क्या है आखिर ट्वंटी-20 |
ट्वंटी-20: एक नजर |
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| क्रिकेट की दोनों प्रचलित विधाओं के जन्मदाता इंग्लैंड को ही इस फटाफट क्रिकेट का जन्मदाता होने का श्रेय हासिल है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड(ईसीबी) ने इंटर काउंटी चैंपियनशिप के लिए इसे 2003 में मंजूरी थी। इसमें खेलने वाली दोनों टीमों को अधिकतम 20 ओवर एक पारी में खेलने के लिए मिलते हैं। |
| ट्वंटी-20 कुल तीन घंटे का खेल है। इसमें हर पारी 75 मिनट में खत्म होनी अनिवार्य है। क्रिकेट के इस शार्ट वर्जन के जरिए इसे भी फुटबॉल की तरह लोकप्रिय टीम स्पोट्र्स का रूप देने का लक्ष्य है। हालांकि ईसीबी ने यह साफ किया था कि ट्वंटी-20 के अस्तित्व में आने से पहले से ही प्रचलित विधाओं को कोई नुकसान नहीं होगा। वे पूर्ववत उसके घरलू कैलेंडर में शामिल रहेंगे। |
| भारत को छोड़ हर जगह हुआ लोकप्रिय: अस्तित्व में आने के चार साल बाद ही यह खेल भारत के अतिरिक्त हर क्रिकेट खेलने वाले देश में लोकप्रिय हो गया है। ट्वंटी-20 वल्र्डकप में खेल रही हर टीम ने कम से कम एक ट्वंटी-20 इंटरनेशनल गेम खेला है। हालांकि इस विधा में सिरमौर का निर्णय 24 सितंबर को ही हो सकेगा। |