नई दिल्ली. रामसेतु पर पेश किए गए विवादित हलफनामे पर कांग्रेस में अंतर्विरोध जारी है और इस बार वरिष्ठ नेता आरके धवन ने कहा है कि अगर संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दें तो बेहतर होगा।
कांग्रेस की कार्यसमिति के सदस्य धवन ने कहा कि सोनी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को जरूरी कागजात सौंप दिए हैं और फैसला उन पर छोड़ दिया है। धवन ने कहा जयराम रमेश को मीडिया के सामने सोनी के इस्तीफे की मांग नहीं करना चाहिए थी। वे इस मामले पर प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से भी बातचीत कर सकते थे।
इंदिरा गांधी के नजदीकी सहायक रहे और कुछ समय तक राजीव गांधी के करीबी माने जाने वाले धवन ने कहा कि अगर आलाकमान सोनी से इस्तीफे की मांग नहीं करती है तो रमेश को मतभेद पैदा करने के आधार पर इस्तीफा देना पड़ सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस कमेटी के महासचिव दिग्विजय सिंह और उप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद सोनी का बचाव कर चुके हैं।
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