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स्टारडम की वजह से सलमान खान को कानून ने कोई रियायत नहीं बख्शी और चिंकारा शिकार के मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उनके जमानत मुचलके जब्त कर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। फैसला सुनाए जाने के वक्त सलमान कोर्ट में मौजूद नहीं थे। जाहिर है उन पर मुसीबत के बादल तो मंडरा ही रहे हैं, और तो और सलमान को अभी चैन की सांस नहीं मिलने वाली क्योंकि काले हिरण के शिकार और आर्म्स एक्ट के मामले में फैसला आना बाकी है। अभी तो सलमान को सरेंडर करना होगा। यानी मुश्किलें अभी और भी हैं..
File Photo:Bhaskar
उम्मीदों पर फिरा पानी
अदालत में सलमान को राहत नहीं मिलने से आहत बहन अलवीरा।
नीलम, तब्बू एवं सोनाली पर उकसाने का आरोप
इस मामले में सैफ अली भी सलमान के साथ थे। अभियोजन के अनुसार तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे ने सलमान को काले हिरणों का शिकार करने के लिए उकसाया...
अवैध हथियारों का मामला
फिल्म ‘हम साथ-साथ है’ की शूटिंग के दौरान हिरणों के शिकार में कथित रूप से अवैध हथियार रखने व उनको इस्तेमाल करने का मामला भी जोधपुर की अदालत में विचाराधीन है...
मुंबई में झूठी रिपोर्ट
कोर्ट से बचने के लिए सलमान ने बांद्रा थाने में 2003 में लाइसेंस गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा जोधपुर कोर्ट में इसकी गलत सूचना व मिथ्या शपथ पत्र पेश कर दिया...
झूठ के जाल में सलमान
अवैध हथियार रखने व शिकार की घटनाओं पर पर्दा डालने के लिए सलमान ने झूठ के कई जाल बुने। रिवॉल्वर खोने के मामले में बोला गया सल्लू का झूठ पकड़ा गया...
सजा बढ़ाने की गुहार
दो चिंकारों के शिकार के मामले में अदालत ने सलमान को एक साल की कैद की सजा सुनाई थी। सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि सजा बढ़ाई जाए...
गावरे का अब तक सुराग नहीं
सलमान का सहायक दिनेश गावरे नौ साल बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। 1998 में हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान शिकार के समय गावरे सलमान के साथ था...
सतीश शाह भी शक के घेरे में
भवाद की सरहद पर 9 साल पहले हुए शिकार के मामले में निचली अदालत ने हास्य अभिनेता सतीश शाह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था लेकिन शाह इस प्रकरण को लेकर चिंतित हैं...
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भास्कर ने ही सबसे पहले उजागर किया था मामला

पूरी कहानी, रिपोर्टर की जुबानी
फिल्म अभिनेता सलमान खान की ओर से किए गए हिरण शिकार का मामला सबसे पहले भास्कर ने ही उजागर किया था। 8 अक्टूबर 1998 के अंक में प्रकाशित इस खबर के बाद 9 अक्टूबर को पूरा शहर भास्कर के साथ उठ खड़ा हुआ। यही नहीं इस खबर के बाद सलमान खान के साथ सैफ अली, तब्बू, नीलम एवं सोनाली बेंद्रे को हिरासत में ले लिया गया था।
मुझे याद है कि हिरण शिकार प्रकरण में फिल्मी सितारों के नाम का खुलासा होते ही पूरा शहर जाग उठा और दूसरे दिन जोधपुर का शायद ही कोई संगठन व संस्था पीछे रही हो, जिसने इस शिकार के विरुद्ध अपने गुस्से का इजहार नहीं किया हो। दूसरे दिन तो भास्कर कार्यालय में इस शिकार प्रकरण के विरोध में सैकड़ों लोगों व संस्थाओं के बयान आए। इसके अलावा विश्नोई समाज ने तो इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया और मूक हिरणों के पक्ष में लड़ाई का ऐलान कर दिया था। मैं उस दिन अदालत परिसर में था, जब इस शिकार प्रकरण में गिरफ्तार सलमान खान को पेश किया गया था।

उस वक्त के सबसे लोकप्रिय इस फिल्मी सितारे के विरुद्ध जनता की नाराजगी देख कर ऐसा लगा, मानो जोधपुर का बच्च-बच्च ‘वन्यजीव मित्र’ हो गया है। अदालत परिसर में नारे गूंज रहे थे कि सलमान को फांसी दो। भास्कर में प्रकाशित इस खबर का इलेक्ट्रोनिक मीडिया ने इस मामले को उजागर करने का दस्तावेज माना, तो इंडिया टुडे व आउटलुक जैसी पत्रिकाओं ने तो साफ तौर पर लिखा था कि भास्कर अगर इस मामले को नहीं उठाता तो शायद यह केस रफा-दफा हो जाता। कई प्राणी मित्र संस्थाओं ने भास्कर के इस प्रयास को सराहा।पूरा प्रकरण आपके सामने हैं। खुद भूखे रह कर इस मूक प्राणी की रक्षा में जुटे विश्नोई समाज के लिए भी यह केस एक मिसाल है। इस प्रकरण में कुछ समय के लिए हिरणों का शिकार रुक गया लेकिन आज निरंकुश जारी है। इस जागृति से अगर 10 निरीह प्राणियों की जान बची और सलमान को अपने किए पर पछतावा हुआ तो भी माना जाएगा कि समाज द्वारा वन्यजीवों की रक्षा में उठे हाथ खाली नहीं रहे।
वेद प्रकाश शर्मा
(भास्कर के वे रिपोर्टर जिन्होंने फिल्मी सितारों द्वारा निरीह प्राणियों के शिकार के इस मामले पर 1998 में सबसे पहली रिपोर्ट लिखी थी।)

गैर प्रत्यर्पण संधि वाले देशों में बिताया आधा साल

हिरण शिकार के दो मामलों में पिछले साल सजा सुनाए जाने के बाद अभिनेता सलमान खान ने बारह महीनों में से लगभग छह महीने ऐसे देशों में बिताए जिनमें से अधिकांश देशों की भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है। किसी सजायाफ्ता मुलजिम के संबंध में संभवतया यह दुर्लभ मामला है, जब किसी अभियुक्त को सजा के बाद इतनी लंबी अवधि के लिए दुबई, थाइलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका में रहने की इजाजत मिली हो।
सल्लू कब किस देश में रहे, एक नजर :
वर्ष 2006
17 अप्रैल से 14 जून तक दुबई, यूके, यूएसए, 15 जून से 17 जून तक दुबई, 16 से 28 जुलाई तक लंदन, यूके, 19 अगस्त से 3 सितंबर तक लंदन, यूके, 14 से 24 सितंबर तक बैंकाक, 25 से 30 सितंबर तक थाइलैंड, 3 से 18 नवंबर तक दुबई, 6 से 9 दिसंबर तक मलेशिया, 9 से 28 दिसंबर तक साउथ अफ्रीका में।
वर्ष 2007
13 जनवरी से 13 फरवरी तक दुबई, 29 मार्च से 4 अप्रैल तक मलेशिया, 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक दुबई में।
बहुचर्चित हिरण शिकार प्रकरण में फंसे सलमान खान को गुरुवार को ही आभास हो गया था कि उन्हें अदालत से कोई राहत नहीं मिलने वाली। उन्हें पता था कि अदालत ने सजा को बहाल रखा तो आगे आने वाली छुट्टियों के कारण उन्हें चार दिन जेल में बिताने होंगे। इसलिए सोची समझी रणनीति के तहत वह शुक्रवार को कोर्ट में पेश नहीं हुए।