देव आनंद और सुरैया के बीच प्रेम-प्रसंग न केवल चर्चित रहा बल्कि उनके बीच एक आत्मिक रिश्ता भी रहा। दोनों ने साथ में छह फिल्मों में काम किया। एक गीत की शूटिंग के दौरान सुरैया की नाव दुर्घटना की शिकार हुई और देव ने उन्हें डूबने से बचाया। कहा जाता है कि दोनों के प्रेम की शुरुआत यहीं से हुई लेकिन सुरैया की नानी ने उनकी शादी से इंकार कर दिया। प्रेम की गहराई यह थी कि फिर सुरैया ने जिंदगी भर शादी नहीं की।
- देव आनंद उन कुछ फिल्मी शख्सियतों में हैं जो राजनीति के प्रति न केवल जागरूक रहे बल्कि सक्रिय भी रहे। इमरजेंसी के दौरान एक देव आनंद थे जिन्होंने फिल्मों से जुड़े व्यक्तित्वों की अगुवाई की और देश में आपातकाल घोषित किए जाने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विरोध में आवाज बुलंद की। एक तरफ फिल्म उद्योग के कुछ ही लोग यह हिम्मत कर रहे थे और दूसरी तरफ देव आनंद लगातार गांधी के खिलाफ अभियान चला रहे थे।
- देव आनंद अपनी फिल्मों में सामाजिक संदर्भो से जुड़े ताजा विषयों को उठाने के लिए भी जाने जाते रहे। फिर चाहे वह, धर्म स्थलों की आड़ में पनप रहे अपराध पर आधारित हरे राम हरे कृष्ण हो या क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता से प्रेरित अव्वल नंबर, उनकी कई फिल्में अनछुए विषयों पर नए दृष्टिकोण को उजागर करती रहीं।
- चार बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने वाले देव आनंद को 2000 में इंडो-अमेरिकन एसोसिएशन ने सिलिकन वैली, कैलिफोर्निया में स्टार ऑफ द मिलेनियम के सम्मान से नवाजा। इसके अलावा इसी साल तत्कालीन पहली अमेरिकी महिला हिलेरी क्लिंटन ने भी उन्हें सम्मानित किया।
|