May 14, 01:57
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जीवन में सदैव संतोष धारण करना चाहिए। संतोषी व्यक्ति व्यक्ति सदा सुखी रहता है। जहां संतोष होता है, वहां परमात्मा का निवास होता है तथा जहां परमात्मा होता है वहां आनंद ही आनंद होता है। यह विचार पं. योगेश्वर शास्त्री ने आदित्यपुरम (सावा-शंभूपुरा) में आयोजित श्रीमद राम कथा के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने श्रीराम-हनुमान मिलन, श्रीराम-सुग्रीव मित्रता, बाली-सुग्रीव संग्राम, शबरी चित्रण,...