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इस तरह करें गणॆश‌ आराधना

भगवान गणॆश‌ ३३ करोड़ देवी-देवताओं में सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता हैं। इनकी उपासना करने से सभी विघ्नों का नाश होता है और सुख-समृद्धि, धन-बल और बुद्धि-ज्ञान की प्राप्ति होती है।

ऐसे करें गणॆश‌ की पूजा
>> भगवान गणॆश‌ को मोदक और दूर्वा अवश्य चढ़ाएं, क्योंकि ये चीजें उन्हें बहुत प्रिय हैं।
>> घर के मुख्य द्वार पर आगे-पीछे समान आकार के गणॆश‌ स्थापित करने से वास्तु-दोष का शमन होता है।
> ‘ऊ गं गणपत्यै नम:’ मंत्र का जाप करें।
>> ‘स्वास्तिक’ भगवान गणॆश‌ का प्रतीक है, इसलिए इसे व्यापार स्थल और अपने घर पर स्थापित करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
>> गणॆश‌ चतुर्थी के दिन हाथी और चूहों को लड्डू अवश्य खिलाएं।
>> गणॆश‌ चतुर्थी से चतुर्दशी तक प्रतिदिन श्री गणोश स्त्रोत का पाठ फलदायक होता है।

किधर होनी चाहिए गणॆश‌ की सूंड
मंदिरों और घरों में विराजित भगवान गणॆश‌ की प्रतिमा में सूंड देखें तो यह कहीं दाईं तो कहीं बाईं ओर घूमी मिलती है। घरों में बाईं ओर सूंडवाले गणॆश‌ ही स्थापित करने चाहिए। बाईं सूंड वाले गणॆश‌ सौम्य स्वरूप के परिचायक हैं, जबकि दाईं ओर की सूंड वाले गणॆश‌ आग्नेय के प्रतिरूप होते हैं। इनकी पूजा-पाठ आवश्यक है।



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