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मौत के सफर में मितवा की तलाश

सीकर. उन्हें तलाश है पॉजिटिव हमसफर की। जिसके साथ जीवन की खुशी और गमों को बांट सके। मौत के सफर में हमसफर की तलाश में मदद की शुरुआत होगी एचआईवी पॉजिटिव शेखावाटी से। इसके लिए सरकारी और निजी चिकित्सकों ने मिलकर अनूठी पहल का बीड़ा उठाया है। जल्द ही एचआईवी पॉजिटिव कुंवारे युवक-यवतियों का रिकार्ड बनाकर विवाह के लिए इच्छुक जोड़ों को मिलाने की पहल होगी। इसके लिए पैथालाजिस्ट डॉ. राजीव शर्मा ने अपनी निजी वेबसाइट बनाकर उसमें लिविंग टुगेदर विद् एचआईवी कांस्पेट रखने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि जल्द ही वो प्रदेश और दूसरे राज्यों के चिकित्सकों से इस बारे में संपर्क कर नया डाटा बैंक बनाएंगे।

इसके अलावा एसके अस्पताल में कार्यरत डॉ. एमएस बाटड़ का कहना है कि अविवाहित पीड़ित की पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर उसे किसी भी हाल में एचआईवी नेगेटिव से विवाह नहीं करने की सलाह दी जाती है। फिलहाल एड्स पखवाड़े के तहत इस सलाह को और अधिक विस्तृत करने की कार्य योजना बनाई जा रही है। जिसमें अविवाहित युवक-युवतियों का अलग से रिकार्ड रखे जाने की योजना भी शामिल है।

इधर डॉ. शर्मा का कहना है कि शेखावाटी में करीब डेढ़ सौ अविवाहित युवक-युवतियों के एचआईवी पाजिटिव होने की जानकारी मिली हैं, बहुत से ऐसे भी हैं जिन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में विवाह से पहले डायग्नोज होने की स्थिति में युवक को नार्मल जीवन साथी के बजाय पाजिटिव की ही तलाश रहती है। समाज के भय के कारण वह अपनी मंशा नहीं बता पाता। इसलिए उनकी समस्या के समाधान के लिए वेबसाइट और काउंसलिंग सेंटर खोला जाएगा।

* पीड़ित अविवाहित युवक-युवतियों का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश और देशभर के चिकित्सकों और एनजीओज् से संपर्क कर जानकारी जुटाई जाएगी। विवाह के इच्छुक लोगों के लिए अलग से रिकार्ड बनाकर जीवन साथी बनाने की पहल होगी। पीड़ित को मानसिक संबल मिले और संक्रमण की चपेट में दूसरा नहीं आ सके।
डॉ. राजीव शर्मा

* अक्सर युवक-युवतियां भी टेस्ट कराने आते थे। पॉजिटिव होने पर उन्हें सामान्य महिला-पुरुष से शादी नहीं करने की सलाह दी जाती थी। फिलहाल एड्स पखवाड़े के तहत ऐसी कई जानकारियां जुटाकर रिकार्ड बनाया जाएगा।
डॉ. एमएस बाटड़

* बीमारी से ज्यादा पीड़ित अपने गिरते मनोबल से डरता है। जीवन साथी भी जब उसी दौर से गुजर रहा है तो हालात से लड़ने में काफी मदद मिलती है। ये पहल पीड़ितों के लिए नई उम्मीद पैदा करेगी।
- डॉ. पीके चतुर्वेदी, कार्यवाहक पीएमओ





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