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Ganesh Utsav Ganesh Utsav हरि अनंत हरि कथा अनंता की तरह ही भगवान गणॆश के भी नाम अनगिनत हैं। कहा जाता है कि उनके अंदर जितने तरह के गुण हैं, उतने ही उनके नाम हैं और हर भक्त ये मानता है कि उनके अंदर असीमित गुण हैं। गणॆश पुराण के मुताबिक उनके बारह नाम हैं..
सुमुखश्चैकदंतश्च कपिलो गजकर्णक:।
लंबोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायक:।।
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्ष भालचंद्रो गजानन।
द्वादशैतानि नमानि य: पठ्रेछणुयादपि।।
भगवान गणॆश के इस श्लोकानुसार 12 नामों का जाप विद्यारंभ, विवाह, नगर या नवनिर्मित भवन में प्रवेश करते समय, यात्रा, युद्ध या विपत्ति में करने से उद्देश्य की पूत्र्ति होती है, बाधाएं पैदा ही नहीं होतीं।
१. सुमुखा सुंदर मुखवाले
२. एकदंत जिनके पास केवल एक दांत हो
३. कपिल पीले-भूरे रंग वाले भगवान
४. गजकर्ण हाथी के कानों वाला भगवान
५. लंबोदर लंबे उभरे पेट वाला भगवान
६. विकट संकट के समय रहने वाला
७. विघ्ननाशक परेशानी दूर करने वाला
८. विनायक गणों के रक्षक
९. धूम्रकेतु धुएं के रंगों वाला, कलियुग का देवता
१0. गणाध्यक्ष गणों का मंत्री
११. भाल चंद्रधारी ऐसा देव जो अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करता हो
१२. गजानन हाथी के चेहरे से मिलते-जुलते चेहरे वाला