लंबे समय तक तनाव बना रहने से न सिर्फ मस्तिष्क सिकुड़ जाता है, बल्कि उसकी यही स्थिति डिमेंशिया का कारण बन सकती है। इसकी वजह यह है कि तनाव के दौरान मस्तिष्क से जिन रसायनों का स्राव होता है, वे ब्रेन टिश्यू के लिए जहर का काम करते हैं।
क्यों होता है ऐसा
तनाव के दौरान दिमाग में कॉर्टीकोस्टेरॉयड्स रसायन का स्राव होता है। अगर लंबे समय तक तनाव बना रहे तो यह रसायन शरीर की प्रतिरोधी...
बात-बात पर ट्वीट करने वालों को जब ट्विटर की निर्धारित शब्द सीमा अखरती है, तो उन लोगों का क्या जो नियमित ब्लॉग लिखने के आदी हैं। स्मार्ट फोन ने फेसबुक और ट्विटर तक तो पहुंच करा दी, लेकिन ब्लॉगर्स को अभी तक कंप्यूटर या लैपटॉप के जरिए ही ब्लॉग लिखने पड़ते थे।
फोन से ब्लॉगिंग और आसान
एंड्रॉयड बेस फोन के लिए ब्लॉग की सुविधा इस वर्ष की शुरुआत से हो गई। लेकिन आईफोन के ब्लॉगर एप्प के न...
न्यूजर्सी. अलादीन के कालीन की तरह ही एक छोटे कालीन ने प्रिंसटन युनिवर्सिटी की प्रयोगशाला में उड़ान भरी है। यह कालीन ऊन का नहीं, बल्कि प्लास्टिक का बना है। दस सेंटीमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से उड़ने वाला यह कालीन भौतिकी में पीएचडी कर रहे नोह जैफरिस ने बनाया है।
दो साल की मेहनत:
नोह ने बताया कि कालीन बनाने में दो साल लगे हैं। यह बिजली के करंट में आने वाले छोटी अनचाही तरंगों के...
नकली पेड़-पौधे अब तक घर की सजावट में तो धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे थे। लेकिन मसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के शोधार्थियों ने अब कृत्रिम पत्ती से बिजली बनाने की तकनीक विकसित कर वैकल्पिक ऊर्जा की दिशा में उम्मीदें बढ़ाई हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस प्रक्रिया में किसी महंगे पदार्थ की जरूरत नहीं पड़ती। यह पत्ती सौर ऊर्जा को केमिकल फ्यूल में बदलती है, जिसे स्टोर कर...
लंदन. बहुत जल्द संभव है कि आपको दुनिया के किसी भी हिस्से में जाने के लिए सीधी फ्लाइट मिल सकेगी। आधुनिक विमानों को यात्रा के बीच मे ईंधन भराने की जरूरत ही नहीं होगी। इंजीनियर-डिजाइनर विलियम ब्लेक जीरो-एमीशन (शून्य-उत्सर्जन) पर आधारित लॉकहीड स्ट्रेटोलाइनर विमान बनाने में जुटे हैं।
पक्षियों जैसे पंख (विंग्स) वाला यह विमान स्ट्रेटोस्फीयर (पृथ्वी से 10-50 किमी) तक जा सकेगा। विमान को...
भोपाल. सिगरेट छोड़ने का फैसला करना जितना कठिन है, उससे कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है उस पर टिके रहना। तलब के जोर मारने पर अधिसंख्य फैसले टूट जाते हैं। अगर इस पर कायम भी रहा जाए तो विदड्रॉल सिंपट्म से निपटने में पसीने आ जाते हैं।
इसके अलावा सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर का वजन संभालना भी टेढ़ी खीर होता है। इसकी वजह बनती है निकोटिन के अभाव में बढ़ने वाली भूख। निकोटिन के दुष्प्रभाव कम होते...
लंदन. पूरी धरती पर इतना नमक नहीं जितना समुद्रों में घुला है। यह बात नासा के हाल में जारी शोध में सामने आई है। नासा ने दुनिया का पहला ऐसा मानचित्र जारी किया है जिसमें तमाम महासागरों में लवणता का स्तर बताया गया है।
वैज्ञानिकों की मानें तो इससे दुनिया में होने वाली बारिश और समुद्री जलधाराओं को समझने में मदद मिलेगी। नासा के ‘एक्वेरियस/एसएसी-डी’ सैटेलाइट द्वारा रेडियो मापन तकनीक की...
यरूशलम. इजरायल संग्रहालय और गूगल के बीच संयुक्त पहल के चलते निर्जन गुफाओं में पाए गए दुनिया के सबसे पुराने दस्तावेज अब इंटरनेट पर उपलब्ध हैं।
2000 साल पुराने ‘मृत सागर की पांडुलिपियों’ की उच्च गुणवत्ता वाली पांच तस्वीरों को इंटरनेट पर डाला गया है। इनमें पांडुलिपियों के एक पाठ और अंग्रेजी अनुवाद शामिल है। इन पांडुलिपियों को ‘ग्रेट इजैया पांडुलिपि’ कहा जाता है।
इजरायल...
ग्वालियर. यदि ऑनलाइन म्यूजिक सुविधा चाहिए या फिर टीवी देखना हो तो इसके लिए अब फेसबुक भी तैयार है। सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक का चेहरा बदलने की तैयारी की जा रही हैं। कुछ बदलाव तो कर दिए हैं जबकि अभी और चेंजेज करने की तैयारी में है।
इसके तहत कंपनी फेसबुक के लेआउट में पिक्चर, कमेंट्स अपडेट आदि में बदलाव करने जा रही है। इसमें यूजर्स व उसके फ्रेंड्स एक ही समय में टीवी व म्यूजिक का...
इन दिनों मोबाइल फोन एंटरटेनमेंट से लेकर ऑफिस से जुड़े काम को भी निपटाने का आसान माध्यम बनकर उभरा है। फोटो लेने से लेकर म्यूजिक सुनना, दोस्तों से चैटिंग, सोशल नेटवर्किग, ई-मेल, सर्फिग, गेमिंग और ई-कॉमर्स सरीखे कामों को मोबाइल से अंजाम दिया जाने लगा है।
फाइल डाउनलोड करने और एप्प इंस्टॉल करने का चलन भी बढ़ा है। लेकिन इसके साथ ही मोबाइल फोन की सुरक्षा के खतरे भी बढ़े हैं। जरूरी है कि...
नागपुर. शहर में अपनाए जा रहे हैं हायर और एडवांस तकनीक के इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, फ्रिज में स्वयं जमती है बर्फ, तो माइक्रोवेव में ऑटो टैम्प्रेचर तकनीक से खाना रहता है सुरक्षित। आधुनिक युग में सबकुछ तकनीक पर निर्भर है।
इसमें हमारे रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। अब नागपुरियन भी इन इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के साथ अपने को आगे रखे हुए हैं।...
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मटेरियल विकसित करने में सफलता हासिल की है, जो घरों को गर्मियों में ठंडा और जाड़ों में गर्म रखेगा। इसकी मदद से घरों की खिड़कियों को ‘स्मार्ट ग्लास’ से बनाया जाएगा।
ये ग्लास सूरज की रोशनी में काले हो जाएंगे और जैसे ही सूरज ढलेगा बिल्कुल पारदर्शी बन चमकने लगेंगे। इस तरह घर को ठंडा-गर्म बनाए रखने में खर्च होने वाली बिजली बच सकेगी। इसका सीधा असर बिल पर पड़ेगा, जो...
लंदन. अंधत्व दूर करने की दिशा में एक अनूठा पायलट प्रोजेक्ट वर्षात में ब्रिटेन में शुरू किया जाएगा। वंशानुगत कारणों से अंधत्व को प्राप्त 12 किशोरों की आंखों में भ्रूण से विकसित लाखों स्टेम सेल इंजेक्शन के जरिए पहुंचाए जाएंगे। डॉक्टरों का मानना है कि कुछ हफ्तों बाद वे देख सकेंगे।
खास होंगे स्टेम सेल:
ये स्टेम सेल विटामिन और प्रोटीन से तैयार होंगे, जिन्हें भ्रूण से लिया जाएगा।...
नई दिल्ली. नेत्र रोगों से पीड़ित लोगों को अब कंप्यूटर या फिर मोबाइल पर टाइप किए शब्दों के गलत होने की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। दूरसंचार राज्य मंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को ऐसे लोगों के लिए विशेष सॉफ्टवेयर टेक्स्ट टू स्पीच (टीटी-एस) की शुरुआत की।
छह भारतीय भाषाओं हिंदी,बांग्ला,मराठी,तमिल,मलयालम और तेलुगु में उपलब्ध यह सॉफ्टवेयर मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर लिखे गए...
फ्लोरिडा. अंतिम संस्कार की हर देश की अपनी मान्यताएं हैं। बदलते वक्त के साथ भी इन परंपराओं ने खुद को सहेज कर रखा है। लेकिन कुछ लोग अंतिम संस्कार को और भी सरल बनाने की ओर कदम बढ़ा चुके हैं।
फ्लोरिडा के अंतिम संस्कार कराने वाले फ्यूनरल होम ने दफनाने या दाह संस्कार की जगह शव को तरल करने की बाकायदा मशीन बना ली है। शव को स्टील की मशीन में डाला जाएगा और यह तरल में बदल जाएगा जो कि...