तंबाकू से बढ़ते खतरे के बावजूद बिहार का सही-सही आंकड़ा नहीं

तंबाकू से बढ़ते खतरे के बावजूद बिहार का सही-सही आंकड़ा नहीं

विश्वतंबाकू निषेध दिवस पर कार्यक्रमों में नेता-अफसर तक बड़ी-बड़ी बातें कह जाते हैं, लेकिन सच यह है कि बिहार में अब तक सही-सही यही सर्वे नहीं हुआ है कि कितने लोग तंबाकू का सेवन करते हैं या किस उम्र में यहां सबसे ज्यादा लोग इसकी लत का शिकार होते हैं। विभिन्न अनुमानों के आधार पर माना जाता है कि बिहार में करीब 440 नए तंबाकू उपभोक्ता रोज तैयार होते हैं। राज्य में किशोरों में तंबाकू सेवन शुरू करने की औसत आयु 17 साल है जबकि किशोरियों में यह आयु सिर्फ 14 साल। यह सरकारी सर्वे की रिपोर्ट नहीं क्योंकि इस तरह का प्रयास मूलत: जमीनी स्तर पर नहीं हुआ है।

तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर डीबी स्टार ने विभिन्न स्रोतों चिकित्सकों से बातचीत में अलग-अलग तरह की जानकारी जुटाई, लेकिन बिहार को लेकर विशेष जानकारी से हरेक ने इनकार किया। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि देश में 114 लोग तंबाकू धूम्रपान के सेवन प्रति घंटे अपनी जान गंवा रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2016 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम तंबाकू उत्पादों पर प्लेन पैकेजिंग रखी है। पूरी दुनिया संकल्प लेगी कि इस प्रकार के समस्त उत्पादों पर निर्धारित कलर हो, उस पर 85 फीसदी सचित्र चेतावनी हो तथा उस पर लिखे शब्दों का साइज भी निर्धारित आकार में हो। इसके साथ ही इन उत्पादों पर कंपनी सिर्फ अपने ब्रांड का नाम लिख सके। इसी दिन हमलोगों को तंबाकू उत्पादों को अलविदा कहने का संकल्प लेना चाहिए ताकि आने वाले समय में हम इन आंकड़ों को बदल पाएं। उन्होंने कहा कि प्रति छह सेकंड में दुनिया में एक व्यक्ति की मौत हो रही है।

सर्वेक्षण (गेट्स) के अनुसार बिहार में 53.5 फीसदी करीब 1.5 करोड़ लोग किसी किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं और इनमें से एक लाख से अधिक लोगों की तंबाकू से संबंधित रोगों के कारण प्रति वर्ष मौत होती है। वहीं देश 48 फीसदी पुरुष और 20 फीसदी महिलाएं किसी किसी रूप में तंबाकू का सेवन करती हैं। महिलाओं में तंबाकू सेवन का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। किशोर उम्र में जो लड़के-लड़कियां धूम्रपान करते हैं, उनमें 50 फीसदी लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित होकर मर जाते हैं। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति की आयु 22 से 26 फीसदी तक कम हो जाती है। डॉ. सिंह ने बताया कि तंबाकू चबाने से मुंह, गला, अमाशय, यकृत और फेफड़े के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

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आईजीआईएमएस के क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के चिकित्सक और छात्र विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर मंगलवार को तंबाकू उत्पादों की भयावहता से जागरूक करने के लिए रूपसपुर गांव में प्रभातफेरी निकालेंगे। कैंपस से सुबह साढ़े छह बजे प्रभात फेरी निकलेगी और बेली रोड होते हुए रूपसपुर जाएगी। यह जानकारी विभाग के चिकित्सक डॉ. दिनेश सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों को बताया जाएगा कि तंबाकू उत्पाद का सेवन किसी भी रूप में करें। तंबाकू सेवन से कैंसर के पीडि़त हो रहे हैं। इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में भी विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह जानकारी संस्थान के निदेशक डॉ. हरेंद्र कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि तंबाकू चाहे किसी भी रूप सेवन करें शरीर को नुकसान ही करता है। कैंसर के अलावा अन्य बीमारियां भी जकड़ लेती हैं। दिल की बीमारी भी तंबाकू सेवन से लगती है। तंबाकू के सेवन बीपी की भी बीमारी लगने की आशंका रहती है। जो बीपी के मरीज हैं उन्हें हर्गिज तंबाकू या धूम्रपान नहीं करना चाहिए।

 

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