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Salman n law Salman n law नीलम, तब्बू एवं सोनाली पर उकसाने का आरोप
सलमान खान पर दो काले हिरणों का शिकार करने का भी आरोप है और यह मामला भी जोधपुर की एक अदालत में विचाराधीन है। इस वारदात में सैफअली भी सलमान के साथ थे। अभियोजन के अनुसार तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे ने सलमान को काले हिरणों का शिकार करने के लिए उकसाया। शूटिंग के बाद 1 व 2 अक्टूबर 98 की मध्य रात्रि में आरोपी काकांणी की सरहद पर गए और काले हिरणों पर बंदूक से फायर कर मौत के घाट उतार दिया। हालांकि ग्रामीणों के जाग जाने से ये लोग मृत हिरणों को साथ नहीं ले जा सके व खुद को जान बचाकर वहां से भागना पड़ा था।
अवैध हथियारों का मामला
फिल्म ‘हम साथ-साथ है’ की शूटिंग के दौरान हिरणों के शिकार में कथित रूप से अवैध हथियार रखने व उनको इस्तेमाल करने का मामला भी जोधपुर की अदालत में विचाराधीन है। मुंबई पुलिस ने 9 अगस्त 96 को सलमान को रिवाल्वर का लाइसेंस जारी किया था। इस लाइसेंस की अवधि 22 सितंबर 98 को समाप्त हो गई थी। पुलिस का मानना है कि 23 सितंबर से 2 अक्टूबर 98 तक सलमान ने हथियार अवैध रूप से रखे व हिरणों के शिकार में इस्तेमाल हुए। इस पर पुलिस ने 12 अक्टूबर 98 को सलमान की रिवाल्वर, राईफल व लाइसेंस को जब्त कर लिया। सलमान के ये हथियार अभी भी जब्त है। न्यायिक मजिस्ट्रेट दलपतसिंह राजपुरोहित की अदालत में चल रहा यह मामला लगभग अंतिम चरण में है। जिसमें 15 गवाहों के बयान हो चुके हैं व मात्र एक गवाह अशोक पाटनी के बयान होने हैं। तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पाटनी ने इस मामले का अनुसंधान किया था। करीब 9 साल पुराने इस मामले में राज्य सरकार ने आरोपों में संशोधन को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर रखी है। इसी वजह से निचली अदालत में कार्रवाई अटकी पड़ी है।
झूठ के जाल में सलमान
अवैध हथियार रखने व शिकार की वारदातों पर पर्दा डालने के लिए सलमान ने झूठ के कई जाल बुने। भवाद व घोड़ा फार्म के पास हिरण शिकार के बाद सलमान ने 29 सितंबर 98 को लूणी हवेली के शूटिंग के दौरान पुलिस को सूचना दी कि उसका रिवाल्वर 32 बोर गुम हो गया है। इस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर उम्मेद भवन पैलेस के कमरा नंबर 508 की तलाशी ली। सलमान इसी कमरे में ठहरा हुआ था। पुलिस ने जब कमरे से एटेज बाथरूम की तलाशी ली तो सलमान का झूठ पकड़ा गया। सलमान का रिवाल्वर स्नानघर में एक चद्दर में लिपटा पड़ा मिला। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में सलमान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि उस समय तक शिकार की घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ था।
मुंबई में झूठी रिपोर्ट
जोधपुर कोर्ट ने वर्ष 2000 में सलमान खान को उसके हथियार का लाइसेंस सुपुर्दगीनामे पर कुछ शर्तो के साथ लौटा दिया था। मार्च 2001 में सलमान ने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए मुंबई पुलिस मुख्यालय में जमा करवाया लेकिन वापिस नहीं लिया। अवैध हथियारों के मामले में यह मूल लाइसेंस अहम सबूत था। यह लाइसेंस देते वक्त कोर्ट ने शर्त लगाई थी कि तलब करने पर इसे अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले ही सलमान ने मुंबई के बांद्रा थाने में 8 अगस्त 03 को लाइसेंस गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर जोधपुर कोर्ट में इसकी गलत सूचना व मिथ्या शपथ पत्र पेश कर दिया। लेकिन 17 जून 06 को सलमान का झूठ उस समय पकड़ा गया जब मुंबई पुलिस ने हथियारों के मूल लाइसेंस को यहां की कोर्ट में पेश किया। इस पर दैनिक भास्कर ने 20 जून 06 के अंक में सलमान के खिलाफ एक ओर मामला दर्ज होने की संभावना व्यक्त की थी। इसके बाद 26 जून 06 को कोर्ट ने सलमान को नोटिस जारी कर उसके खिलाफ एक और परिवाद दर्ज कर लिया।
सजा बढ़ाने की गुहार
भवाद की सरहद पर 28 सितंबर 98 को हुए दो चिंकारों के शिकार के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सलमान खान को दोषी ठहराते हुए 17 फरवरी 06 एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। राज्य सरकार ने इस फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। सलमान की सजा बढ़ाने के लिए पेश इस अपील में कहा गया है कि निचली अदालत ने कम सजा सुनाई है। वही सलमान ने भी इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील पेश कर रखी है। इस अपील में कहा गया है कि निचली अदालत का फैसला विधि संमत नहीं है, इसलिए उन्हें दोष मुक्त किया जाए।
आठ साल में भी नहीं चले अढाई कोस
यह मामला भी पिछले 8 सालों से अभी तक निचली अदालत में ही विचाराधीन है। राज्य सरकार ने इस मामले में कुछ धाराओं को जोड़ने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इसी कारण से निचली अदालत में कार्रवाई ठप पड़ी है। साथ ही प्रकरण में 50 से ज्यादा गवाह हैं और अब तक मात्र 4 गवाहों के बयान हो पाए हैं। इस मामले में फैसला आने में काफी समय लगेगा।
गावरे का अब तक सुराग नहीं
हिरण शिकार मामले का सह आरोपी और सलमान का सहायक दिनेश गावरे वारदात के नौ साल बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। वर्ष 1998 में फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान हुई हिरण शिकार की घटना के समय गावरे सलमान के साथ था। उसने शिकार करने में सलमान को सहयोग किया था। पुलिस ने गावरे के खिलाफ मफरूरी में चालान पेश किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला की अदालत में चल रहे काले हिरणों के शिकार के मामले में कोर्ट ने गावरे की सम्पत्ति का पता लगाने और उसे जब्त करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी का स्टेंडिंग वारंट भी जारी किया, लेकिन उसका कोई सुराग पुलिस के हाथ अब तक नहीं लगा है। अनुसंधान के दौरान गावरे ने अपना पता केयर ऑफ सलमान के निवास का ही लिखवाया था। स्थानीय पुलिस ने मुंबई जाकर इस पते पर भी पूछताछ की, लेकिन शायद सलमान को भी उसके सही ठिकाने की जानकारी नहीं है।
सतीश शाह भी हैं आशंकित
भवाद की सरहद पर 9 साल पहले हुए दो चिंकारों के शिकार के मामले में निचली अदालत ने पिछले साल 17 फरवरी को हास्य अभिनेता सतीशशाह को हालांकि संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। लेकिन शाह अभी भी इस प्रकरण को लेकर चिंतित है। इस मामले में पुलिस ने सलमान व शाह समेत 8 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। लेकिन निचली अदालत ने सिर्फ सलमान खान को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई व शाह समेत सात अन्य सह आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका पेश कर रखी है। याचिका में कहा गया कि निचली अदालत ने शाह समेत सातों आरोपियों को गलत तरीके से दोषमुक्त किया है व सलमान को कम सजा दी गई है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया था। यह याचिका हाईकोर्ट में अभी विचाराधीन है, यानि की शाह पर अभी भी आशंका की तलवार लटकी हुई है।