HomeSpotlightGandhi Gandhi Jayanti
बापू एक विचार थे जिसे किसी मुहर की जरूरत न थी, न है और 70 साल बाद अब नोबेल कमेटी को भी अक्ल आ गई है कि अगर महात्मा को सम्मानित करते तो नोबेल की खुशनसीबी होती। अब हमारा फर्ज है कि दुनिया जिस धरोहर के लिए भारत की कायल हो रही है उसे सहेजा जाए यानी गांधीत्व का गांधीवाद होना ठीक है लेकिन गांधीगीरी से गांधीगर्दी तक न पहुंचा जाए..गांधी जयंती विशेष : भवेश दिलशाद
गांधी जीवन की झांकी
महात्मा गांधी के जीवन और प्रभाव को उकेरते चुनिंदा चित्र।
अंतत: अहिंसा की जीत
शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से महात्मा गांधी को सम्मानित न किए जाने पर नोबेल फाउंडेशन ने अफसोस जताते हुए कहा है कि यह नोबेल पुरस्कार की बदनसीबी है।
गांधी ब्रांड चलता है भाई
गांधी एक ब्रांड हैं। क्रिकेट और बॉलीवुड के बाद सबसे ज्यादा असरदार शब्द है गांधी। गांधी से जुड़ाव का मतलब ही है कि आप महात्मा की बिरादरी के हैं, बेशक महात्मा न हों।
विकास का मॉडल ही गलत
तुषार गांधीकुछ बेंटले चला रहे हैं, कुछ बैलगाड़ी पर हैं। पहला वर्ग सीमित है, दूसरा तेजी से बढ़ रहा है, कहते हैं महात्मा के पड़पोते तुषार।
रुपहले परदे पर गांधी की आंधी
पिछले तीन सालों में चार फिल्में आ चुकी हैं जो गांधीवाद या महात्मा से प्रेरित हैं। काबिले-गौर यह है कि इन चारों ही फिल्मों को सफलता मिली है।
पोस्टर्स में गांधीजी की जीवनयात्रा
(गांधीसर्व फाउंडेशन से साभार)
भारत के पहले फैशन डिजायनर थे गांधी
डाक टिकटों में महात्मा गांधी की जीवनकथा
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(टॉपिकल फिलेटली से साभार)