नवरात्रि के दौरान उपवास किया जाता है और सूर्यास्त के बाद एक बार ही भोजन किया जाता है, इसलिए नवरात्रि रेसिपीज कुछ अलग हटकर होती हैं। इनका शाकाहारी होना एक आवश्यक शर्त है। इनमें प्याज और लहसुन का प्रयोग वर्जित है। इन दिनों बनने वाले व्यंजनों में कुछ खास सामग्रियांे और सब्जियों का प्रयोग होता है। जैसे जैसे क्षेत्र बदलता है वैसे वैसे पकवानों में भी विविधता दिखने लगती है।
आवश्यक सामग्री
1/2 कप खोया
3/4 कप शक्कर या चीनी
1/2 कप सिंघाड़े का आटा
2 छोटा चम्मच घी
1/2 कप पानी
1/2 चम्मच इलाइची पाउडर
विधि
कम आंच रखें। गहरे पैन में घी डालकर आटे को फ्राइ करें जब तक कि यह हलका गुलाबी रंग न ले ले।
गुलाबी रंग लेते ही इसे दूसरे बरतन में डाल दें।
फिर खोए को पैन में तब तक चलाएं जब तक कि उसका ढेला खत्म ना हो जाए और यह गुलाबी ना हो जाए।
अब इसमें इलायची पाउडर और आटे को मिला दें।
इसे अलग रखकर ठंडा हो जाने दें।
चीनी और पानी का गाढ़ा घोल तैयार कर लें। गाढ़े घोल की जांच करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसके एक ड्रॉप को ठंडे पानी में डालकर देखें। यदि यह मुलायम बॉल का आकार ले लेता है, तो समझिए कि आपका गाढ़ा घोल पूरी तरह से तैयार है।
अब आंच पर से पैन को उतार लें।
घोल को तुरंत खोया मिक्सचर में मिला दें और इसे तब तक डोलाते रहें जब तक कि यह पूरी तरह से मिल ना जाए।
किसी प्लेट में चिकनाई युक्त पदार्थ लगाकर पूरे मिश्रण को उस पर उड़ेल दें।
मिश्रण को पूरे लेबल में लाकर इसे ठंडा हो जाने दें।
जब मिश्रण ठंडा होकर सेट हो जाता है तो एक तेज धार वाले चाकू से इसके टुकड़े कर लें।
आपका 15 से 18 सिंघाड़ा बर्फी बनकर तैयार हो गया है।