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धन तेरस पर विशेष
आज यानी बुधवार को धनतेरस है। आज प्रात: सूर्योदय से लेकर 9 बजे तक लाभ अमृत का चौघड़िया है। 7.16 प्रात: से 9 बजे तक स्थिर वृश्चिक लग्न है। इस समय भगवान धन्वंतरि की एवं धनधान्य का पूजन करते हुए स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना करना स्थिर लाभ का सूचक है। इसके पश्चात 10.30 से 12 बजे दिन में भी शुभ चौघड़िया में यह पूजन किया जा सकता है एवं स्वर्ण-चांदी क्रय की जा सकती है।
प्रदोष काल जो कि वृषभ लग्न के साथ सायं शुभ चौघड़िया युक्त 7.30 से 8.00 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। इस बेला में धनतेरस की पूजन आस्था करना उत्तम रहेगा। रात्रि 10.30 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा। इस बेला तक पूजन की जा सकती है एवं उक्त तीनों मुहूर्तो में धनधान्य क्रय किया जा सकता है। स्वर्ण आभूषण, बर्तन, रत्न एवं भगवान की मूर्तियां जो कि स्वर्ण या चांदी की धातु की बनी होती हैं। जन सामान्य द्वारा क्रय की जाती हैं।