bhaskar Web English
HomeSpotlightDussehra Dussehra

दशहरा की पौराणिक कथाएं

दशहरा पर्व से जुड़ी एक अन्य कहावत के अनुसार देवी दुर्गा ने भैंस असुर अर्थात महिसाहसुर का वध किया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार महिसासुर के एकाग्र ध्यान से बाध्य होकर देवताओं ने उसे अजय होने का वरदान दे दिया। महिसासुर को वरदान देने के बाद देवताओं में भय व्याप्त हो गया कि वह अब अपनी शक्ति का गलत प्रयोग करेगा। प्रत्याशित प्रतिफल स्वरूप सर्व शक्तिमान भैंस असुर महिसासुर ने नरक का द्वार स्वर्ग के द्वार तक खींच दिया और उसके इस विशाल रियासत को देख देवता विस्मय की स्थिति में आ गए। तब महिसासुर के इस दुस्साहस से क्रोधित होकर देवताओं ने देवी दुर्गा की रचना की। ऐसा माना जाता है कि देवी दुर्गा के निर्माण में सारे देवताओं का एक समान बल लगाया गया था। महिसासुर से का नाश करने के लिए सभी देवताओं ने अपने अपने अस्त्र देवी दुर्गा को दिए थे और कहा जाता है कि इन देवताओं के सम्मिलित प्रयास से देवी दुर्गा और बलवान हो गईं थी।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: