विमल बंसल -!-करौलीसच है बिन पानी सब सून...। गर्मी के मौसम की शुरुआत और पानी के लिए त्राहि त्राहि। हर गांव ढाणी की यही कहानी है। कहीं हैंडपंप खराब पड़े हैं तो कहीं कुओं का तला निकल आया है। जब अभी से यह हाल है तो आगे क्या होगा यह सोचकर गांवों में रहने वाले लोगों की रूह कांप रही है। गांव के लोग भले ही पानी की चिंता में दुबले हुए जा रहे हैं, लेकिन गर्मी का यह मौसम अधिकारियों के लिए बहार लेकर आता है। समस्या हर साल की है पानी के नाम पर सरकार करोड़ों रुपए खर्च करती है, फिर ग्रामीणों के गले भले ही तर न हों अफसरों की जेबें जरूर हरी हो जाएंगी। गांव के लोगों के विपरीत सरकारी आंकड़े कुछ अलग ही...