Kishore Chaudhary
Designation :- ब्लॉगर, कवि, रेडियो उदघोषक
Expertise :- आवाज की दुनिया से जुड़े किशोर चौधरी शब्दों की दुनिया में भी अच्छी खासी दखल रखते हैं। हथकढ़ नाम से ब्लॉग भी लिखते हैं। बकौल किशोर अतीत के शिकस्त इरादों के बचे हुए टुकड़ों पर उम्मीद का हौसला रखा है. नौजवान दिनों की केंचुलियाँ, अख़बारों और रेडियो के दफ्तरों में टंगी हुई है.कुल जमा ज़िन्दगी, रेत का बिछावन है और लोकगीतों के कर्णफूल है.
मैं जयपुर से जोधपुर के लिए रोडवेज की बस में यात्रा कर रहा था। गरम दिनों की रुत ने अपनी आमद दर्ज़ करवा दी थी। ये काफी उमस से भरा हुआ दिन था। शाम के सवा छह बजे चली बस से बाहर के...
वह एक उच्च प्राथमिक विद्यालय था. चारों तरफ हल्की भीगी हुई रेत के बीच तीन कमरों के रूप में खड़ा हुआ. सुबह के दस बजने को थे. विद्यालय भवन की चारदीवारी के भीतर कई सारे नीम के...
ये ट्राईटन मॉल के हॉयपर सिटी स्टोर के अधबीच का भाग था. मैं वस्तुओं की प्रदर्शनी में अपने लालच और जरुरत का तौल भाव कर रहा था. रौशनी के इस बाज़ार में चीज़ों के आवरण बेहद चुस्त...
ये ट्राईटन मॉल के हॉयपर सिटी स्टोर के अधबीच का भाग था. मैं वस्तुओं की प्रदर्शनी में अपने लालच और जरुरत का तौल भाव कर रहा था. रौशनी के इस बाज़ार में चीज़ों के आवरण बेहद चुस्त...