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दॆश की कुछ प्रसिद्ध‌ रामलीला

रामलीला में रामायण का स्वरूप पूरी तरह रामचरित्रमानस पर आधारित है, जोकि उत्तर भारत में कथा कहने का एक बहुत ही प्रचलित माध्यम है। रामलीला का मंचन पूरे उत्तर भारत में प्रत्येक वर्ष पारंपरिक कैलेंडर के अनुसार सितंबर और अक्टूबर माह में दशहरा पर्व के दौरान होता है। रामलीला के प्रमुख प्रतिनिधि इस प्रकार हैं:

1. चित्रकुट रामलीला: यह रामलीला प्रत्येक साल पांच दिन फरवरी के अंतिम सप्ताह में चित्रकुट पर महाशिवरात्रि की शुरूआत से मानया जाता है। ऐसा विश्वास है कि भरत मिलाप और मुख्य लीला के दौरान जो भगवान राम की भूमिका निभा रहे थे उनमें स्वयं भगवान राम की स्पष्ट छवि नजर आई। इस दृश्य को दर्शकों के आंखों में आंसू आ जाते हैं।

2. वाराणसी रामलीला: रामलीला का त्योहार वाराणसी में बढ़े ही जोश के साथ मनाया जाता है। यहां झांकी और नुमाइश के द्वारा भगवान राम के जीवन का चित्रांकन किया जाता है। वाराणसी में रामलीला के कुछ भाग बड़े ही रोचक होते हैं।

3. रामनगर रामलीला: वाराणसी से 15 किलोमीटर दूर रामनगर में काशी के महाराज ने रामलीला का प्रारंभ परंपरागत तरीके से शुरू करवाया था। यह रामलीला 31 दिनों का चलता है जिसमें विस्तृत संवाद को प्रभावशाली ढंग से उच्चरण किया जाता है।

4. इलाहाबाद दशहरा: इलाहाबाद का दशहरा अपने आप में एक अनूठा दशहरा है। यहां दशहरा खत्म होने के चार दिन पूर्व एक चौकी को सुंदर तरीके से श्रंगार कर शाम को राम मंडलों के साथ एक जुलूस निकाल शहर के विभिन्न भागों में घूमते हैं।

5. अयोध्या का रामलीला: अयोध्या मंडली रामलीला के पूरे देश भर में प्रसिद्ध है। एक विशाल स्टेज बनाकर संवाद को गाने के माध्यम से बोला जाता है और इसके साथ ही कथक डांस के द्वारा भी रामकथा का वर्णन होता है।

6. कुमाऊंनी रामलीला: दशहरा का त्योहार कुमाऊं में बड़े ही शान से मनाया जाता है। शहर में अनेकों रामलीला में भगवान राम का रावण पर जीत का वर्णन होता है। अलमोड़ा में दशहरा भी एक अलग ही अंदाज में मनाया जाता है। यहां लोग भगवान, हीरो और दुष्ट आत्मा का एक अनोखा जुलूस निकाल कर गलियों में प्रदर्शन करते हैं।





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