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Indian Premier League Indian Premier League नई दिल्ली.
आईपीएल ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट जहां कई खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हुआ है वहीं यह राहुल द्रविड़ जैसे प्रतिष्ठित क्रिकेटर के लिए क्रूर भी बन गया है। द्रविड़ को आईपीएल टूर्नामेंट में अपनी टीम बेंगलूरु रॉयल चैलेंजर्स के मालिक विजय माल्या से जैसी कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी है वह उन जैसे महान खिलाड़ी के लिए काफी अपमानजनक है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष शरद पवार ने टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज जीतकर स्वदेश लौटने के बाद उसके स्वागत समारोह में कहा था कि जीत के साथ-साथ हार को भी खेल भावना से लेना चाहिए और हारने परखिलाड़ियों पर भड़कना नहीं चाहिए। लेकिन लगता है कि विजय माल्या इस खेल भावना को भूल गए। तभी उन्होंने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारु शर्मा को हटाया और द्रविड़ की यह कहकर आलोचना की कि उन्होंने अपनी पसंद की टीम नहीं चुनने दी।
बेंगलूरु टीम आईपीएल में अपने नौ मैचों में से सात हारकर अंक तालिका में सबसे नीचे है। द्रविड़ ने भी एक समय अपनी टीम के लगातार खराब प्रदर्शन से खिन्न होकर कप्तानी छोड़ने की पेशकश की थी लेकिन तब माल्या ने एक बयान जारी कर द्रविड़ और टीम में पूरा विश्वास व्यक्त किया था। मगर अब माल्या की आलोचना ने यह साबित कर दिया है कि वे विशुद्ध बिजनेसमैन हैं जिन्हें हारना पसंद नहीं है।
टेस्ट और एकदिवसीय दोनों तरह की क्रिकेट में दस-दस हजार रन बनाने वाले द्रविड़ को रॉयल चैलेंजर्स के खराब प्रदर्शन के लिए अकेले दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने जो खिलाड़ी चुने थे वे किसी लिहाज से खराब नहीं कहे जा सकते। जैक्स कैलिस दुनिया के चोटी के ऑलराउंडर हैं। मार्क बाउचर सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर हैं व डेल स्टेन की गिनती दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में होती है।
शिवनारायण चन्द्रपाल वेस्ट इंडीज के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। जहीर खान शानदार गेंदबाज हैं जबकि प्रवीण कुमार अच्छे ऑलराउंडर है। विराट कोहली अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान हैं। अनिल कुंबले सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर हैं तथा मिस्बाह उल हक मध्यक्रम के शानदार बल्लेबाज हैं। लेकिन यदि ऐसे खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाएं तो अकेले कप्तानको दोषी नहीं ठहराया जा सकता। टीम के पास वेंकटेश प्रसाद जैसा गेंदबाजी कोच और मार्टिन क्रो जैसा दिग्गज खिलाड़ी मुख्य क्रिकेट अधिकारी के रूप में है। द्रविड़ ने अपनी तरफ से कोशिश की है मगर उनके खिलाड़ी समन्वित प्रयास नहीं कर पाए हैं।