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ऑस्ट्रेलिया को हरा भारत फाइनल में

Indiaडरबन: ट्वंटी20 विश्वकप में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया सेमीफाइनल रोमांच की सारी पराकाष्ठा को पार कर गया। आखिर जीती वह टीम जो इस जीत की वास्तविक हकदार थी। भारत ने प्लेयर ऑफ द मैच युवराज सिंह की सनसनीखेज 30 गेंदों पर 70 रनों की पारी की मदद से निर्धारित 20 ओवरों में 189 रन बनाए थे। जवाब में अंतिम ओवर तक रोचक बने रहे इस मैच के आखिरी चार ओवरों में विश्व चैंपियन ने मैच में नियंत्रण खोया और भारत ने ट्वंटी20 विश्वकप के फाइनल में पाक के साथ अपनी खिताबी भिड़ंत तय कर ली।

ट्वंटी‍20 विश्वकप में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया सेमीफाइनल रोमांच की सारी पराकाष्ठा को पार कर गया। आखिर जीती वह टीम जो इस जीत की वास्तविक हकदार थी। पहले ओवर से लेकर अंतिम ओवर तक रोचक बने रहे इस मैच के आखिरी चार ओवरों में विश्व चैंपियन ने अपना मैच में नियंत्रण खोया औरभारत ने ट्वंटी20 विश्वकप के फाइनल में जगह बना ली है।

14 वें ओवर तक ऑस्ट्रेलिया 2 विकेट पर 129 रन बना चुकी थी। जीत उससे सिर्फ 60 रन दूर थी। एक समय 12 के करीब जा चुका रन रेट 10 तक आ गया था। कप्तान धोनी ने मैच में अपना प्रमुख हथियार साबित हुए श्रीसंथ को 15 ओवर करने की जिम्मेदारी सौंपी। यह उनका अंतिम ओवर था। श्री ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए हैडन(62) को बोल्ड कर भारत के निराश खेमें में आशा का संचार किया। अब आस्ट्रेलिया 30 गेंदों पर 54 रन बनाने थे।

16 ओवर गेंदबाजी की कमजोर कड़ी साबित हुए जोगिंदर शर्मा को सौंपा गया। उनके इस ओवर में साइमंड्स और हुस्से ने 13 रन बटोरे। ऑस्ट्रेलिया फिर विजयी लक्ष्य की ओर अग्रसर हो गया। अब ऑस्ट्रेलिया को 24 गेंदों पर 41 रन बनाने थे।

पठान द्वारा फेंके गए पारी के 17 वें ओवर की दूसरी गेंद को ऑसी सिक्सर मैन हुस्सै ने छह रनों के लिए सीमा रेखा के पार भेज दिया। इरफान ने भरपाई करते हुए डेंजर मैन साइमंड्स(43) का विकेट लिया। माइकल क्लार्क क्रिज पर आए उन्होंने शेष दो गेंदों में 3 रन बनाए। इस ओवर में कुल 11 रन बने। ऑस्ट्रेलिया के लिहाज से विकेट गंवाने के बाद भी सबकुछ ठीक।

18 वें ओवर को फेंकने की जिम्मेदारी हरभजन पर थी। अभी भी मोमेंटम ऑस्ट्रेलिया के फेवर में था। हरभजन ने अपनी पहली गेंद पर माइकल क्लार्क(3) को बोल्ड कर मैच भारत की ओर मोड़ा। नए बल्लेबाजहैडिन क्रिज पर। हरभजन अपनी अगली 5 गेंदों पर सिर्फ 3 रन बने। मैच भारत की ओर मुड़ा। यहां चिंता इस बात की थी सभी प्रमुख गंेदबाजों के ओवर खत्म हो रहे थे। आरपी के बाद एक ओवर जोगिंदर या फिर सहवाग को डालना था। इससे मैच किधर भी जा सकता था।

12 गेंदों पर 27 रन । मैच के परिणाम से बेफिक्र धोनी ने आरपी को 19 वां ओवर थमाया। याने अंतिम ओवर जोगिंदर को डालना था। अभी भी कुछ भी हो सकता था। पाक ने अंतिम 14 गेंदों में भारत के खिलाफ 38 रन बनाए थे। इसे देखते हुए सभी की नजरें इन दो ओवरों में लगी थी। आरपी ने चैंपियन की तरह शुरुआत करते हुए पहली दों गेंदो पर हैडिन को कोई रन नहीं बनाने दिया। अरे.उनकी तीसरी गेंद नो बॉल। अगली गेंद फ्रि हिट। एक बड़ी हिट याने ऑस्ट्रेलिया एक बड़ा शॉट लगाकर मैच में आ सकता था। निश्चिंत आरपी की अगली गेंद पर हैडिन ने जैसे तैसे एक रन बनाया। अब मैच ऑस्ट्रेलिया के हाथ से निकल चुका था। उसे अगली 9 गेंदांे पर 25 रन बनाने थे। आरपी की चौंथी गेंद पर हिट मैन हुस्से एक रन ही बना सके। आरपी की अगली दों गेंदों पर हैडिन ने सिर्फ दो रन बनाए।

अब अंतिम ओवर में 22 रन की दरकार थी। गेंद जोगिंदर के हाथ में थी। हालांकि लक्ष्य काफी मुश्किल था। जोगिंदर की पहली गेंद पर हुस्से कोई रन नहीं बना सके। 5 गेंदों पर 22 रन की दरकार। जोगिंदर की दूसरी गेंद पर भी कोई रन नहीं बना। 4 गेंद 22 रन। भारत की जीत तय हुई। निराश हुस्से ने जोगिंदर की तीसरी गेंद पर बड़ा हिट लगाने के चक्कर में विकेट गंवाया। भारतीय प्रशंसक और खिलाड़ी जश्न की मुद्रा में आए। चौंथी गेंद पर नए बल्लेबाज ली ने 2 रन बनाए। हालांकि अब मैच की औचारिकताएं ही शेष थीं। जोगिंदर ने लचर गेंदबाज का लेबल से पीछा छुड़ाते हुए ली को बोल्ड कर दूसरा विकेट झटका। गंेद 1 रन 20 । भारतीय प्रशंसक और खिलाड़ियों ने जश्न मनाना प्रारंभ किया। जानसन ने इस गेंद पर चौका लगाया। मैच खत्म भारत 15 रन से जीतकर फाइनल में।

भारत के युवराज सिंह वर्तमान समय में पूरी दुनिया में सबसे विध्वसंक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 30 गेंदों पर 70 रनों की पारी खेलकर भारत को ट्वंटी20 विश्वकप में विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 188 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचने में मदद की । उनकी इस कभी न भूल पाने वाली पारी ने क्या अंतर पैदा किया इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 8 ओवरों में भारत सहवाग और गौतम गंभीर के विकेट खोकर सिर्फ 41 रन बना पाया था। आधी पारी खत्म होने के बाद उसका उसका स्कोर सिर्फ 61 रन था। उस समय शायद ही किसी ने इतने बड़े स्कोर की कल्पना की होगी। युवी ने अपनी इस अद् भुत पारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख गेंदबाज ब्रेट ली को इस स्पर्धा का सबसे लंबा छक्का लगाया जो पिच से 119 मीटर की दूरी पर जाकर गिरा।

युवराज ने आज अपनी पारी की शुरुआत करते हुए इस स्पर्धा के सबसे सफल गेंदबाज स्टुअर्ट क्लार्क की गेंद पर छक्का लगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। युवी ने अपनी पारी में कुल 5 छक्के और 5 चौके लगाए। उनके आउट होने के वक्त भारत अपनी उम्मीद के अनुसार लक्ष्य तक पहुंच चुका था। उन्होंने राबिन उथप्पा के साथ 84 रनों की महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। राबिन जानसन की दो गेंदों पर लगातार दो छक्के लगाने के बाद अगली ही गेंद पर अपना विकेट थ्रो कर गए। उन्होंने एक साइमंड्स के हाथ में खेलकर रन लेने का प्रयास किया। युवी के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 18 गेंदों प 36 रन बनाए। रोहित शर्मा ने भी 1 छक्के की मदद से आठ रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जॉनसन ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए।

*फॊटॊ गैलरी





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