शासन में आमजन की बढ़ती भागीदारी
पूरे भारत को एक सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता है। नए, सुखद और समृद्घ भविष्य के लिए जिसका पूरा देश अनुग

सतह के नीचे बहती है सच्चे राष्ट्रप्रेम की लहर
देश में राष्ट्रप्रेम की लहर हमेशा सतह के नीचे प्रवाहित होती है और कभी-कभी सतह पर दिखाई देती है वैस

इस तरह अस्तित्व में आया संविधान
संविधान सभा के 284 सदस्यों द्वारा इस पर अपने हस्ताक्षर 24 जनवरी 1950 को ही किए गए थे।

कथनी-करनी में अंतर मिटाना वक्त की दरकार
हमने ग्रामीण भारत के विकास की ओर गंभीरता से और प्राथमिकता से ध्यान ही नहीं दिया।

गौरवशाली लोकतंत्र के युवा सारथी
नियती से किया हुआ हर वादा सौ करोड़ भारतीयों ने सच किया है।