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शक्ति माया भी है और मूल यानी प्रकृति भी। माया प्रकट में है और मूल अप्रकट। माना जाता है कि देवी के 33 करोड़ रूप हैं। नवरात्रि ऐसा एक अवसर है, जिसमें देवी के नौ रूपों को पूजा जाता है।

नवरात्रि के पहले तीन दिन दुर्गा रूपी शक्ति को जगाकर बुराइयों और अशुद्धियों को दूर किया जाता है। दूसरे तीन दिन समृद्धि के लिए लक्ष्मी का ध्यान करने के हैं। अंतिम तीन दिनों में उपासक ज्ञान देवी सरस्वती से सद्बुद्धि का वरदान मांगते हैं।

     
    Nav Durga
    सहस्रनाम
    दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती
 
शरद पूर्णिमा
Artistic Galleryदीपावली से एक पखवाड़े पहले आती है शरद पूर्णिमा। इस दिन समृद्धि की देवी लक्ष्मी घर-घर जाकर लोगों को सौभाग्यशाली बनाती हैं।

 
दुर्गाष्टमी
Artistic Galleryस्कंद, मारकंडेय पुराण और तांत्रिक पुस्तकों में भी दुर्गा का जिक्र है। देवता शुंभ-निशुंभ असुरों के हाथों राज्य लुटा बैठे थे। दुर्गा ने उनका संहार कर उन्हें त्राण दिया था।
 
नवरात्रि के दौरान पकवान
Artistic Galleryनवरात्रि के दौरान उपवास किया जाता है और सूर्यास्त के बाद एक बार ही भोजन किया जाता है, इसलिए नवरात्रि रेसिपीज अलग हैं।
  • केले का कोफ्ता
  • कूटू पकोड़ा
  • साबुदाना वड़ा
  • नारियलकीचटनी
  • सिंघाड़े की बर्फी
  • छोला दाल