मुंबई. लता मंगेशकर ने गायन में तो जिंदगी समर्पित कर ही दी लेकिन वे अपनी रचनात्मकता समय-समय पर अन्य क्षेत्रों में भी इस्तेमाल करती रहीं।
संगीत :लताजी ने सबसे पहले 1955 में राम राम पाह्वणो फिल्म के लिए संगीत दिया था और इसके बाद 60 के दशक में उन्होंने इन मराठी फिल्मों में संगीत दिया :- मराठा तितुका मेÝवावा : 1963- मोहित्यांची मंजुत्त : 1963- साधि माणसे : 1965- तांबड़ी माती : 1969लताजी को महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा साधि माणसे फिल्म के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का अवॉर्ड भी दिया गया था।
अभिनय :लताजी ने शुरुआती फिल्मी सफर में नौ मराठी-हिंदी फिल्मों में अभिनय भी किया :- पहिली मंगत्तगौर : 1942- चिमुकला संसार : 1943- माझे बाÝ : 1943- गजाभाऊ : 1944- बड़ी मां : 1945- जीवन यात्रा : 1946- सुभद्रा : 1946- मंदिर : 1948- छत्रपति शिवाजी : 1952वर्ष 2000 में पुकार फिल्म में लताजी एक गीत गाती हुई दिखाई दीं।
निर्माता :लता मंगेशकर ने एक मराठी और तीन हिंदी फिल्मों का निर्माण भी किया :- वाडÝ : 1953- झांझर : 1953 (सी रामचंद्र के साथ सहनिर्माता)- कंचन : 1955- लेकिन : 1990