HomeSpotlightDussehra Dussehra

भारत भर में दशहरा उत्सव

दशहरा उत्सव न सिर्फ मध्य भारत और बंगाल में मनाया जाता है बल्कि यह उतने ही जोश और उल्लास से देश के अन्य राज्यों और यहां तक दूसरे देशों में भी मनाया जाता जहां प्रवासी भारतीय रहते हैं।

देश के दक्षिण राज्य तमिलनाडुए आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दशहरा नौ दिनों का मनाया जाता है जिसमें तीन देवियां लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा को समान दिनों में बांट कर पूजा करते हैं। पहला तीन दिन देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है जोकि धन और समृद्धि की प्रतीक हैं। अगला तीन देवी सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है जो कला और विद्या की देवी हैं और अंतिम दिन देवी दुर्गा की स्तुति की जाती है जो शक्ति की देवी हैं। जिस जगह पर इन देवियों को विराजमान किया जाता हैं वहां अच्छी तरह फूलों और दीपकों से सजाया जाता है। लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और अपने साथ ऑफिस में काम करने वाले सहकर्मी के घर जाकर एक दूसरे को तोहफा में मिठाइयां, कपड़े देते हैं। यहां दशहरा बच्चों के लिए शिक्षा या कोई भी नया कार्य जैसे क्लासिक संगीत और डांस सीखने के लिए शुभ समय होता है।

पंजाब में दशहरा नवरात्रि के दौरान नौ दिन का उपवास रखकर मनाते हैं जबकि गुजरात में गरवा डांस ही इस पर्व के माहौल को तैयार करता है। मर्द और औरत दो छोटे डंडे को संगीत की थाप पर आपस में टकराते है और एक लैंप के चारों ओर घूमघूम कर डांस करते हैं। कभी कभी भक्ति संगीत के साथ देवी को श्रद्धा देने के वास्ते भी इस डांस को जोड़ दिया जाता है और दशहरा को खुशी खुशी मना लेते हैं।

उत्तर भारत में दशहरा अच्छाई की भावना से मनाया जाता है और इसके साथ परंपरागत रामलीला का मंचन होता है। रामलीला भगवान राम की जीवन को नाटक के रूप में दिखाया जाता है। इस शो का मुख्य आकर्षण भगवान राम द्वारा रावण का नाश और 14 सालों बाद लक्ष्मण और सीता के साथ अयोध्या की वापसी ही होता है।

हिमाचल प्रदेश में दशहरा त्योहार पर पहाड़ी लोग अपने ग्रामीण देवता का धूम धाम से जुलूस निकाल कर पूजन करते हैं। देवताओं की मूर्तियों को बहुत ही आकर्षक पालकी में सुंदर ढंग से सजाते हैं। साथ ही वे अपने मुख्य देवता रघुनाथ जी की भी पूजा करते हैं। प्रशिक्षित डांसर पूरे जुलूस के दौरान नटी डांस करते हैं।

मैसूर में दशहरा के दौरान पूरे शहर की गलियों को रोशनी से रौशन किया जाता है और हाथियों का श्रंगार कर एक भव्य जुलूस निकाला जाता है जो पूरे शहर में घूमता है। इसके साथ ही यह शहर टार्च लाइट और डांस और संगीत की शोभा यात्रा का आनंद उठाता है।

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा ही दशहरा उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह बंगालियों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पूरे राज्य में पांच दिनों के लिए मनाया जाता है। यहां देवी दुर्गा को भव्य सुशोभित पंडालों विराजमान किया जाता है। यहां दुर्गा माता की मूर्ति तैयार करने के लिए देश से नामी कलाकारों को बुलाया जाता है। त्योहार के दौरान शहर में छोटे मोटे स्टाल भी मिठाईयों से पट जाते हैं। यहां मेहमानों का स्वागत पारंपरिक मिठाई और उपहारों से किया जाता है।

गुजरात में माटी का सुशोभित रंगीन घड़ा माताजी का प्रतीक माना जाता है और इसको कुंवारी लड़कियां सिर पर रखकर एक लोकप्रिय नृत्य करती हैं जिसे गरबा कहा जाता है। गरबा नृत्य एक खास अंदाज में किया जाता है जिसमें लड़कियां परस्पर अपने हाथों को टकराकर या सजे धजे डंडों को टकराकर एक मधुर ध्वनि निकालती हैं। इस पूरे नृत्य के क्रम में शक्ति प्रदान करने वाली परंपरागत धुनें बजती रहती हैं। पूजा और आरती के बाद दांडिया रास का आयोजन पूरी रात होते रहता है जो गुजरात का सामुदायिक डांस माना जाता है। नवरात्रि के दौरान सोने और गहनों की खरीद को शुभ माना जाता है।

महाराष्ट्र में नवरात्रि का नौ दिन मां दुर्गा को समर्पित रहता है जबकि दसवें दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की वंदना की जाती है। इस दिन विद्यालय जाने वाले बच्चे अपनी पढ़ाई में आशीर्वाद पाने के लिए मां सरस्वती के तांत्रिक चिन्हों की पूजा करते हैं। किसी भी चीज को प्रारंभ करने के लिए खासकर विद्या आरंभ करने के लिए यह दिन काफी शुभ माना जाता है। महाराष्ट्र के लोग इस दिन शादियों का आयोजन रखते हैं, गृहप्रवेश करते हैं या नया घर खरीदते हैं।

कश्मीर के हिंदु अल्पसंख्यक नवरात्रि के पर्व को काफी श्रद्धा से मनाते हैं। परिवार के सारे वयस्क सदस्य नौ दिनों तक सिर्फ पानी पीकर उपवास पर रहते हैं। बहुत ही पुरानी परंपरा के अनुसार नौ दिनों तक लोग माता खीर भवानी के दर्शन करने के लिए जाते हैं। ये मंदिर एक झील के बीचोबीच बना हुआ है। ऐसा माना जाता है कि देवी ने अपने भक्तों से कहा हुआ है कि यदि कोई अनहोनी होने वाली होगी तो सरोवर का पानी काला हो जाएगा। कहा जाता है कि इंदिरा गांधी की हत्या के ठीक एक दिन पहले और भारत पाक युद्ध के पहले यहां का पानी सचमुच काला हो गया था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: