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महिलाओं में एड्स के लिए पुरुष जिम्मेदार : रेवती

मुंबई.Revathy Menonएड्स पर जागरुकता के लिए बॉलीवुड ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और कुछ बेहतरीन फिल्मों का निर्माण भी इस विषय पर हो रहा है। ऐसी ही एक फिल्म दर्शकों को देखने को मिली थी फिर मिलेंगे इस फिल्म का निर्देशनरेवती मेनन ने किया था। इस फिल्म में महिला समाज की स्थिति का सटीक चित्रण किया गया था जिसमें एक महिला को एचआईवी उसके पति की गलतियों की वजह से मिलता है। फिल्म में भारत में एड्स की दशा और दिशा के साथ ही महिलाओं की उस स्थिति को भी दर्शाया गया था जिसमें महिलाएं अपने पति की गलतियों का दंश भुगत रही हैं। फिल्म की निर्देशिका रेवती मेनन से एड्स की समस्या और उसके समाजिक पहलुओं पर भास्कर डॉट कॉम संवाददाता राजेश यादव ने बात की।

एड्स से जुड़े मसले पर फिर मिलेंगे जैसी फिल्म बनाने का विचार कैसे आया ?

देखिए, मैं दस-बारह सालों से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हूं और मैंने समाज में ऐसे बहुत से लोगांे को देखा है, जो इस बीमारी की चपेट में आए हैं। इस फिल्म को बनाने के पीछे जो सबसे बड़ी बात थी वो यह कि मेरे पास एक बेहतर कहानी थी जिसके द्वारा मैं जो कहना चाहती थी या जो लोगों को बताना चाहती थी वो बातें बताई जा सकती थी। फिल्म के प्रोड्यूसर शैलेंद्र सिंह ने एड्स जैसे विषय पर फिल्म बनने में सहमती जताई। मैं हॉलीवुड की फिल्म फिल्डेल्फिया से प्रभावित थी इसलिए मैंने फिर मिलेंगे जैसी फिल्म का निर्देशन करने का फैसला किया। फिल्म के माध्यम से एड्स के विभिन्न पक्षों को मैं लोगों के सामने लाना चाहती थी ।

Revathy Menonलेकिन फिल्म में तो आपने एड्स का एकपक्षीय रूप ही दिखाया है। ऐसा लगता है कि एड्स केवल सेक्स सबंधों के कारण ही फैलता है। लेकिन आप जानती हैं कि सच केवल इतना भर नहीं है ?

यह सही है कि एड्स सेक्स संबधों के अलावा रक्त और अन्य कारणों से भी फैलता है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि हमारे देश में ७0 से ८0 प्रतिशत मामलों में एड्स के फैलने का कारण मात्र सेक्स संबंध ही है। दरअसल हमारा समाज सेक्स पर बात करना ही नहीं चाहता। मैंने फिल्म बनाने से पहले जो एड्स पर रिसर्च की थी उसके आधार पर यह कह सकती हूं कि भारत में महिलाओं में एड्स फैलने की मुख्य वजह उनके पति हैं जिनके कारण वे एड्स का शिकार हो रही हैं।

तो आप यह कहना चाहती हैं कि महिलाओं में एड्स के फैलाव के लिए पुरुष वर्ग ही जिम्मेदार है ?

जी बिल्कुल! महिलाओं में उनके पतियों के कारण एड्स फैल रहा है। दरअसल हमारे समाज में हर बात के लिए औरत को दोषी ठहराया जाता है, लेकिन यह सच नहीं है। समाज में हम सेक्स पर बात करने से डरते हैं, जबकि यह कड़वी सच्चई है कि भारत में लगभग 70 से 80 प्रतिशत पुरुषों के विवाहेत्तर संबंध होते हैं। ऐसे लोग भी हैं जिनके संबंध घर के बाहर 2 से 3 महिलाओं से होते हैं। लेकिन हमारा समाज इन पर परदा डालता है ।

तो आप यह कहना चाहती हैं कि भारतीय समाज में 70 प्रतिशत पुरुषों के विवाहेत्तर सबंध भी होते हैं, जिसके कारण यह रोग फैल रहा है ?

यह हमारे समाज की एक हकीकत है जिससे हम बचना चाहते हैं। दक्षिण अफ्रीका के बाद भारत में एड्स तेजी से फैल रहा है। इस रोग तथा सेक्स से जुड़ी हुई बातों पर हमारे समाज में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। मैं एक ऐसे लड़के को जानती हूं जिसने यह जानते हुए भी कि वह एड्स पीड़ित है, एक लड़की से विवाह किया और शादी के 15 माह बाद उसकी मौत हो गई। आज वह लड़की एचआईवी से पीड़ित है और इसका कारण उसका पति है। आज वह लड़की अन्य एचआईवी पीड़ित दूसरे रोगियों की मदद कर रही है और उसने एक अन्य एचआईवी ग्रस्त पुरुष से विवाह भी कर लिया है। लेकिन उसकी जिंदगी तो खराब हो गई ना ।

इस स्थिति से बचने के लिए क्या किया जाना चाहिए ?

मैं मानती हूं कि समाज में जब किसी की शादी हो तो उस वक्त जाति और धर्म के बजाय रक्त जांच को अनिवार्य कर देना चाहिए, इससे समाज का कुछ भला हो सकेगा। इसके साथ ही समाज में सेक्स से जुड़े मसलों पर खुली बातचीत होनी चाहिए ।

भारत सरकार स्कूलों में सेक्स शिक्षा देने पर विचार कर रही है। क्या यह सही है? और इससे कुछ फर्क पड़ेगा ?

जी बिल्कुल! मैं इसका समर्थन करती हूं और ऐसा किया जाना चाहिए। इससे तात्कालिक तो नहीं लेकिन भविष्य में काफी फायदा हो सकता है। हमारे देश में कामसूत्र जैसे ग्रंथ की रचना हुई जिस पर लोग गर्व करते हैं तो फिर सेक्स एजुकेशन पर हाय तौबा मचाने की क्या जरूरत। इससे फायदा ही होगा ना कि नुकसान ।

आप ने जिस उद्देश्य को लेकर फिल्म बनाई थी और जो बात आप फिर मिलेंगे के माध्यम से कहना चाहती थीं क्या वह पूरा हुआ ?

दरअसल हमारे समाज में जो बात डॉक्टर बोलता है उसे लोग जल्दी नहीं सुनते पर जब माधुरी या शाहरूख जैसे बॉलीवुड के कलाकार बालते हैं तो दर्शक उसे समझते है। मैंनें फिल्म के माध्यम से एड्स के बारे में बताने का प्रयास किया था। मैं सत्य को बताना चाहती थी और मैं अपनी फिल्म से खुश हूं ।मैं फिल्म के प्रोडच्यूसर शैलेंद्र सिंह, कलाकार सलमान और शिल्पा शेट्टी समेत फिल्म की पूरी युनिट का धन्यवाद देती हूं जिनके कारण यह फिल्म बन सकी ।



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