लुधियाना. मेरी झोली में कुछ अलफाज अपनी दुआओं के डाल देना ऐ दोस्त, क्या पता तेरे लब हिले और मेरी तकदीर संवर जाए।
दर्दे दिल के लिए दवाओं और दुआओं की ऐसी ही हसरत लिए कराची की तीन साल की हानिया शफीक सरहद पार कर लुधियाना पहुंची हैं। बच्ची का इलाज कर रहे पाकिस्तान के डॉक्टर उसके पिता मोहम्मद शफीक उर्र रहमान को...