HomeSpotlightYear End 2007 Year End 2007
 

नामचीन हस्तियों ने हमें अलविदा कहा

यादें 2007

विदा ले रहे साल में साहित्य और कला-संस्कृति की कई नामचीन हस्तियों ने हमें अलविदा कहा..

कमलेश्वर

kamleshwarसाल के पहले ही महीने की 27 तारीख़ को साहित्यकार कमलेश्वर का जाना किसी वज्रपात से कम नहीं था। 1957 में छपी उनकी कहानी ‘नरबंसिया’ ख़ूब चर्चित रही थी। 2003 में उनके उपन्यास ‘कितने पाकिस्तान’ को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। उन्होंने मीडिया के करीब-करीब सभी क्षेत्रों में बराबर धाक जमाई।

यूजी कृष्णमूर्ति

22 मार्च को प्रसिद्ध विचारक और दार्शनिक यूजी कृष्णमूर्ति का देहांत हुआ। कृष्णमूर्ति जन्मजात आध्यात्मिक व्यक्ति थे।1941 में वे थियोसोफिकल सोसाइटी के साथ जुड़े और इस सिलसिले में व्याख्यान देने दुनिया भर का भ्रमण किया। दर्शन पर उनकी किताबें दर्जनों भाषाओं में उपलब्ध हैं।

पीवी सुब्रमण्यम

29 मार्च को देश के प्रख्यात नृत्य-संगीत समालोचकों में गिने जाने वाले पीवी सुब्रमण्यम का देहावसान हो गया। समालोचक के रूप में जीवन के 50 साल गुजारने वाले सुब्रमण्यम को संगीत की गहरी समझ थी। सुबुदु के नाम से लोकप्रिय सुब्रमण्यम के पास विशाल पाठक-वर्ग था।

पद्मनाभ नैयर3 अप्रैल को जाने-माने कथकली गुरु पद्मनाभ नैयर गुजर गए। उन्होंने देश और दुनिया के तमाम सांस्कृतिक आयोजन और समारोहों में अपनी कला का परचम फहराया। वे कला संस्कृति संस्थान कलामंडलम में शिक्षक और प्रिंसिपल रहे।

कुर्रतुल-ऐन-हैदर

21 अगस्त को उर्दू की Êाहीन उपन्यासकार कुर्रतुल-ऐन-हैदर का निधन समूचे भारतीय साहित्य-जगत के लिए बड़ी क्षति रही। उनके उपन्यास ‘आग का दरिया’ को बेशुमार ख्याति मिली थी। 1989 में उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। इसके अलावा वे पद्म अलंकणों, साहित्य अकादमी, सोवियत लैंड नेहरू और ग़ालिब पुरस्कार भी नवाजी गईं थीं।

शैल चतुर्वेदी

मंच पर पहुंचते ही बिना कुछ बोले-सुनाए, महज अपनी भाव-भंगिमाओं से श्रोताओं को गुदगुदा देने वाले लोकप्रिय हास्य कवि, गीतकार और अभिनेता शैल चतुर्वेदी का 29 अक्टूबर को निधन हो गया। शैल चतुर्वेदी ने दूरदर्शन और फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

त्रिलोचन शास्त्री

साल के अंतिम माह की 9 तारीख को प्रगतिशील कविता की अंतिम कड़ी प्रसिद्ध कवि त्रिलोचन शास्त्री गुजर गए। त्रिलोचन हिंदी, उर्दू के कई शब्दकोश-निर्माण से भी जुड़े रहे। कविता संग्रह ‘ताप के तापे हुए दिन’ पर 82 में साहित्य अकादमी पुरस्कार के अलावा उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान मिले।

तेजी बच्चन

डॉ. हरिवंशराय बच्चन की सहधर्मिणी और अमिताभ की मां तेजी बच्चन ने 21 दिसंबर को आखिरी सांस ली। उनको सबल महिला के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने सारी पारिवारिक जिम्मेदारियां अपने कंधों पर लेकर पति को रचनाकर्म के लिए समय दिया।

सिडनी शेल्डन

रहस्य-रोमांच से भरपूर और दिल की धड़कनें तेÊा कर देने वाले उपन्यासों के लिए दुनियाभर में मशहूर अमेरिकी लेखक सिडनी शेल्डन का 30 जनवरी को निधन हो गया। रेडियो से लेखन कैरियर की शुरुआत करने वाले शेल्डन वहां से हॉलीवुड पहुंचे थे।

नॉर्मन मेलर

अमेरिकी उपन्यासकार, पत्रकार, नाटककार, पटकथा लेखक और फिल्म निर्देशक नॉर्मन मेलर का 10 नवंबर को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। ‘क्रिएटिव नॉनफिक्शन’ के जन्मदाताओं में गिने जाने वाले मेलर को दो बार पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

जी.पी. सिप्पी1975 में ‘शोले’ की रिलीज के बाद घर-घर में पहचाने जाने वाले निर्माता-निर्देशक जी.पी. सिप्पी का 25 दिसंबर को निधन हो गया। सिप्पी ने 60 और 70 के दशक में कई फिल्में बनाई और निर्देशित कीं और बाद में भी बेटे रमेश सिप्पी के साथ अनेक हिट फिल्मों से जुड़े रहे।