|
|
भारत विश्व में अपने परिवर्तनशील विभिन्नता और व्यावहारिकता के लिए जाना जाता है। भारत में सभी उत्सवों पर लोगों का समाजिक जमावड़ा लगता है। भारत उत्सवों का देश जहां सभी पर्व एक समान हर्षोल्लास से मनाया जाता है। |
|
|
श्रवण नक्षत्र में बांधा गया रक्षासूत्र अमरता, निडरता, स्वाभिमान, कीर्ति, उत्साह एवं स्फूर्ति प्रदान करने वाला होता है। पौराणिक काल में तो पत्नी भी अपने पति के सौभाग्य के लिए रक्षासूत्र बांधा करती थी, लेकिन परंपरा बदलते-बदलते इसकी सार्थकता भाई-बहन के रिश्तों पर आकर टिक गई है। |
|
|
आज रक्षा बंधन का त्योहार सिर्फ भारत में ही नहीं मनाया जाता है। यह पर्व अब हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान और विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय भी बहुत धूमधाम से मनाते हैं। |
|
|
|
|
|
बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है.. की जगह आप अनजाने में अपने भाई का दिमाग तो खराब करने नहीं जा रहीं। ‘मेड इन चाइना’ राखियों की चमक दमक आपसे ऐसा करवा सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी राखियों से बच कर रहा जाए। परंपरागत भारतीय राखी से कोई नुकसान नहीं है। |
|
|
श्रवण नक्षत्र का नाम श्रवण कुमार पर कैसे पड़ा, इस बारे में एक पौराणिक कथा है : श्रवण कुमार की पत्नी श्रवण को तो खीर-मिष्ठान्न खिलाती थीं, लेकिन वृद्ध व अंधे सास-ससुर को आटे की रबड़ी दिया करती थीं। |
|
रक्षा के सूत्र |
‘येन बद्धो बलिराजा दानवेंद्रो महाबला:।
तेनत्वां अनुबघ्नामि रक्षेर्माचला माचला:’।।
अर्थात ये राखी जो बलिराजा को बांधी गई थी (हे भाई) वह मैं तुम्हें बांध रही हूं, तुम उसी तरह मेरी रक्षा करने में कभी चूक न करना। |
|
|