगी। आपको देखना होगा कि लंबे समय के लक्ष्यों पर इसका प्रभाव न पड़े। अगर आप अपने होम लोन को पहले ही खत्म करना चाहते हैं तो फिलहाल इस पर कोई पेनाल्टी नहीं है।

मेरे पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) अकाउंट का लॉक इन पीरियड जल्द ही खत्म होने वाला है। हालांकि मैं इसे अगले पांच साल के लिए बढ़ाना चाहता हूं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेरा अकाउंट अगले पांच साल तक जारी रहे मुझे कितनी राशि निकालनी होगी। -मनोज, रायपुर

आपकोसातवें वित्त वर्ष के बाद हर साल निकासी करने की अनुमति मिल जाएगी। हालांकि इस पर कुछ शर्त लगाई गई है। उदाहरण के तौर पर निकासी की राशि चौथे साल के शेष के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए या फिर निकासी के ठीक पहले वाले साल के शेष से, इनमें से जो भी कम हो।

शुरुआत की 15 साल की अवधि के बाद अगर अपना शेष बनाए रखने के लिए खाते की अवधि बढ़ाने का चयन करते हैं तो आप यह राशि एकमुश्त या फिर किस्तों में निकाल सकते हैं। अगर इस राशि को किस्तों में निकाला जाता है तो आप एक साल में एक से ज्यादा बार निकासी नहीं कर सकते हैं। अगर आप इसमें पैसे जमा कराना जारी रखते हैं तो आप बढ़ाए गए पांच साल की अवधि के ब्लॉक की शुरुआत में 60 फीसदी राशि की निकासी कर सकते हैं।

सुरेश के. नरुला, सर्टिफायड फाइनेंशियल प्लानर, प्रूडेंट एफपी, पंचकुला

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Web Title: the two companies can claim for health insurance
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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