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  • नई दिल्ली. राजधानी के एक एटीएम से नकली नोट निकलने का मामला सामने आया है। इन पर आरबीआई की जगह चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया लिखा है। दिल्ली पुलिस ने एक शख्स की शिकायत पर मामला दर्ज किया। पुलिस टीम नकली नोटों के गिरोह की तलाश में जुट गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में ऐसे नोट दिल्ली-एनसीआर और नॉर्थ इंडिया में खपाए गए हैं।पुलिसवालों को भी ATM से मिले नकली नोट... - हिंदुस्तान अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के रोहित कुमार ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने नकली नोटों की जांच शुरू कर दी है। - रोहित ने बताया कि जानकारी के बाद जब संगम विहार थाने के कुछ पुलिसवाले भी एसबीआई के एटीएम से पैसे निकाले पहुंचे तो उन्हें भी यही नोट मिले। - नोटों पर गांधीजी की फोटो के बगल में लिखा था, मैं धारक को दो हजार कूपन अदा करने का वचन देता हूं। आरबीआई की जगह चिल्ड्रन बैंक लिखा था। - बता दें कि हूबहू नए नोटों की शक्ल के चिल्ड्रन बैंक के नकली नोटों में कोई भी एक नजर में फर्क नहीं कर पाता। पहले भी मिल चुके हैं चिल्ड्रन बैंक वाले नोट - 2000 के असली नोट से करीब-करीब मेल खाते चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया के नोट कई शहरों के एटीएम से निकल चुके हैं। - पिछले दिनों अंबाला के मुलाना बाजार में लगे एटीएम से एमएम यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट मुनीब को चिल्ड्रन बैंक का नकली नोट मिला। - इसके बाद जब वह सोमवार को वह एमएमयू की एसबीआई ब्रांच में गया। - मैनेजर से शिकायत की, लेकिन उन्होंने अकाउंट JK बैंक में होने के चलते उसी बैंक के टोल फ्री नंबर पर शिकायत करने को कहा। - ऐसे ही दो मामले जनवरी में लुधियाना शहर में सामने आए थे। तब एक एक दुकानदार और रिक्शेवाले को किसी ने नकली नोट दिए थे।
    Last Updated: February 22, 15:56 PM
  • नई दिल्ली. इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी शक्तिकांत दास ने कहा है कि सरकार का 1000 रु. का नोट लाने का कोई प्लान नहीं है। हमारा फोकस इस बात पर है कि 500 रु. और छोटे नोटों का प्रोडक्शन और सप्लाई बेहतर तरीके से होती रहे। मंगलवार को एक अंग्रेजी अखबार ने कहा था कि सरकार 1000 रुपए का नया नोट लाने की तैयारी कर रही है।15.44 लाख करोड़ रुपए की करंसी बाहर हो गई थी... - द इंडियन एक्सप्रेस ने कहा था, 8 नवंबर को बंद किए गए 1000 के पुराने नोट की जगह नए नोट लाए जाने की तैयारी चल रही है। RBI ने इसका प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया है। - हालांकि, अभी ये नहीं तय हो पाया है कि इन नए नोटों को सर्कुलेशन में कब लाया जाएगा। - दास ने ये भी कहा, एटीएम में पैसा खत्म होने की शिकायतें मिली थीं। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि जरूरत के हिसाब से पैसे निकालें। - 8 नवंबर को नोटबंदी के दौरान 15.44 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हो गई थी। 500-1000 के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। - इन नोटों की जगह 500-2000 के नए नोट चलन में आए थे। नई डिजाइन और रंग के इन नोटों पर बेहतर सिक्युरिटी फीचर्स हैं और मंगलयान की तस्वीर भी है। - RBI के डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने 8 फरवरी को बताया था कि 500-2000 समेत सभी डेनॉमिनेशन्स की 9.92 लाख करोड़ रुपए की करंसी 27 जनवरी तक सर्कुलेशन में आ गई थी। 13 मार्च से सेविंग अकाउंट से विद्ड्रॉअल लिमिट खत्म होगी - 20 फरवरी से सेविंग अकाउंट से एक हफ्ते में 24 हजार की जगह 50 हजार रुपए तक निकाले जा सकते हैं। - मॉनेटरी पॉलिसी के रिव्यू का एलान करते हुए आरबीआई के डिप्टी गवर्नर आर. गांधी ने कहा था, सेविंग अकाउंट पर विद्ड्रॉअल लिमिट की रोक दो स्टेप में खत्म की जा रही है। - पहले स्टेप में इसे 20 फरवरी से 24 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया गया। 13 मार्च से यह रोक पूरी तरह हटा ली जाएगी। - बता दें कि आरबीआई ने 1 फरवरी से एटीएम, करंट अकाउंट्स, कैश क्रेडिट अकाउंट्स और ओवरड्राफ्ट अकाउंट्स से पैसा निकालने की लिमिट खत्म कर दी थी।
    Last Updated: February 22, 15:56 PM
  • नई दिल्ली. अगस्त 2016 से जनवरी 2017 तक समाजवादी पार्टी और मुलायम परिवार में जो कुछ हुआ वो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड ड्रामा था।हार्वर्ड यूनिवर्सिटीके प्रोफेसर स्टीव जार्डिंग के इशारों पर हो रहा था। मुलायम-अखिलेश, दोनों उनके कहे पर चल रहे थे। यह ड्रामा अखिलेश की इमेज सुधारने, पार्टी में उन्हें मजबूत बनाने और यूपी में क्राइम जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हुआ। मैं इस ड्रामे में अनजाने में इस्तेमाल हो गया...। ये खुलासा अमर सिंह ने सपा कलह के बाद DainikBhaskar.com को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में किया है।अमर सिंह के 4 दावे... 1) अमर सिंह का दावा है कि अमेरिकी प्रोफेसर जार्डिंग की स्क्रिप्ट पर अखिलेश हटाए गए, शिवपाल बेइज्जत किए गए और मुलायम अध्यक्ष पद से हटे। 2) उनका कहना है कि अखिलेश-मुलायम की लड़ाई के पीछे दो आईएएस ऑफिसर शामिल थे। ये दो अफसर मोदी सरकार के दो मंत्रियों के करीबी हैं। 3) उनका यह भी दावा है कि अखिलेश ने उनकी सिक्योरिटी में लगे दो सिपाहियों से अमर सिंह पर नजर रखवाई। 4) अमर सिंह का कहना है- जिस दिन अखिलेश को सपा से बाहर किया गया, उस दिन मुझे फंसाने के लिए मुलायम ने मेरे ऑफिस से स्टाफ बुलवाया। DainikBhaskar.com के जर्नलिस्ट रोहिताश्व कृष्ण मिश्रा को दिए अब तक के सबसे लंबे और एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने एक के बाद एक कई खुलासे किए, जो आज तक कभी सामने नहीं आए। पढ़ें उनसे हुए सवाल-जवाब... Q. पहले साइकिल के सिंबल के लिए मुलायम-अखिलेश का इलेक्शन कमीशन जाना, फिर मुलायम की साइकिल अखिलेश को मिल जाना... आप तो इस लड़ाई में नेताजी के साथ थे। अखिलेश को साइकिल मिलने का राज क्या है? - ये पूरी तरह से प्लान्ड ड्रामा था। पूरे ड्रामे में मेरा इस्तेमाल हुआ। पहली बार मुझे लेकर गए। वकील मैंने तय किया। लड़ाई मैंने लड़ी। योद्धा मैं रहा। फिर एक दिन मुलायम सिंह का फोन आता है कि इलेक्शन कमीशन चले जाइए। ...मैं जाता हूं। कहते हैं- साइकिल पर अपना दावा छोड़ दीजिए ताकि चिह्न बचा रहे। इतने में मुलायम सिंह का फोन आता है कि अगर साइकिल चिह्न चला जाएगा तो क्या होगा। मैंने कहा- आप अध्यक्ष नहीं रहेंगे, अखिलेश हो जाएंगे। बोले- अच्छा आप लौट आइए। - मैं वापस आता हूं तो मुलायम सिंह मुझसे बोलते हैं- आजम खान, अखिलेश, रामगोपाल चाहते हैं कि आप मुझसे ना मिले। इसलिए आप पत्रकारों की नजर से बचकर चोर दरवाजे से आया कीजिए। मेरे साथ इलेक्शन कमीशन भी ना जाएं। दोबारा जब मुलायम चुनाव आयोग गए तो अकेले गए और चिह्न अखिलेश को देने का लेटर दे आए। बाद में मुझसे कहा- मेरे लिए आप बलिदान दीजिए। विदेश चले जाइए कुछ दिनों के लिए। ...मैं लंदन चला गया। Q. कहा जाता है कि सपा में कलह अखिलेश की इमेज को चमकाने के लिए हारवर्ड प्रोफेसर स्टीव जार्डिंग की स्क्रिप्ट थी। अगस्त 2016 से जनवरी 2017 के बीच जो हुआ, उसमें जार्डिंग का क्या रोल रहा? - अगस्त 2016 से जनवरी 2017 तक जो कुछ भी हुआ, उसे मुलायम सिंह और अखिलेश यादव अमेरिकी प्रोफेसर जार्डिंग के इशारे पर कर रहे थे। दोनों लोगों को सब पता था। जो जार्डिंग की स्क्रिप्ट थी, उसी पर वो काम कर रहे थे। फिर चाहे अखिलेश को यूपी अध्यक्ष पद से हटाया जाना हो, चाहे शिवपाल को पार्टी में बेइज्जत करना हो या मुलायम को सपा अध्यक्ष पद से हटाकर अखिलेश का बनना हो। अब 11 मार्च को पता चलेगा कि जार्डिंग-अखिलेश का ये ड्रामा कितना असरदार रहा? वरना चुनाव हार जाने पर ये ड्रामा अखिलेश के लिए पैर पर कुल्हाड़ी मारने की तरह होगा। Q. पारिवारिक लड़ाई के पीछे कौन? - पारिवारिक विवाद की जड़ शिवपाल या कोई और नहीं बल्कि अखिलेश के दो अधिकारी नवनीत सहगल और रमारमण थे। ये दोनों अखिलेश के लिए दुधारू गाय थे। मायावती के समय में भी ये पैसा कमवाकर देते थे। रमारमण ने ही यादव सिंह को नोएडा और आस-पास के तीनों प्राधिकरण का चीफ इंजीनियर बनवाया। - मुलायम को नवनीत और रमारमण, दोनों पसंद नहीं थे। मुलायम ने इन्हें हटाने के लिए बेटे से कहा। अब इन दुधारू गायों को कौन हटाना चाहेगा...। इसलिए अखिलेश ने बाप की बात मानने से इनकार कर दिया। सारी लड़ाई यहीं से शुरू हुई। इसके बाद मुलायम और अखिलेश का अहम टकराने लगा। विवाद बढ़ता चला गया। जिसने कई लोगों की बलि ले ली। Q. इन अफसरों का क्या मोदी सरकार के मंत्रियों से कोई कनेक्शन है? - अखिलेश के लिए काम करने वाले भ्रष्टाचारी अफसर रमारमण का नाम मोदीजी के मंत्रियों से भी जुड़ा है। रमारमण का कहना है कि उसने मोदी के मंत्रियों को मैनेज कर लिया है। एक मंत्री महेश शर्मा उनके एक हाथ हैं, दूसरे मंत्री मनोज सिन्हा दूसरी बाजू हैं। रमारमण का कहना है कि वे मोदी के इन मंत्रियों का खास हैं। वे बाएं बाजू हैं। - मैं DainikBhaskar.com के जरिए अपने मित्र मनोज सिन्हा को सावधान कर रहा हूं। इस दुष्ट आत्मा से बचें। वरना मोदीजी को पता चल गया कि ऐसे भ्रष्ट अफसरों से मिले हैं तो आपकी इज्जत घट जाएगी। कुछ भी हो सकता है। Q. अखिलेश को यूपी अध्यक्ष पद से हटाने के पीछे की क्या कहानी है? - अखिलेश ने कई जगह मुलायम को सम्मान नहीं दिया। कई कारणों से मुलायम बेटे से बहुत गुस्सा रहे। उस दिन भी ऐसा ही था। मुलायम सिंह के घर से मेरे ऑफिस की दूरी 5 मिनट की है। जिस दिन अखिलेश को हटाया जाना था उस दिन मुलायम सिंह जी ने मुझे फोन करके कहा- अमर सिंहजी अपने ऑफिस के 2 स्टाफ मेरे यहां भेजो। मुझे लड़के को हटाना है। मैं अखिलेश को हटाने का काम अपने ऑफिस से नहीं करवाना चाहता था। ...बताओ! कल तक सब काम रामगोपाल से करवाते थे। मुझे फंसाने के लिए उस दिन मेरे स्टाफ को बुलाने लगे। मैं मूर्ख नहीं हूं...। बाद में धर्मपिता रामगोपाल के हस्ताक्षर से अखिलेश को हटवाया गया। Q. लोकदल का आरोप है कि अखिलेश ने मुलायम को नजरबंद कर रखा है... क्या कहना है? - मुलायम सिंह को नजरबंद करने की बात छोड़िए, अखिलेश यादव तो मुझ पर नजर रखवाते हैं। जब मेरी अखिलेश से आखिरी मुलाकात हुई थी तब उन्होंने मुझसे कहा था चाचा मेरी नजर से आप बच नहीं पाओगे। उन्होंने अपनी सीएम सिक्युरिटी के 5 सिपाहियों को मेरी मुखबरी के लिए लगाया। जो उन्हें मेरी हर सूचना पहुंचाते हैं। आज भी इनमें से 2 सिपाही मेरे सिक्युरिटी में लगे हैं। आज आए हैं इंटरव्यू लेने... शायद ये जानकारी भी उन सिपाहियों ने एडीजी लॉ के माध्यम से सीएम तक पहुंचा दी होगी। Q. परिवार में बाहर जो लड़ाई दिख रही है वही अंदर भी है क्या? - नहीं, अंदर परिवार में कोई लड़ाई नहीं है। बस राजनीतिक हित के लिए इस लड़ाई को बाहर दिखाने की कोशिश की जा रही है। सच ये है कि मुलायम-अखिलेश एक हैं। देवरानी-जेठानी एक हैं। सब एक-दूसरे का प्रचार कर रहे हैं। आप ही बताइए, अगर परिवार में लड़ाई होती या लोग एक ना होते तो डिम्पल यादव देवरानी अपर्णा का प्रचार क्यों करने जातीं? आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, अमर सिंह ने सपा और मुलायम परिवार पर क्या कहा...
    Last Updated: February 22, 15:56 PM
  • वॉशिंगटन. अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे लाखों लोगों पर देश से बाहर किए जाने का खतरा पैदा हो गया है। इनमें ऐसे भी लोग शामिल हैं, जो ट्रैफिक रूल्स तोड़ने जैसे छोटे मामले में कभी अरेस्ट हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने मंगलवार को इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट को सख्त बनाने वाली पॉलिसी को लेकर दो मेमो जारी किए। इसके बाद से बिना डॉक्युमेंटेशन के रह रहे सवा करोड़ इमिग्रेंट्स पर निकाले जाने का खतरा बढ़ गया है। 3 लाख भारतीय अमेरिकियों को भी खतरा... - होमलैंड सिक्युरिटी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी जॉन केली ने इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट को लेकर दो मेमो जारी किए हैं। - इसके तहत, अमेरिका में गैरकानूनी रूप से रह रहे इमिग्रेंट्स देश छोड़ने की लिस्ट में सबसे पहले आएंगे। - साथ ही, उन इमिग्रेंट्स को भी शामिल किया जाएगा, जो किसी क्राइम के दोषी पाए गए हों या फिर किसी मामले के सस्पेक्ट हों। - इसमें चोरी और बॉर्डर क्रॉस करने जैसे मामलों में भी अरेस्ट हुए इमिग्रेंट्स को शामिल किया जाएगा। - इमिग्रेशन पॉलिसी में इस बदलाव के बाद गैरकानूनी तरीके से रह रहे सवा करोड़ इमिग्रेंट्स पर खतरा मंडरा रहा है, जिनमें 3 लाख भारतीय अमेरिकी हैं। - नई गाइडलाइन के तहत पकड़े जाने वाले लोगों को साबित करना होगा कि वे अमेरिका में लगातार दो साल से रह रहे थे।साबित नहीं कर पाने पर उन्हें बिना किसी अदालती कार्यवाही के देश से बाहर निकाल दिया जाएगा। - बता दें कि ये निर्देश ट्रम्प के इलेक्शन कैम्पेन में किए गए वादों का नतीजा है, जिसमें उन्होंने इमिग्रेशन लॉ को और मजबूत करने को कहा था। दो कैटेगरी में रखे गए इमिग्रेंट्स - ओबामा के दौर में देश में गैरकानूनी तौर पर रह रहे इमिग्रेंट्स को अकेला छोड़ दिया जाता था। - अब इमिग्रेंट्स को दो कैटेगरी में रखा गया है। एक वो जिन्होंने बिना परमिशन बॉर्डर क्रॉस किया और दूसरे वो जो देश में वीजा में तय वक्त से ज्यादा दिनों तक रह रहे। - ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के नए मेमो के मुताबिक, गैरकानूनी तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर यूएस आना क्राइम है। ऐसे इमिग्रेंट्स को सबसे पहले यूएस छोड़ना होगा। - हालांकि, वीजा से ज्यादा वक्त तक रहने को अपराध नहीं माना जाएगा। लिहाजा, ऐसे इमिग्रेंट्स को देश निकाले के लिए तैयार की जाने वाली प्रायोरिटी लिस्ट में नहीं रखा जाएगा। मेक्सिको भेजने की होगी कोशिश - नई गाइडलाइन में एक पुराने कानून को भी लागू करवाने की बात की गई है, जिसके तहत सीमा पर पकड़े गए लोगों को जबरन मेक्सिको भेजा जा सकता है, वो चाहे जिस भी देश के हों। - हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि अमेरिका के पास विदेशी लोगों को जबरन मेक्सिको भेजने का अधिकार है या नहीं। मेक्सिको का रिएक्शन - अमेरिका में मेक्सिको के एम्बेसडर गेरोनिमो गुतिरेज ने पॉलिसी में यह बदलाव बेहद गंभीर बताया है। - उन्होंने कहा कि ये बदलाव फॉरेन रिलेशन डिपार्टमेंट, मेक्सिको सरकार और वहां के सभी लोगों के लिए चिंता की बात है। पहले 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर लगाया था बैन - इससे पहले ट्रम्प ने 27 जनवरी को 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर बैन लगाया था, उनमें इराक, ईरान, लीबिया, सूडान, सीरिया, सोमालिया और यमन थे। - तब व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ द स्टाफ रींस प्रीबस ने कहा था, हमने इन 7 देशों को चुना तो इसकी एक खास वजह है। - कांग्रेस और ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन, दोनों ने इन 7 देशों की पहचान कर रखी थी कि वहां खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। - प्रीबस ने कहा था, अब आप कुछ अन्य ऐसे देशों की ओर भी इशारा कर सकते हैं, जहां एक तरह की समस्याएं हैं, जैसे पाकिस्तान और कुछ अन्य देश। - शायद हमें इसे और आगे ले जाने की जरूरत है। फिलहाल, इन देशों में जाने और वहां से आने वाले लोगों की गंभीरता से जांच-पड़ताल की जाएगी।
    Last Updated: February 22, 15:49 PM
  • तिरुवनंतपुरम. केरल में पुलिस ने पार्क में बातचीत कर रहे कपल को अच्छे बर्ताव की सीख दी। कपल के पास जब कोई आइडेंटिटी कार्ड नहीं मिला तो पुलिस उन्हें थाने लेकर गई और जुर्माना लगा दिया। खास बात ये है कि पूरे मामले को लड़के ने फेसबुक के स्ट्रीमिंग वीडियो फीचर के जरिए लाइव पोस्ट कर दिया, जो वायरल हो गया।कपल ने क्या कहा... - कपल (विष्णु और आरती) के मुताबिक, मंगलवार सुबह 11 बजे हम तिरुवनंतपुरम के एक गार्डन में बैठे थे। एक महिला कॉन्स्टेबल आई। उन्होंने कई सवाल पूछे। आईडी दिखाने को कहा। इसके बाद वो हमें हमें अच्छे बिहेवियर का पाठ पढ़ाने लगीं। पब्लिक प्लेस पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया। - पार्क में बैठकर बात करना हमारा हक है। हम चाहते हैं कि अगर पुलिस आपको परेशान करे तो उनकी सच्चाई सामने लाएं। - कपल का वीडियो एक दिन में फेसबुक पर 55 हजार से ज्यादा बार देखा गया। 3 मिनट के इस वीडियो में क्या है? - वीडियो तीन मिनट का है। दो महिला कॉन्स्टेबल पार्क में बैठे कपल से पूछती हैं कि क्या तुम्हारी शादी हो गई? - इसके बाद 24 साल के विष्णु ने फेसबुक लाइव वीडियो शुरू किया। उन्होंने जवाब दिया- नहीं अभी नहीं, शादी थोड़े दिनों में होने वाली है। एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर बैठने पर कॉन्स्टेबल उन्हें अच्छे बर्ताव का लेक्चर देने लगी। - थोड़ी देर बाद महिला कॉन्स्टेबल अपने पुरुष साथियों को भी बुला लेती है। कपल से कई तरह के सवाल पूछते हैं। आईडी नहीं होने पर पुलिस स्टेशन ले जाने की धमकी देते हैं। - विष्णु ने पुलिस से सवाल पूछे, बताओ हमने क्या अश्लील हरकत की? क्या हमने किस किया? क्या एक-दूसरे को गले लगाया? यहां कई कैमरे लगे हैं। आप हमें परेशान नहीं कर सकते। हम सिर्फ एक-दूसरे के कंधों पर हाथ रखकर बात कर रहे थे। पुलिस ने लगाया 200 रुपए जुर्माना - लेकिन पुलिस कपल को थाने ले गई। पुलिस का आरोप है कि वो पार्क में अश्लील हरकतें कर रहे थे। उनके पास कोई आईडी भी नहीं थी। पब्लिक प्लेस पर शांति भंग करने के लिए कपल पर 200 रुपए जुर्माना लगाकर छोड़ दिया। - एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा, इसे मॉरल पुलिसिंग की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। पुलिस को इसकी शिकायत मिली थी। इसके बाद हमारी टीम मौके पर गई। - लड़की ने एक न्यूज चैनल से कहा, हम वैसे भी काफी थक चुके थे। पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था कि हमने क्या गलत किया। उन्होंने जुर्माने की स्लिप पर साइन कराए और जाने दिया। हम जल्द ही शादी करने वाले हैं।
    Last Updated: February 22, 15:48 PM
  • खरगोन. यूपी के इस शार्प शूटर को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई, लेकिन उसके चेहरे पर ऐसे भाव दिखाई दे रहे थे। जज ने बचाव पक्ष के वकील की नरमी बरतने की अपील को ठुकराते हुए मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए यह कठोर सजा सुनाई है। मृतक परिजनों ने फैसले पर कहा किघटना के 8 साल बाद अब तसल्ली मिली है। शासन की ओर से विशेष सरकारी वकील राजकुमार अत्रे ने पैरवी की। कोर्ट ने मुख्य हत्यारा मुन्ना शूटर को माना है। खरगोन एडीजे कोर्ट के इतिहास में हत्या के मामले में पहली बार फांसी का फैसला सुनाया है। इंदौर हाईकोर्ट के अनुमोदन के बाद मुन्ना को फांसी होगी। फैसले के बाद आरोपी पक्ष के वकील हरीश त्रिपाठी का कहना है फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। नरमी बरतने के आग्रह को जज ने कैसे कठोर शब्दों में नकारा आप नरमी बरतने की बात कहते हैं। ये मामला सामान्य नहीं है। दिनदहाड़े डकैती और हत्या की इस वारदात से पहले शहर के लोगों ने अपने आप को कभी इतना असुरक्षित महसूस नहीं किया। ये विरलतम मामला है जिसमें सिर्फ एक घटना ने लोगों में जान माल की सुरक्षा को लेकर दहशत पैदा कर दी। लूट और हत्या की वारदातें अब बढ़ रही हैं। फरियादी पक्ष के साथ भी इंसाफ नहीं होगा। अपराधियों के ही हौसले बुलंद होंगे। ये असामान्य घटना है इसलिए सजा भी गंभीर होनी चाहिए। -एन,एस डावर, चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश पांचवीं से ज्यादा नहीं पढ़ा दोनों हाथ से करता है शूट दैनिक भास्कर ने आजमगढ़ से पड़ताल की तो पता चला कि मुन्ना पांचवीं से ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। दोनों हाथ से पिस्टल पकड़कर एक साथ शूट कर सकता है। आजमगढ़ के अलावा गोरखपुर में भी इसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। खरगोन में वारदात के बाद दो साल तक वह फरार रहा। एक मामले में आजमगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे खरगोन पुलिस को सौंपा गया था। यह अारोपी काट रहे हैं आजीवन कारावास मास्टर माइंडर जुबेर पिता काले खां (29), शफीक पिता तसरीफ पहाड़पुर गोरखुपुर (21), मोहम्मद पिता अनवर (41) , बड़ा रमजान पिता इब्राहिम (34), छोटा रमजान पिता कल्लू (23), बबलू उर्फ तस्लीम पिता मुस्तकीम (26) सभी निवासी खरगोन को 4 साल पहले आजीवन कारावास का फैसला सुनाया था। भाई वापस नहीं आएगा, लेकिन उसकी आत्मा को शांति जरूर मिलेगी फैसले के बाद बावड़ी बस स्टैंड स्थित बैंक कॉलोनी निवासी बालमुकुंद उर्फ लाला के पिता मोहनलाल, मां पुष्पा गुप्ता, बड़ी बहन शीतल व रुचि फैसले के बाद खुश दिखे। बहनों ने कहा, फांसी की सजा हुई है लेकिन हमारा भाई वापस नहीं आ सकता है। सजा से संतुष्ट हैं। हालांकि ऐसे गंभीर मामलों में जल्दी सुनवाई होना चाहिए। यह फैसला 8 साल में आया है। ऐसे रची गई थी साजिश तत्कालीन डीआईजी जनार्दन और टीआई अखिलेश द्विवेदी के अनुसार राजश्री जीनिंग में डकैती का मास्टरमाइंड जीनिंग में बारदान कारोबारी जुबेर काले खां था। उसने अपने साथ शहर के चार, गांव के पांच और दो यूपी के शूटरों को मिलाकर डकैती की साजिश रची। जुबेर ने खुद के मकान में डकैती की साजिश रची। मोहम्मद अनवर (41) रमजान कल्लू खां (23) बबलू उर्फ तसलीम मुस्लिम (26) निवासी संजयनगर अब्दुल अजीज काले खां (36) निवासी सिनखेड़ा टाडाबरूड़ बिहारीलाल नहारसिंह तड़वी (40) सिलदार नारायण तड़वी (39) चुन्नीलाल नारायण तड़वी (35) निवासी शाबाशपुरा भगवानपुरा बलिराम जगन्नाथ राठौड़ (64) निवासी उमरखली, रमजान पिता इब्राहिम (34) निवासी कुम्हारवाड़ा, मुन्ना उर्फ शाहनवाज अंसार खां निवासी करोली खुर्द थाना सरायमिर, आजमगढ़, शफीक तसरीफ खां पहाड़पुर जिला गोरखपुर को साजिश में शामिल किया गया था। 12 दिसंबर 09 को डकैती के दिन जुबेर व मुन्ना बाइक लेकर डायवर्शन रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने रुके थे। साइड में मोहम्मद बैंक के साइड में खड़ा था। अंदर बालमुकुंद और सुनील ने बैंक से पैसे निकाले। मोहम्मद ने जुबेर और मुन्ना को कार का पीछा करने का इशारा किया। इसके बाद जीनिंग के पास बाइक रोकी और डकैती की। ऐसे हुई गिरफ्तारी हत्या के तीसरे दिन ही जुबेर और खरगोन के उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। हत्या के दो साल तक मुन्ना शूटर फरार रहा। एक केस के मामले में आजमगढ़ पुलिस ने मुन्ना को गिरफ्तार किया था। आजमगढ़ यूपी पुलिस से खरगोन की पुलिस ने मुन्ना को 27 सितंबर 2011 को सीजेएम कोर्ट में सौंपा। चैलेंजिंग था मामला - सरकारी वकील मामले की पैरवी कर रहे विशेष सरकारी वकील राजकुमार अत्रे ने कहा कि जीवन का यह कठिन केस था। मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी डकैती का मामला सनसनीखेज चैलेंजिंग भी था। यह मेरे जीवन की उपलब्धियों में से एक है। इसमें न्यायालय ने ऐतिहासिक फांसी का फैसला सुनाया। आगे की स्लाइड्स में संबंधित फोटोज....
    Last Updated: February 22, 15:15 PM
  • लखनऊ. यूपी असेंबली इलेक्शन के बीच में नीतीश कुमार को राज्य के पार्टी प्रेसिडेंट सुरेश निरंजन को बर्खास्त करना भारी पड़ता जा रहा है। पार्टी के इस फैसले के बाद जेडीयू प्रदेश कमेटी के 82 नेताओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। इन लोगों का कहना है कि निरंजन को हटाने का निर्णय डेमोक्रैटिक नहीं है। पार्टी ने जो कहा वह किया नहीं... - जेडीयू के यूपी जनरल सेक्रेटरी सुभाष पाठक ने बताया- चुनावों से पहले हम लोगों से कहा गया कि पार्टी सभी सीटों पर कैंडिडेंट्स खड़ा करेगी। लेकिन बीच में ही ऑर्डर मिले की अब चुनाव नहीं लड़ना हैं। बिना किसी बातचीत के इस तरह का फैसला ठीक नहीं है। - सुरेश निरंजन को हटाने का फैसला भी सही नहीं है। यही वजह है कि प्रदेश की पूरी यूनिट अपने पदों से तत्काल इस्तीफा देते हैं। निरंजन पर था अखिलेश के लिए काम करने का आरोप - सोमवार कोपार्टी नेसुरेश निरंजन को बर्खास्त कर दिया था। राष्ट्रीय महासचिवकेसी त्यागी ने बताया था कि सुरेश अखिलेश यादव के साथ मिलकर पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। - उन्होंने यूपी के कई दूसरे दलों के सीनियर नेताओं से पार्टी हाईकमान की बुराई की और कहा कि हमारी पार्टी के हाईकमान सही फैसला नहीं लेते हैं। - सुरेश निरंजन ने पूरे यूपी में अपने कैंडिडेट्स को खड़ा किया, जबकि पार्टी हाईकमान की तरफ से बीजेपी को हराने वाले कैंडिडेट्स को वोट कर उन्हें समर्थन देने के लिए कहा गया था। कई बार अखिलेश के साथ मंच पर दिख चुके हैं सुरेश - केसी त्यागी ने बताया कि सुरेश सपा से अलायंस न होने के बावजूद अखिलेश के साथ मंच पर दिखाई दिए हैं। - हम बीजेपी को हराना चाहते हैं। उसके लिए सबको एक होना होगा, लेकिन कुछ लोगों को स्वार्थ दिख रहा है। वो सिर्फ अपनी पार्टी को आगे रखना चाहते हैं। - बता दें कि सुरेश 2007 से जेडीयू के चीफ थे। सुरेश निरंजन ने पूरे यूपी में अपने कैंडिडेट्स को खड़ा किया। पार्टी के इन नेताओं ने दिया इस्तीफा - राम हर्ष वर्मा ट्रेजरर, डॉ मंजू वर्मा, प्रेसिडेंट (महिला), दिवाकर सिंह, सेक्रेटरी, सुभाष पाठक, जनरल सेक्रेटरी। - इसके अलावा, नरेंद्र छाबड़ा, महेश प्रजापति, रामानुज शर्मा, जीतेन्द्र चैधरी, डॉ लोलारख उपाध्याय, रविन्द्र सिंह, मनोज श्रीवास्तव, मेराज अहमद इदरीश, राजेंद्र कुमार शर्मा, अजय त्रिपाठी, बी० भास्कर, राम बाबू, पंकज श्रीवास्तव, महेश प्रसाद शर्मा, निर्मल कुमार, अरुण कुमार सोनी, और जमलदीन सिद्दीकी ।
    Last Updated: February 22, 15:09 PM
  • लखनऊ. शिवपाल यादव ने बुधवार को एक न्यूज एजेंसी से कहा- मैं समाजवादी पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ रहा हूं तो पार्टी में ही हूं। अगर 11 मार्च के बाद अपमान और उपेक्षा न हो तो फिर हम साथ हैं। बीजेपी के साथ मिलकर साजिश की जा रही है। जसवंतनगर में चुनाव के दिन हुए हमले पर शिवपाल ने कहा- कुछ बड़े लोगों के इशारे पर डीएम-एसएसपी ने जसवंतनगर में लाठी-चार्ज करवाया। मैं तो नेताजी के साथ... - न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में शिवपाल यादव ने कहा- मैं हमेशा से जसवंतनगर से जीता हूं। इस चुनाव में कुछ लोग बीजेपी के साथ मिलकर मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं। - ये लोग अवैध कामों में लगे हुए हैं। - मैं चाहता था कि नेताजी का सम्मान हमेशा रहे। मैं नेताजी के साथ हूं, उनका जो आदेश होगा, वो ठीक है। नहीं चाहता कांग्रेस कैंडिडेट्स के लिए प्रचार करना - शिवपाल ने कांग्रेस कैंडिडेट्स के लिए प्रचार के सवाल पर कहा- मैं कांग्रेस कैंडिडेट्स का प्रचार करना नहीं चाहता। अगर नेताजी चाहेंगे तो जाऊंगा। - साथ ही उन्होंने कहा- मैंने समाजवादी पार्टी के लिए भी कैम्पेन करने का सोचा नहीं है। अखिलेश ने शिवपाल पर किया था कमेंट - इससे पहले 16 फरवरी को अखिलेश यादव ने इटावा की एक रैली में शिवपाल यादव को पर कमेंट किए थे। - उन्होंने कहा था, हमने सुना है, यहां नई पार्टी बनने जा रही है, ये आरोप तो हम पर लगता था। जिन्होंने नेताजी और मेरे बीच खाई पैदा की है, इटावा के लोग उसे सबक सिखाने का काम करें। - जिन पर हमने भरोसा किया, उन्होंने मुझे और नेताजी को लड़ा दिया। पता नहीं वो राजनीति थी या स्वार्थ था। इन लोगों ने साजिश की, जब साजिश का पर्दाफाश हुआ तो कहते हैं कि विरासत में कुछ नहीं मिला। - ये भी सुनने में आ रहा है कि कहीं-कहीं चुपके-चुपके मोबाइल से साइकिल को हराने की बात हो रही है। कुछ लोग हैं जो साइकिल को हराना चाहते हैं और आप लोग साइकिल को जिताना चाहते हैं। - कौन समझाए कि नई पार्टी बनाने से कुछ होगा नहीं। ये लोग धोखे से नेताजी से आशीर्वाद ले रहे थे। इन्हीं लोगों ने धोखे से हमें भी पार्टी से निकाला था। - बता दें, शिवपाल ने इटावा में एक रैली में नई पार्टी बनाने की बात कही थी। इटावा शिवपाल यादव का गढ़ है। यहां की जसवंतनगर सीट से वे सपा के कैंडिडेट हैं। शिवपाल ने कहा था- मेरे ऊपर नेताजी का आशीर्वाद - अखिलेश के कमेंट पर शिवपाल ने कहा था, मेरे ऊपर नेताजी का आशीर्वाद है। लोगों का समर्थन है। मुझे कुछ नहीं कहना। मुलायम ने किया था शिवपाल का प्रचार - इससे पहले मुलायम ने यूपी इलेक्शन में प्रचार की शुरुआत शिवपाल यादव के लिए कैम्पेन करके ही की थी। - मुलायम ने शिवपाल के लिए जसवंतनगर में प्रचार किया था। हालांकि, उन्होंने इटावा की दूसरी सीटों के लिए प्रचार नहीं किया था। इटावा का गणित - इटावा में कुल 3 विधानसभा सीटें हैं। इसमें जसवंतनगर, भरथना और इटावा शामिल हैं। - जसवंतनगर से शिवपाल यादव सपा के कैंडिडेट हैं। इसके अलावा अन्य दो सीटों पर अखिलेश खेमे के नेता चुनाव लड़ रहे हैं। - इटावा से कुलदीप कुमार और भरथना से कमलेश कठेरिया सपा के कैंडिडेट हैं। ये दोनों नेता अखिलेश के करीबी हैं।
    Last Updated: February 22, 15:01 PM
  • 13 साल बाद ट्रेन में बैठे धोनी, टीम के साथ ऐसे किया एंजॉय रांची. विजय हजारे ट्राफी में झारखंड टीम की कमान संभालते हुए महेंद्र सिंह धोनी पूरी टीम के साथ कोलकाता के लिए रात 9:45 बजे ट्रेन से मंगलवार को रवाना हुए। धोनी 13 साल बाद ट्रेन में चढ़े। हटिया-हावड़ा एक्सप्रेस के ए-वन एसी बोगी में रांची स्टेशन तक रांची रेल मंडल के सीनियर डीसीएम नीरज कुमार ने स्कॉट की। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....) 6 महीने में 10% बढ़ी भारतीयों की प्रॉपर्टी, मुंबई सबसे अमीर: न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट नई दिल्ली. भारतीयों की कुल संपत्ति 415 लाख करोड़ रुपए है। 6 महीने में यह करीब 10% बढ़ी है। जून 2016 में कुल संपत्ति 375 लाख करोड़ रुपए थी। एक रिपोर्ट में मुंबई को सबसे अमीर बताया गया है। साथ ही, देश में 2,64,000 करोड़पति और 95 अरबपति हैं। कुल संपत्ति के लिहाज से भारत दुनिया में छठे नंबर पर है। ये रिपोर्ट न्यू वर्ल्ड वेल्थ ने पेश की है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...) बियर बॉटल पर गणेशजी, जूते पर ऊं; US के ऑनलाइन रिटेलर्स के खिलाफ FIR नई दिल्ली. बियर की बॉटल पर गणेश और जूते पर ऊं सिंबल वाले प्रोडक्ट्स बेचने के आरोप में यूएस के 2 ऑनलाइन रिटेलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यूएस की ऑनलाइन कंपनियां भारत के लोगों की भावनाओं से खेलती हैं। इन्हें रोका जाना चाहिए। बता दें कि कुछ दिन पहले तिरंगा बने डोरमैट बेचने का मामला सामने आया था। तब सुषमा स्वराज ने अमेजन कंपनी को इसे हटाने के लिए वॉर्निंग दी थी। (पूरी खबर पढने के लिए यहां क्लिक करें...) स्किल्ड प्रोफेशनल्स पर दूर की सोच अपनाए US: H-1B वीजा पर मोदी बोले नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एच1बी वीजा में कटौती के रुख पर नरेंद्र मोदी ने उन्हें संतुलित रवैया रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि स्किल्ड प्रोफेशनल्स की आवाजाही पर अमेरिका दूर की सोच अपनाए। एच1बी वीजा में कटौती का भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स पर सबसे ज्यादा असर होगा। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...) जख्मी डॉक्टर समेत 6 भारतीयों को ISIS से छुड़ाया, सुषमा ने की अफसरों की तारीफ नई दिल्ली. लीबिया में एक डॉक्टर समेत 6 भारतीयों को आईएसआईएस ने बंधक बनाया था। भारत ने अब इन्हें छुड़ा लिया है। खुद सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। साथ ही, लीबिया में भारतीय मिशन के अफसरों की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि बंधकों में डॉ. राममूर्ति कोसानम भी हैं, जिन्हें गोली लगी थी। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...) अगली स्लाइड पर पढ़िए- JK में महंगी शादियों पर लगी रोक
    Last Updated: February 22, 14:59 PM
  • पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट ब्रजेश पांडेय ने रेप की कोशिश का केस दर्ज होने के बाद इस्तीफा दे दिया। ब्रजेश पर आरोप बिहार के ही एक एक पूर्व मंत्री की बेटी ने लगाया था। इस मामले में एक पूर्व आईएएस का बेटा निखिल प्रियदर्शी भी आरोपी है। फिलहाल, दोनों आरोपी फरार हैं। विक्टिम ने आरोपियों पर सेक्स रैकेट चलाने और मारपीट का आरोप भी लगाया है। क्या है मामला.... - विक्टिम ने निखिल और ब्रजेश पर 10 जनवरी को रेप और सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया था। उसने कहा कि रैकेट में 100 से ज्यादा लड़कियां हैं। - सीआईडी-एसआईटी ने जांच की। जांच और पीड़िता के कोर्ट में दिए बयान के आधार पर सीआईडी ने सोमवार को ब्रजेश का नाम भी सेक्स रैकेट केस में जोड़ दिया था। इसके बाद मंगलवार को ब्रजेश ने इस्तीफा दे दिया। - एसआईटी ने गिरफ्तारी के लिए उनके घर छापा मारा। लेकिन, वो फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। - विक्टिम ने निखिल की फैमिली के खिलाफ भी केस किया था। लेकिन, कोर्ट ने इसे नहीं माना। दोस्त हैं निखिल और ब्रजेश - विक्टिम के मुताबिक ब्रजेश और निखिल करीबी दोस्त हैं। सेक्स रैकेट में निखिल का साथ ब्रजेश भी देते थे। - इस केस में अपने नेता का नाम आने के बाद से कांग्रेस परेशान थी। अपोजिशन ब्रजेश पर कार्रवाई की मांग कर रहा था। - कांग्रेस स्पोक्सपर्सन हरखू झा ने कहा- स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. अशोक चौधरी ने पांडेय इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। ब्रजेश ने क्या कहा? - इस्तीफे में ब्रजेश ने लिखा- साजिश के तहत गंदे और घिनौने आरोप में फंसाने की कोशिश हो रही है। लड़की ने पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया था। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग हुई थी। उसने मेरा नाम नहीं लिया। एफआईआर में भी नाम नहीं है। - ब्रजेश के मुताबिक- वो नहीं चाहते कि उनकी वजह से पार्टी को नुकसान हो। इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं। - पांडेय 2015 में गोविंदगंज सीट से असेंबली इलेक्शन लड़ चुके हैं। लेकिन, हार गए थे। विक्टिम ने कहा- टॉर्चर करता था निखिल - विक्टिम ने मंगलवार को मीडिया से कहा- निखिल और उसकी फैमिली मुझे टॉर्चर करके खुश होती थी। निखिल की आईपीएस लॉबी तक पहुंच है। - उसने कहा- निखिल के जिस कार शो रूम को सील किया गया है, सेक्स रैकेट वहीं से ऑपरेट किया जाता था। ब्रजेश हमेशा निखिल के साथ रहते थे।
    Last Updated: February 22, 14:53 PM
  • इंटरनेशनल डेस्क. ISIS अब अटैक के लिए ड्रोन बम का इस्तेमाल कर रहा है। टेररिस्ट ग्रुप ने दावा किया है कि उसने एक हफ्ते के भीतर ड्रोन बम अटैक में 39 इराकी सैनिक मार गिराए हैं। मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने नार्दन इराक में आईएस के 2 आतंकियों को ड्रोन बमों का प्रदर्शन करते देखा गया था। ड्रोन करीब 6 फुट चौड़ा था, जिसके साथ एक छोटा बम भी बंधा था। ड्रोन अटैक की वीडियो क्लिप बनाई... - रिपोर्ट के मुताबिक टेररिस्ट ने ड्रोन अटैक की एक दूसरे ड्रोन से वीडियो क्लिप बनाई। ड्रोन मोसुल सिटी के उस हिस्से से गुजरा, जहां इराकी गठबंधन सेना का कब्जा है। - ड्रोन ने इराकी सेना के एक आउटपोस्ट पर बम गिरा दिया। धमाके के बाद एक सैनिक जमीन पर गिरा हुआ नजर आया। इस घायल सैनिक की या तो मौत हो चुकी थी, या फिर वह बुरी तरह घायल हो गया था। ड्रोन को कंट्रोल करने के लिए यूनिट - मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमईएमआरआई)की रिपोर्ट के मुताबिक, इन ड्रोन को कंट्रोल करने के लिए पिछले महीने अनआर्म्ड एयरक्राफ्ट मुजाहिद्दीन नाम की एक यूनिट बनाई गई। - रिपोर्ट के कहा गया, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। मोसुल में पिछले कुछ हफ्तों में आईएस की ओर से ऐसे कई ड्रोन हमले किए गए हैं। - ISIS का दावा है कि एक हफ्ते में 39 इराकी सैनिक ड्रोन अटैक में मार गए और सैकड़ों घायल हुए। आईएस के न्यूजलेटर अल-नाबा ने ड्रोन को काफिरों को खौफ में डालने वाली एक नई चीज बताया है। आम नागरिकों को भी खतरा - अमेरिकी अधिकारियों ने माना है कि आईएस लगातार ड्रोन से बम गिरा रहा है। IS ने जो इराकी सैनिकों की मौतों का दावा किया है, उसका आंकड़ा कहीं ज्यादा है। 2 साल पहले IS ने निगरानी के लिए ड्रोन खरीदे थे। लेकिन, अब वो इनका इस्तेमाल अटैक में कर रहा है। - अमेरिकी और इराकी कमांडर्स ने सैनिकों को अलर्ट किया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इससे आम लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। सोशल मीडिया को यूज कर रहा है ISIS - एमईएमआरआई के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एस स्टालिन्स्की के मुताबिक, आईएस ने जंग में ड्रोन का कारगर तरीके से इस्तेमाल किया। - टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया का ISIS जमकर इस्तेमाल कर रहा है। वह अन्य आतंकी संगठनों को ऐसे हमलों के लिए प्रेरित सकता है। - स्टालिन्स्की ने ये दावा भी किया कि ISIS के ड्रोन अमेरिकी सेना के मुकाबले कुछ भी नहीं हैं। इन्हें कंट्रोल जो टैक्नीक अमेरिका के पास है, वह आतंकियों के पास नहीं। बड़ा नुकसान कर सकते हैं ड्रोन अटैक - स्टालिन्स्की ने कहा कि ISIS के ड्रोन अटैक को कम नहीं आंका जा सकता, क्योंकि इससे गिराया गया 3 पाउंड मोर्टार शेल वाला एक छोटा बम भी 45 फीट का एरिया कवर कर सकता है। - मोर्टार भीड़भाड़ वाले इलाके में गिर जाए तो दर्जनों लोगों की मौत और कई घायल हो सकते हैं।
    Last Updated: February 22, 14:44 PM
  • नई दिल्ली. देश की तीसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील 600 लोगों की छंटनी कर सकती है। कंपनी का टारगेट दो साल में प्रॉफिटेबल बनना है। छंटनी ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और पेमेंट्स ऑपरेशन्स से होगी। सोर्सेस के मुताबिक, कंपनी ने इसकी प्रॉसेस पिछले हफ्ते शुरू कर दी है। छंटनी सभी लेवल पर होगी और इसे अगले कुछ दिन में पूरा किया जाएगा। स्नैपडील में 8,000 कर्मचारी हैं। कंपनी का मकसद, बिजनेस ग्रोथ... - स्नैपडील के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि दो साल में देश की पहली प्रॉफिट कमाने वाली ई-कॉमर्स कंपनी बनने की राह में यह हमारा अहम कदम है। - हम अपने सभी तरह के बिजनेस में एफिशियेन्सी को बनाए रखना चाहते हैं, ताकि कंज्यूमर्स और सेलर्स को वैल्यू प्रोडक्ट और सर्विसेस दी जा सकें। - उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने रिसोर्सेस और टीम को संगठित कर रहे हैं, ताकि हाई क्वालिटी बिजनेस ग्रोथ के अपने मकसद को पूरा किया सके। पहले उठा चुकी है कई कदम - स्नैपडील ने अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने के लिए पहले से कई कदम उठाए हैं। - इसकी वजह से डिलिवरी कॉस्ट 35 फीसदी कम हो गई और कंपनी की फिक्स्ड कॉस्ट 25 फीसदी घटी। - कंपनी को उम्मीद है कि इस फाइनेंशियल ईयर में स्नैपडील का नेट रेवेन्यू 3.5 गुना बढ़ सकता है। अमेजन और फ्लिपकार्ट से मिल रही है टक्कर - स्पोक्सपर्सन ने कहा कि दो साल के भीतर स्नैपडील भारत में पहली ऐसी ई-कॉमर्स कंपनी होगी, जो प्रॉफिटेबल होगी। - कंपनी को उम्मीद है कि उसका लॉजिस्टिक वेंचर वूलकन एक्सप्रेस इस साल के बीच तक प्रॉफिटेबल हो जाएगा। - बता दें कि स्नैपडील को अमेजन और फ्लिपकार्ट से कड़ी टक्कर मिल रही है। उसे कैपिटल जुटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
    Last Updated: February 22, 14:30 PM
  • लखनऊ. यूपी में चौथे फेज के लिए 12 जिलों की 53 सीटों पर गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। इस फेज में 680 कैंडिडेट्स चुनाव मैदान में हैं, जिनमें सिर्फ 9 फीसदी ही महिलाएं हैं। वहीं, वोटर्स की तादाद 1 करोड़ 69 लाख है। पिछली बार इन जिलों में एवरेज 58% वोटिंग हुई थी। इस फेज में पार्टियों ने 72.7 फीसदी यानी 493 ऐसे कैंडिडेट्स को टिकट दिया है, जिनकी उम्र 25 से 50 साल के बीच है। वहीं, 189 कैंडिडेट्स करोड़पति हैं, जिनमें सबसे ज्यादा बीएसपी से हैं।DainikBhaskar.com इन सीटों की एनालिसिस कर बता रहा है कि यहां कौन सबसे ज्यादा करोड़पति, सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा और कौन हैं बड़े चेहरे... इन जिलों में होनी है वोटिंग - प्रतापगढ़, कौशांबी, इलाहाबाद, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर और रायबरेली। चौथे फेज में 189 कैंडिडेट करोड़पति - बसपा- 53 में से 45 कैंडिडेट्स - बीजेपी- 48 में से 36 कैंडिडेट्स - सपा- 33 में से 26 कैंडिडेट्स - कांग्रेस- 25 में से 17 कैंडिडेट्स चौथे फेज में ये हैं प्रमुख चेहरे- 1# रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (निर्दलीय, सीट- कुंडा) - राजा भैया कुंडा से निर्दलीय विधायक हैं और अखिलेश सरकार में मंत्री हैं। वे बाहुबली नेता माने जाते हैं। - वे लगातार 5 बार से निर्दलीय कैंडिडेट के रूप में कुंडा विधानसभा से जीत रहे हैं। - वे बीजेपी और सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। 2# अदिति सिंह (कांग्रेस, सीट-रायबरेली सदर) - अदिति सिंह रायबरेली के बाहुबली नेता अखिलेश सिंह की बेटी हैं। उन्होंने लंदन से एमबीए की डिग्री ली है। - प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने चुनाव में उतरने का फैसला किया। - अदिति अब अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल रही हैं। 3# पूजा पाल (बसपा, सीट-इलाहाबाद पश्चिमी) - पूजा बसपा से विधायक हैं। वह बाहुबली अतीक अहमद को भी हरा चुकी हैं। - पहले वे हॉस्पिटल में हाउसकीपिंग का काम करती थीं। 4# आराधना मिश्रा (कांग्रेस, सीट-रामपुर खास) - आराधना कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। - वे विधायक हैं और एक बार फिर से कांग्रेस ने उन्हें मैदान में उतारा है। - प्रमोद का यहां से लगातार 9 बार जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। 5# नंदगोपाल नंदी (बीजेपी, सीट- इलाहाबाद दक्षिण) - नंदगोपाल बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। बसपा से उन्होंने लोकसभा का भी चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। - बीजेपी ज्वाइन करते ही उनका टिकट अनाउंस कर दिया गया। 6# अनुग्रह नारायण सिंह (कांग्रेस, सीट- इलाहाबाद उत्तरी) - अनुग्रह लगातार तीन बार से जीतते आ रहे हैं। उन्हें कांग्रेस का कद्दावर नेता माना जाता है। - वे इलाहाबाद उत्तरी से कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं। 7# नीलम करवरिया (बीजेपी, सीट- मेजा) - नीलम बाहुबली उदयभान करवरिया की पत्नी हैं। उनके पास 4.63 करोड़ रुपए के 8 बंगले और फ्लैट हैं। - इसके बावजूद वे पिछले 2 साल से मेजा विधानसभा क्षेत्र के एक छोटे-से मकान में रह रही हैं। - वो सुबह-शाम गांव की गलियों में घर-घर जाकर बीजेपी का प्रचार कर रही हैं। 8# दीप नारायण यादव (सपा, सीट- गरौठा, झांसी) - दीप नारायण गरौठा से विधायक हैं और अखिलेश के करीबी हैं। - वे 10 साल से विधायक हैं और बाहुबली नेता माने जाते हैं। 9# वीर सिंह पटेल (सपा, सीट- चित्रकूट) - वीर सिंह कुख्यात डकैत ददुआ के बेटे हैं। हाल ही में वो ददुआ का मंदिर बनाकर चर्चा में आए थे। - वर्तमान में वे कर्वी विधानसभा से सपा विधायक हैं। 10# उत्कृष्ट मौर्य, (बीजेपी, सीट-ऊंचाहार, रायबरेली) - उत्कृष्ट स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे हैं। उनके खिलाफ बसपा के विवेक विक्रम सिंह चुनाव मैदान हैं। - वहीं, कांग्रेस से अजय पाल सिंह तो सपा से मनोज पांडेय चुनाव लड़ रहे हैं। - बता दें, स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए थे। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, चौथे फेज का क्या है जातिगत आंकड़ा और कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट्स...
    Last Updated: February 22, 14:21 PM
  • मुंबई. अपने ट्वीट्स को लेकर राइटर शोभा डे चर्चा में रहती हैं। मंगलवार को मुंबई में महानगरपालिका का चुनाव था। इसको लेकर उन्होंने ट्विटर पर एक ओवरवेट पुलिसवाले की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, मुंबई में आज हेवी बंदोबस्त किए गए हैं। इसको लेकर मुंबई पुलिस ने भी ट्वीट किया, हम मिस डे के शब्दों की कद्र करते हैं। लेकिन उन्होंने जो फोटो लगाई है, वो गलत है। पुलिस जवान और उसकी यूनिफॉर्म, दोनों ही मुंबई पुलिस के नहीं हैं। हम आपसे एक जिम्मेदार नागरिक होने की उम्मीद करते हैं। फोटो में मध्य प्रदेश पुलिस का जवान है... - शोभा डे के इस ट्वीट पर कई लोगों ने चुटकी ली। - तर्क वाचस्पति (@crashhgate) ने लिखा, अगर फोटो को जूम करके देखें तो एमपी पुलिस का बैज साफ दिख जाता है। इस तरह की नॉनसेंस पोस्ट न करें। - ऑफिस ऑफिस अकाउंट (@daxie97) से ट्वीट किया गया, ये यूनिफॉर्म मुंबई पुलिस की तो नहीं है। ये किसी दूसरे स्टेट/सिटी की हो सकती है। - मुंबई पुलिस (@MumbaiPolice) ने लिखा, हम मिस डे के शब्दों की कद्र करते हैं। लेकिन उन्होंने जो फोटो लगाई है, वो गलत है। पुलिस जवान ने जो ड्रेस पहनी है, वो मुंबई पुलिस की नहीं है। हम आपसे एक जिम्मेदार नागरिक होने की उम्मीद करते हैं। - हालांकि कुछ लोगों ने शोभा का सपोर्ट भी किया। - प्रतीक (@SiwachPrateek) ने ट्वीट किया, अगले का काम फिट रहने का है। ओलिंपिक के दौरान भी शोभा के ट्वीट्स चर्चा में रहे थे - शोभा ने लिखा था- ओलिंपिक में भारतीय टीम का एक ही लक्ष्य है- रियो जाओ, सेल्फीज लो, खाली हाथ वापस आओ। क्या ये मौका और पैसे की बर्बादी नहीं है? - इसको लेकर भी कई स्पोर्ट्सपर्सन्स और स्टार्स ने शोभा को क्रिटिसाइज किया था। - पीवी सिंधु के ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने पर शोभा ने ट्वीट किया था, सिल्वर प्रिंसेस? - इस ट्वीट को भी जमकर आड़े हाथों लिया गया था। - @SrBachchan ने ट्वीट किया था, #PVSindhu .. आप खाली हाथ नहीं, मेडल लेकर वापस आ रही हैं, और हम आपके साथ सेल्फी लेना चाहते हैं। - @SrBachchan ने दूसरे ट्वीट में कहा, #PVSindhu... आपने बोलने वालों की बोलती बंद कर दी... कर्म बोलता है और वो कभी-कभी कलम को भी हरा जाता है। - इसी तरह सहवाग के पैरोडी अकाउंट से ट्वीट किया गया, #SakshiMalik के गले में मेडल कितना Shobha De रहा है ना। इसे रीट्वीट करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने लिखा था, बिल्कुल, इसलिए ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जो Shobha Na De। - बाद में एक न्यूज चैनल से बातचीत में शोभा ने कहा था, मैंने वीरेंद्र सहवाग का ट्वीट नहीं देखा। हां, लेकिन अमिताभ बच्चन से सीखने की जरूरत है। वे बहुत संभल कर ट्वीट करते हैं। उनसे सीखूंगी।
    Last Updated: February 22, 14:21 PM
  • गैजेट डेस्क. माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार कोSkype Lite,Sangam और LinkedIn Lite ऐप्स लॉन्च किए। इन्हें भारत के कारोबारियों, स्टूडेंट्स औरकंज्यूमर्स को ध्यान में रखकर मॉडिफाई किया गया है। ये सभी ऐप्स सिर्फ भारत में ही यूज हो सकेंगे।Skype को पसर्नल कंप्यूटर (पीसी) के साथ स्मार्टफोन पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, अब कंपनी ने इसे एडवांस बनाते हुए आधार कार्ड से कनेक्ट करने का नया फीचर दिया है। इन प्रोडक्ट को कंपनी के CEO सत्या नडेला ने मुंबई में लॉन्च किया।जानें क्या हैं इसके फीचर्स 1. Skype Lite ऐप: - इस ऐप की साइज सिर्फ 13 एमबी है। - यह गुजराती, बंगाली, हिन्दी, मराठी, तमिल, तेलगु उर्दू लैंग्वेजको सपोर्ट करेगा। यह लो नेटवर्क पर भी काम करेगा। -स्काइप लाइट से इंस्टेंट मैसेजिंग के साथ-साथ ऑडियो और वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं। इसके अलावा यूजर्स अपने मोबाइल नंबर या रेग्युलर स्काइप आईडी से साइन अप कर सकते हैं। -इसे माइक्रोसॉफ्ट के हैदराबाद डेवलवमेंट सेंटर में डेवलप किया गया है। -इसमें डाटा मैनेजर भी है, जो डाटा यूज को ट्रैक करने में मदद करेगा। - इसमें आधार आइडेंटिटी बिल्ड इन होगी। यह एक तरह का फंडामेंटलआइडेंटिटी सिस्टम होगा। - आप रेग्युलर स्काइप ऐप और न्यू स्काइप लाइट एप परआधार आइडेंटिटी यूजर्स के साथ चैट कर सकते हैं। - बिजनेस टू बिजनेस या गवर्मेंट टू कंज्यूमर सर्विसेज को आधार आइडेंटिटी के इस्तेमाल से मैनेज किया जा सकता है। इसके अलावा फूड ऑर्डरिंग और Paytm यूज की तरह OTP जरनेट करता है। - इसका यूज जॉब इंटरव्यू, गर्वमेंट सर्विस के लिए यूज किया जा सकता है। 2. संगम प्रोग्राम लॉन्चकिया - माइक्रोसॉफ्ट ने संगम का नया प्रोग्राम भी लॉन्च किया। ये इंडियन यूजर्स को जॉब्स के लिए स्किल डेवलप करने में मदद करेगा। - इसके साथ संगम की मदद से लोग ट्रेनिंग भी ले सकेंगे। साथ ही, जॉब्स के लिए अप्लाई कर पाएंगे। -LinkedIn पर कॉलेज ग्रेजुएट्स को प्लेसमेंट दिलाने की प्लानिंग चल रही है।
    Last Updated: February 22, 14:09 PM

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