

अजमेर.उर्स के दौरान अदा की गई जुमे की नमाज के लिए अकीदतमंद 2 घंटे से अधिक समय तक तपन में बैठे रहे। लेकिन इन अकीदतमंद...
अजमेर.सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह का आस्ताना शरीफ खोलने व बंद करने के दौरान भी एक खास...
अजमेर.अजमेर के निकटवर्ती गांव तबीजी के उप सरपंच हेमसिंह टांक पर ग्रामीणों ने बालिका छात्रावास की सहायक वार्डन...
मदनगंज-किशनगढ़.उपखंड के राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में गत दिनों पूर्व एक महिला को चिकित्सक द्वारा बिना गर्भ के...
किशनगढ़-रेनवाल.ट्रेन के ड्राइवर की तत्परता से शुक्रवार को शहर की एक 16 वर्षीय लड़की की जान बच गई। स्टेशन मास्टर आरसी वर्मा ने बताया कि दोपहर 12.15 बजे रेवाड़ी से फुलेरा शटल रेनवाल पहुंच रही थी।
इसी दौरान शहर के टेलीफोन एक्सचेंज के पास स्थित आउटर सिग्नल के पास रेनवाल निवासी 16 वर्षीय पिंकी पुत्री सुंडाराम रेल लाइन क्रॉस कर रही थी। इस दौरान वो लाइन के पास गिर गई। ठीक उसी समय ट्रेन आ रही...
अजमेर.सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 800वें उर्स में शिरकत के लिए अकीदतमंदों की आवक तेज हो गई है। गुरुवार को दिनभर जायरीन के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। उर्स के पहले जुमे की नमाज शुक्रवार को अदा की जाएगी। इसमें करीब एक लाख से ज्यादा जायरीन शामिल होंगे।
कानून व्यवस्था के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। रजब महीने की 2 तारीख हो चुकी है। एक दिन बाद ही जुमे की नमाज...
अजमेर.राज्य सरकार ने विवाह पंजीयन कानून में एक बड़ा संशोधन किया है। अब बाल विवाह के बाद वैवाहिक पंजीयन का प्रावधान समाप्त कर दिया है। बालिग होने पर वैवाहिक पंजीयन की कट ऑफ डेट भी सरकार ने तय कर दी है। ऐसे लोग जिन्होंने बाल विवाह किया और अब वे 31 दिसंबर 2005 तक बालिग हो गए हैं, वे अपना पंजीयन करा सकेंगे। इसके बाद बालिग होने वाले जोड़ों का पंजीयन नहीं किया जा सकेगा। अजमेर नगर निगम ने नए...
अजमेर.उर्स में शरीक होने अजमेर पहुंचे 462 पाक जायरीन के जत्थे में से कई दिल्ली से जारी सिम नंबरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन नंबरों से वे बेखौफ होकर बातचीत कर रहे हैं। कुछ पाक जायरीन ने शहर में मोबाइल सिम डीलर्स से संपर्क कर सिम लेने का प्रयास किया। इधर जानकारी मिलते ही इंटेलीजेंस एजेंसियों के कान खड़े हो गए।
पाक जायरीन के जत्थे में शामिल 8 जायरीन ऐसे सामने आए हैं जो दिल्ली से जारी...
दरगाह में बॉलीवुड की ओर से बुधवार को चादर पेश की गई। फिल्म अभिनेत्री माही और अन्य कलाकारों ने मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश किए। उन्हें जियारत कुतुबुद्दीन सखी ने करवाई।
यह पहला मौका है जब बॉलीवुड की ओर से दरगाह में चादर पेश की गई। माही के साथ आए कलाकारों ने कव्वालियां भी पेश की।
ख्वाजा साहब के दर पर आने वाले जायरीन अकीदत का नजराना पेश करते हैं और मुरादें मांगते हैं। परंपरा है कि यहां आने वाले जायरीन की दस्तारबंदी की जाती है और लच्छा बांधा जाता है। क्या है दस्तार और लच्छा, आइये जानें-
दस्तार क्या है :
दरगाह में आने वाले जायरीन के सिर पर खादिम सेला व साफा बांधते हैं। महिला जायरीन को चुनरी ओढ़ाई जाती है। यह दस्तार सूती या सिल्क के कपड़े की होती है।
क्यों की...