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कविता : वो बूढ़ी सी अम्मा

दौलत का चश्मा हैं सबको दिखता वक्त कीमती सस्ती हो गई अम्मा।

मुझे मिलना है मां! क्या मिलोगी?

मुझे मिलना है मां! क्या मिलोगी? मिलन की बाट जोहता .......

तुम्हारी यादों के सहारे हंसता मुस्कुराता रहता हूं

वो छुटपन की बातें , तुम्हारा प्यार दुलार सब मन के किसी कोने में कैद है।

खुद तो भूखी रही और मुझे खिलाया

कोई भी उपहार मां के कर्ज को नही उतार सकता है। बच्चों का प्यार मां को सब कुछ मिल जाने का ऐहसास दिला देती है।

मजदूर हाथों ने इंजीनियर बेटे

वह कभी स्कूल नहीं गई, सारी जिंदगी पत्थर तोड़ने में गुजर गई, पर आज उसका चेहरा गर्व से दमक रहा है।

मां तुझे सलाम

नमन है मांओं को जिन्होंने अपने बच्चों को दुनिया में कुछ अलग बनाने का प्रण किया।

मेरी मां मेरा पूरा संसार है : शुभी मेहता

मां का प्यार अनमोल है , मेरी मां मेरा पूरा संसार है : शुभी मेहता

बच्चों का कोई विकल्प नहीं

आज की मां अपने बच्चों के जीवन के प्रत्येक पहलू पर नियंत्रण रखना चाहती है जिससे वह तनावग्रस्त है।

मां तुम्हारे लिए

यह कहानी एक बेटी के संकल्प की कहानी है।

मां के दुलार भरे खत

भावनात्मक स्वीकारोक्ति के साथ अपने बच्चों को सम्बोधित करते मांओं के ढेर सारे पत्र हमें प्राप्त हुए।

मां से बेटीदूर कहां!

मां की गोद में नन्ही कली के आते ही उसकी दुनिया बदल जाती है।

डायरी

मां से स्नेह रखने वाले सारे रिश्तेदार भी एक-एक करके जा चुके थे

ओह, मां!

मां जैसे किसी छांव का नाम हो, जो जीवन की तपती धूप में मुझे राहत देती रही।

जननी जयगान

वीर सपूत को जन्म देने और उसकी शहादत को भी सगर्व धारण करने के लिए निश्चय ही मां में भी अद्भुत साहस व जीवट होना चाहिए।

मर्दस डे स्पेशल : खाना खजाना विशेष

पढ़े और बनाए स्पेशल दिन पर स्पेशल पकवान अपने हाथों से और मां के सामने पेश करें :

मातृत्व के इस सफर की कहानी, मांओं की जुबानी

रेणुका के शब्दों में ‘मां होने का एहसास बहुत अनोखा होता है।