इरोड (तमिलनाडु). भगवा पार्टियों पर भगवान राम के नाम पर सेतुसमुद्रम परियोजना का काम रोकने का आरोप लगाते हुए डीएमके सुप्रीमो और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने कहा है कि राम एक काल्पनिक पात्र हैं तो रामसेतु मानवनिर्मित कैसे हो सकता है।
नास्तिक के रूप में जाने जाने वाले करुणानिधि ने एक जनसभा में कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि 17 लाख साल से भी पहले राम नाम के एक व्यक्ति ने रामसेतु का निर्माण कराया था और इसको कोई हानि न पहुंचाए। लेकिन कौन था यह राम? किस इंजीनियरिंग कॉलेज से उन्होंने पढ़ाई की थी? और क्या इसका कोई प्रमाण है?
डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुरई की 99वीं जयंती पर एक सभा में करुणानिधि ने कहा कि तमिलनाडु के लोग धार्मिक आस्था जरूर रखते हैं लेकिन कुछ लोग सोचते हैं कि राम के नाम पर उनकी भावनाओं का सरलता से फायदा उठाया जा सकता है।
करुणानिधि ने कहा कि अगर सेतुसमुद्रम परियोजना पूरी होती है तो श्रीलंका के सामने आर्थिक समस्या पैदा होगी और तमिलनाडु संपन्न होगा। उन्होंने आगे कहा कि कुछ श्रीलंकाई मानते हैं कि तमिलनाडु को कभी संपन्न नहीं होना चाहिए। धर्म पर आधारित पार्टियों को निशाना बनाते हुए कहा कि वे पार्टियां राम के नाम की आड़ में केवल एक अच्छी परियोजना को रोकने का काम कर रही हैं।
करुणानिधि ने साफ तौर पर कहा कि इस परियोजना का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियां उस षड़यंत्र का अंग हैं जो द्रविड़ आंदोलन को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है।