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लता मंगेशकर, सिर्फ नाम ही काफी है। एक आवाज जो पिछले 60—65 सालों से न केवल कानों में बल्कि रूह तक गूंज रही है। 28 सितंबर को इस जादुई सुर का 79वां जन्मदिन है लेकिन यह सिर्फ कमबख्त वक्त का कुसूर है जो ठहरता नहीं वरना कौन कह सकता है कि इस मखमली आवाज की उम्र इतनी हो चली है। वैसे, कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो याद रह जाती हैं और कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो एक चेहरा बनकर या कभी एक मुकम्मल पहचान बनकर एक एहसास बन जाया करती हैं। और खुद लताजी कह चुकी हैं ‘नाम गुम जाएगा, चेहरा ये बदल जाएगा.. मेरी आवाज ही पहचान है गर याद रहे..’ बेशक याद रहेगी, आने वाले सारे दौर महफूज भी रखेंगे और चाहते रहेंगे दिल से..

[संपादन एवं संयोजन : भवेश दिलशाद]

बेटी तूने मुझे रुला दिया! -पंडित जवाहरलाल नेहरू, (ऐ मेरे वतन के लोगों.. सुनने के बाद)
कमबख्त! गलती से भी कभी बेसुरा नहीं गाती.. वाकई उस्तादों की उस्ताद है। उस्ताद बड़े गुलाम अली खान (शास्त्रीय गायक)
पड़ोसी मुल्क के मेरे दोस्त कहते हैं कि उनके मुल्क में सब कुछ है जो हिंदोस्तान में है, बस दो चीजें नहीं हैं एक तो ताज और दूसरी लता मंगेशकर। बेशक सहस्राब्दि की आवाज लताजी ही हैं। अमिताभ बच्चन (अभिनेता)
लताजी के बारे में मशहूर और कामयाब हस्तियों ने जो कुछ कहा है, वह सब बेशक सही है और यह काबिले-गौर है कि संगीत, फिल्म और कला के क्षेत्र में दखल रखने वाली हस्तियों ने उन्हें किस आईने में उतारा है। जानिए लताजी को किसने किन अलफाज में ढाला.. पढ़ें...
लता मंगेशकर - जिंदगी का सफर

महाराष्ट्र में एक थिएटर कंपनी चलाते थे मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर। लता उनकी सबसे बड़ी बेटी हैं। उनका जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर मंे हुआ।

एक तरफ भारत छोड़ो आंदोलन शीर्ष पर था और ऐसे में दीनानाथजी के देहांत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी 13 साल की लता पर आ गई। उस्ताद अमानत खान और अमान अली खान से संगीत की शिक्षा ले रही छोटी सी लता ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए सबसे पहले एक मराठी फिल्म किती हासिल में गाना गाया। हालांकि यह फिल्म में शामिल नहीं किया गया।

उसके बाद धीरे-धीरे भारत आजाद होने के बाद लताजी फिल्मों में निरंतर गाने लगीं और आपकी सेवा में पहली हिंदी फिल्म थी जिसमें उन्होंने गाने गाए लेकिन इस फिल्म की कोई चर्चा नहीं हुई। फिर 1949 में बरसात, दुलारी, महल और अंदाज इन चार फिल्मों से लताजी का सितारा जो चमका तो आज तक फीका न पड़ा।

ओपी नैयर के अलावा हर सफल और बड़े संगीतकार के साथ काम करने वाली लताजी तकरीबन हर संगीतकार की पहली पसंद ही रहीं। लाखों से करोड़ों श्रोताओं के दिल में एक मासूम सा मुकाम बनाने वाली लताजी को देश के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न और फिल्म जगत के सबसे बड़े सम्मान दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

गायन से इतर लताजी :
लताजी ने गायन से अलग कुछ और करने के लिए भी अपनी रचनात्मकता का उपयोग किया। उन्होंने शुरुआती समय में कुछ फिल्मों में अभिनय किया। बतौर संगीत निर्देशक भी उन्होंने मराठी फिल्मों में अपनी भूमिका बनाए रखी। फिल्मों से उनके जुड़ाव का एक और सबूत यह है कि उन्होंने चुनिंदा फिल्मों का निर्माण भी किया। पढ़ें...
लताजी से जुड़े कुछ विवाद :
सफलता के साथ विवादों का चोली-दामन का साथ होता है या यूं भी कहा जाता है कि सफल लोगों के पीछे बहुत से असफल किस्से होते हैं। लताजी भी इस तरह के विवादों से बच नहीं सकीं।

समय-समय पर उनके साथ कुछ विवाद, कुछ अफवाहें या फिर कुछ ऐसी बातें जुड़ती रहीं जो उन्हें सुर्खियों में तो ले आईं लेकिन उनकी छवि के न तो अनुकूल रहीं और न ही उनकी छवि के लिए कोई खतरा बन सकीं। पढ़ें...

लताजी से जुड़ी कुछ और रोचक बातें :
मशहूर शास्त्रीय गायक कुमार गंधर्व ने एक बार लिखा था कि लता अच्छा गाती हैं लेकिन वे करुण रस के साथ न्याय नहीं कर पातीं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी आवाज की पिच कुछ ज्यादा ही ऊंची है। पढ़ें...
लताजी की पसंद :

साहित्य

खलील जिब्रान, चेखव और टॉलस्टॉय की पुस्तकें
शास्त्रीय गायक बड़े गुलाम अली खान और अमीर खान
पाश्र्वगायक केएल सहगल और नूरजहां
फिल्ममेकर्स गुरुदत्त, बिमल रॉय और सत्यजीत रे
फिल्में पड़ोसन, गॉन विद द विंड, लाइमलाइट और टाइटैनिक
संगीतकार मदन मोहन, सलिल चौधरी और जयदेव
गीतकार शैलेंद्र, साहिर, मजरूह, नीरज और नक्श लायलपुरी
खेल क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस
भोजन कोल्हापुरी मटन और फ्राई फिश
रुचि फोटोग्राफी और कुकिंग
शहर मुंबई, न्यूयॉर्क
Former President of India and Lata Ji
लता को भारत रत्न से सम्मानित करते तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन।| फोटो गैलरी
लताजी के टॉप-20 गीत :
30 हजार से ज्यादा नगमों को अपनी आवाज से सजाने वाली लताजी के गाए हुए गीतों में सबकी अपनी-अपनी पसंद है। यूं तो कोई भी उनके 20 बेहतरीन नगमे नहीं छांट सकता लेकिन फिर भी जिन नगमों ने झंडे गाड़े हैं, ऐसे चुनिंदा 20 गीत ये माने जा सकते हैं :
1. आएगा आएगा आएगा आने वाला.. (महल)
2. कहीं दीप जले कहीं दिल.. (बीस साल बाद)
3. तुम्हीं मेरे मंदिर.. खानदान
4. अल्लाह तेरो नाम.. हम दोनों
5. बीती न बिताई रैना.. परिचय
6. रूठे-रूठे पिया.. कोरा कागज
7. यारा सीली-सीली.. लेकिन
8. ये जिंदगी उसी की है.. अनारकली
9. रंगीला रे.. प्रेम पुजारी
10. चलते-चलते यूं ही कोई.. पाकीजा
11. कोयल बोली दुनिया डोली.. सरगम
12. परदेसिया.. मिस्टर नटवरलाल
13. जब प्यार किया तो डरना क्या.. मुगल-ए-आजम
14. तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा.. आंधी
15. नाम गुम जाएगा.. किनारा
16. सलाम-ए-इश्क.. मुकद्दर का सिकंदर
17. तेरे बिना जिया जाए ना.. घर
18. खिलते हैं गुल यहां.. शर्मीली
19. इन्हीं लोगों ने ले लीना.. पाकीजा
20. ऐ मेरे वतन के लोगों..