एड्स क्या है?
एड्स शब्द का उपयोग एचआईवी के प्रसार की सबसे उच्च दर को माना जाता है। अर्थात, जब एचआईवी अपने चरम पर मानव में पूरी तरह फैल चुका हो।
क्या है एचआईवी?
एच : हयूमन , क्योंकि यह वाइरस केवल मानव को प्रभावित करता है।
आई : इम्यूनो डिफिसिएंसी, इस वाइरस के आक्रमण करने के बाद मावन का प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर हो जाता है और काम नहीं कर पाता है।
वी : वाइरस, क्योंकि यह जीवधारी एक वाइरस है।
एचआईवी बीमारी है क्या ?
यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति का प्रतिरक्षा तंत्र ह्यूमन इम्यूनोवाइरस (एचआईवी)के आक्रमण केबाद कमजोर होने लगता है और यदि इसका उपचार न किया जाए तो यह धीर धीर विभिन्न प्रकार के सक्रमण फैलाना शुरू कर देती है। इसके चरमोत्कर्ष की अवस्था को एड्स का नाम दिया गया है। एचआईवी के शरीर में फैलने और एड्स के रूप में बदलने में लगभग दस साल का समय लग जाता है हालाकिं यह विभिन्न व्यक्तियों के प्रतिरक्षा तंत्र की मजबूती के अनुसार अलग अलग भी होता है।
कैसे फैलता है एचआईवी ?
एचआईवी फैलने के तीन प्रमुख कारण
1. जब एक व्यक्ति किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ सैक्सुअल संबध रखता हो तो एचआईवी का सक्रंमण हो सकता है।
2. रक्त में यह वाइरस सांद्रित अवस्था में रहता है इसलिए रक्त की जरा सी भी मात्रा जिसमें एवआईवी हो,किसी व्यक्ति को प्रभावित करने के लिए काफी है।
3. स्वस्थ और बिना कटी फटी त्वचा एचआईवी को शरीर में प्रवेश नहीं करने देती और यह एचआईवी को रोकने में एक महत्वपूर्ण बाधक के रूप में काम करती है। प्रभावित रक्त की एक बूंद भी अगर किसी व्यक्ति के शरीर में चली जाए तो वह इस घातक संक्रमण की चपेट में आ जाएगा। अन्य द्रवों में इसकी मात्रा ज्यादा हो तभी वह शरीर में फैलता है।
इनसे नहीं फैलता एड्स
स्लीवा, आंसू, पसीना, विष्ठा , मल मूत्र
ये वे तरल पदार्थ है जिनके कारण एड्स नहीं फैलता है। पसीने में एचआईवी वाइरस नहीं होता है। अभी तक ऐसा कोई मामला रजिस्टर्ड नहीं हुआ है जिससे यह पता चलता हो कि इन तरल पदाथरें के कारण मनुष्य में एड्स फैलता हो।
एचआईवी पॉजिटीव होने पर क्या करें ?
स्लीवा, आंसू, पसीना, विष्ठा , मल मूत्र
ये वे तरल पदार्थ है जिनके कारण एड्स नहीं फैलता है। पसीने में एचआईवी वाइरस नहीं होता है। अभी तक ऐसा कोई मामला रजिस्टर्ड नहीं हुआ है जिससे यह पता चलता हो कि इन तरल पदाथरें के कारण मनुष्य में एड्स फैलता हो।
एड्स पूरी दुनिया में महामारी की तरह पांव पसार चुका है। अब तक दो करोड़ पचास लाख लोग इस बीमारी से मारे जा चुके हैं। दुनिया भर में तीन करोड़ 86 लाख लोग एचआईवी से संक्रमित हैं। भारत में करीब 30 लाख लोग इससे ग्रसित हैं। एड्स से बचाव के लिए विश्व भर में अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की एक कड़ी के रूप में एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व एड्स दिवस पर भास्कर डॉट कॉम की प्रस्तुति।
साल की ललिता(परिवर्तित नाम) मेलूर के सानथुपेट्टाई गांव में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करती है।
जल्द ही एचआईवी पॉजिटिव कुंवारे युवक-यवतियों का रिकार्ड बनाकर विवाह के लिए इच्छुक जोड़ों को मिलाने की पहल होगी।
डेजर्ट एलोविरा और मशरूम अब एड्स रोगियों के लिए फायदेमंद साबित होने लगी हैं।
भारत में 30 लाख लोग एचआईवी वाइरस के वाहक बनकर घूम रहे हैं लेकिन वे इस बारे में पूरी तरह अनभिज्ञ हैं।
चर्च के सूत्रों का कहना है कि वेटिकन में एक ऐसा दस्तावेज तैयार किया जा रहा है, जिसमें ‘कुछ मामलों’ में कंडोम के इस्तेमाल की अनुमति होगी।
इस भयानक रोग का मुकाबला करने के लिए हम में से हर एक को निभानी होगी अपनी सार्थक भूमिका।
भारतीय महिलाओं में एड्स फैलने का मुख्य कारण उनके पति हैं : रेवती
आप के रक्त में एचआईवी पॉजिटीव पाया जाता है तो आप क्या क्या कर सकते है ?
एड्स पीड़ितों में कापोसी सरकोमा, लिम्फोमस टाइप का कैंसर आम तौर पर देखने में आता है।
एड्स का यह भयावह रूप किस तरह पूरी दुनिया में फैला यहां आईए देखें ..
एक अध्ययन में पाया गया है कि अंधिकांश लोग एड़स को घातक नहीं मानते और उनका विश्वास है कि इस बीमारी पर रोकथाम लगाई जा सकती है।
एड्स वायरस 1960 के दशक में हैती में था और कुछ सालों में अमेरिका पहुंचा।
फिल्मी चरित्र मुन्नाभाई से प्रेरित सामाजिक कार्यकर्ताओं के समूह ने यहां एचआईवी/ एड्स के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है।
न्यूगिनी द्वीप में एड्स की आशंका के चलते परिजनों को जिंदा दफनाया जा रहा है।