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जगदीप को सम्मनित करते मप्र के राज्यपाल डॉ. बलराम जाखड़। साथ में हैं मप्र सरकार के मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा।

मध्यप्रदेश के एक छोटे से जिले विदिशा के एक कस्बे गंजबासौदा से ताल्लुक रखते हैं जगदीप सिंह दांगी। जगदीप को इस साल लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल किया गया है क्योंकि उन्होंने इंटरनेट की दुनिया में कीर्तिमान रचते हुए पहला हिंदी इंटरनेट एक्सप्लोरर बनाया है। इतना ही नहीं, अंग्रेजी की दुविधा को और खत्म करने के लिए उन्होंने अंग्रेजी से हिंदी शब्दकोश और ग्लोबल वर्ड ट्रांसलेटर या अनुवादक भी रच दिया है।

दिल की तहों को खोलिए जनाब
अजी हिंदी में कुछ बोलिए जनाब
अपनी जुृबां से अनबोला नहीं अच्छा
जुबां की ताकत को तोलिए जनाब.
13 से 15 जुलाई तक न्यूयॉर्क में विश्व हिंदी सम्मेलन हुआ और इतिहास में पहली बार यूएन के सभागार में हिंदी इतने जोरदार ढंग से इतनी देर तक गूंजी। इस हिंदी दिवस पर यही केंद्रीय उपलब्धि हमारे सामने है। संयुक्त राष्ट्र सात भाषाओं को आधिकारिक मान्यता दे सकता है और छह भाषाएं पहले ही इस सूची में शामिल हैं। अब कवायद शुरू हुई है हिंदी को सातवीं भाषा बनाने की। इसके लिए हमें 96 देशों का समर्थन चाहिए और करीब 100 करोड़ रुपए का आर्थिक सहारा। हमें ही बीड़ा उठाना होगा कामयाब होने का। विश्व हिंदी सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे देश के कुछ हिंदी लेखकों से भास्कर डॉट कॉम ने हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी के आधुनिक परिदृश्य पर बातचीत की।

हिंदी और उर्दू एक-दूसरे की ताकत हैं : नारंग

गोपीचंद नारंग का मानना है कि एक भाषा की मोहब्बत दूसरी भाषा के विकास या रास्ते में रोड़ा कभी नहीं बनती।

हिंदी में हस्ताक्षर करने से क्यों कांपते हैं हाथ : बैरागी

बैरागी ने भास्कर डॉट कॉम से विश्व हिंदी सम्मेलन के कुछ अहम पलों को बांटा और साझा किया कि हिंदी के सामने जमीनी समस्याएं क्या हैं।

सच है, फिल्मों से फैली है हिंदी

न्यूयॉर्क में संपन्न हुए विश्व हिंदी सम्मेलन में शिरकत करने वाले चक्रधर ने सम्मेलन और हिंदी के बारे में भास्कर डॉट कॉम से बातचीत की।