मानवाधिकार मंच ब्लाक औड़ के चेयरमैन अशोक भारती ने कहा कि ऐसा कानून बनाना चाहिए कि विधानसभा व लोकसभा का चुनाव लडऩे के लिए आयु सीमा निर्धारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा 58 व 60 वर्ष तय की गई है, इसके बाद वे सेवानिवृत्त हो जाते हैं पर हमारे विधायकों व सांसदों की पारी तो 60 साल के बाद ही शुरू होती है। भारती ने कहा कि कानून में संशोधन करके उनकी आयु व योग्यता भी सरकारी कर्मचारियों की तरह निर्धारित करनी चाहिए, तभी हमारा देश भ्रष्टाचार मुक्त हो सकता है। विधायकों व सांसदों को भी कानून के तहत काम करना चाहिए।