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  • मियामी. अमेरिका की प्राइवेट स्पेस एजेंसी स्पेसएक्स अगले साल दो टूरिस्ट को चंद्रमा पर भेजेगी। यह पहला मौका होगा जब टूरिस्ट को चंद्रमा पर भेजा जाएगा। 45 साल बाद कोई इंसान चंद्रमा पर पहुंचेगा। पिछले मिशन से तेज होगी स्पीड... - स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने कहा, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दो प्राइवेट सिटिजन्स ने (चंद्रमा के लिए) उड़ान भरने को लेकर हमसे कॉन्टेक्ट किया है। यह मिशन अगले साल के आखिरी तक भेजा जाएगा। - इंसान के लिए 45 साल बाद डीप स्पेस में वापसी का यह मौका होगा। वे सोलर सिस्टम में पहले से कहीं तेज और आगे ट्रैवल करेंगे। टूरिस्ट के नाम नहीं बताए - मस्क ने कहा, चंद्रमा पर जाने वालों ने काफी कुछ पेमेंट भी कर दिया है। - हालांकि, चंद्रमा पर जाने वाले दोनों टूरिस्ट का स्पेसएक्स ने नाम उजागर नहीं किया है। - टूरिस्ट की ट्रेनिंग और हेल्थ टेस्ट इस साल के आखिरी तक शुरू हो जाएंगे। SpaceXरॉकेट ने जमीन पर की थी लैंडिंग - स्पेसएक्स का कार्गो शिप हाल ही में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रसद लेकर रवाना हुआ था। - बाद में स्पेसएक्स रॉकेट ने जमीन पर सीधी लैंडिंग की थी। यह पहला मौका था, जब किसी रॉकेट को जमीन पर लैंड कराया गया था। - इससे पहले स्पेसएक्स ने अपना रॉकेट समुद्र में बने प्लेटफॉर्म पर लैंड कराने में कामयाबी हासिल की थी। 1969 में पहली बार चंद्रमा पर पहुंचा था इंसान - अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने 16 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर अपोलो-11 स्पेसक्राफ्ट भेजा था। - इससे एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रॉन्ग, एल्विन एल्ड्रिन और माइकल कॉलिंस को भेजा गया था। - 20 जुलाई 1969 को आर्मस्ट्रॉन्ग चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले इंसान बने। उनके बाद एल्विन एल्ड्रिन चंद्रमा पर उतरे। - उनके साथी माइकल कॉलिंस चंद्रमा पर नहीं उतरे थे। वे स्पेसक्राफ्ट से फोटो ले रहे थे और एक्सपेरिमेंट्स कर रहे थे। आखिरी मून्ड मिशन 45 साल पहले गया था - इससे पहले 11 दिसंबर 1972 को आखिरी बार चंद्रमा पर इंसान ने कदम रखे थे। - 7 दिसंबर 1972 को अपोलो-17 स्पेसक्राफ्ट से यूगीन सरनन, रोनाल्ड इवान्स और हैरिसन स्किमिट चांद पर भेजे गए थे। - बता दें कि यूगीन सरनन का इस साल जनवरी में ही निधन हुआ है। वो चांद पर कदम रखने वाले आखिरी शख्स थे।
    Last Updated: February 28, 11:33 AM
  • विजयवाड़ा. यहां एक प्राइवेट बस मंगलवार को पुल से एक नहर में गिर गई। हादसे के चलते 8 लोगों की मौत हो गई और 30 घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ड्राइवर नींद में था। इसके चलते वह बस को कंट्रोल नहीं कर पाया। भुवनेश्वर से हैदराबाद जा रही थी बस... - मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना मंगलवार को सुबह 5.30 बजे की है। - बस भुवनेश्वर से हैदराबाद जा रही थी। - 1000 किमी के सफर में बस का विजयवाड़ा में स्टॉपेज था जहां ड्राइवर चेंज हुआ। - घायल हुए लोगों को पास के सरकारी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। 10 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। - गैस कटर से बस काटकर लोगों को बाहर निकाला गया। कैसे हुआ हादसा? - सुबह साढ़े पांच बजे के करीब बस एक पुल से गुजर रही थी। - पुल पर आने-जाने के लिए अलग से लेन थी। इसके बीच में गैप था। - पुल से गुजरते हुए बस इसी गैप में गिर गई।
    Last Updated: February 28, 11:30 AM
  • नई दिल्ली. उबर टेक्नोलॉजी ने अपने सीनियर एग्जीक्यूटिव अमित सिंघल को जॉब छोड़ने के लिए कहा है। सिंघल को उनकी पुरानी कंपनी एल्फाबेट (गूगल) में लगे सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोपों को छिपाने की वजह से बाहर किया गया है। यह कदम ऐसे वक्त पर उठाया गया है, जब उबर खुद अपने ऑर्गनाइजेशन में इस तरह के आरोपों की जांच कर रही है। पूर्व महिला इंजीनियर ने की थी शिकायत... - इस महीने की शुरुआत में उबर की एक पूर्व महिला इंजीनियर ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि उसकी ओर से अनचाहे सेक्शुअल रिलेशन की रिपोर्ट करने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई। - कंपनी के अफसरों और एचआर ने उनके मैनेजर को कोई सजा नहीं दी। साथ ही महिला को बिना सहमति के रिलेशन बनाने और परफॉर्मेंस रिव्यू खराब करने की धमकी भी दी गई। उबर के सीईओ ने कहा- सिंघल छोंड़ें नौकरी - उबर ने बीते हफ्ते में ही अमेरिकी के पूर्व अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर को अप्वाइंट किया था। - होल्डर को कंपनी में महिलाओं की ओर से किए गए दावों का रिव्यू करने के लिए लाया गया था। - उबर के सीईओ ट्राविस कलानिक ने सोमवार को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंजीनियरिंग अमित सिंघल को रिजाइन देने के लिए कहा। - एक टेक्नोलॉजी न्यूज वेबसाइट रीकोड ने उबर को बताया था कि अमित पर उनकी पुरानी कंपनी में हैरेसमेंट का आरोप लग चुका है। सिंघल ने आरोप पर क्या कहा? -सिंघल ने रीकोड को लिखा, किसी भी तरह के हैरेसमेंट की बात सही नहीं है। सभी को यह बताना चाहता हूं कि मैं कोई माफी नहीं मांगूंगा। - सिंघल ने लिखा, मैंने इस तरह का कोई बर्ताव नहीं किया। - 20 साल के करियर में मेरे ऊपर किसी भी तरह का कोई आरोप नहीं लगा। गूगल छोड़ने का फैसला मेरा खुद का था। - गूगल ने इस मामले में अभी कोई बयान नहीं दिया है। गूगल में 15 साल तक की नौकरी - सिंघल गूगल के सर्च डिवीजन एल्फाबेट में थे। - उन्होंने करीब 15 साल तक कंपनी में काम करने के बाद करीब एक साल में पहले ही नौकरी छोड़ी थी। - उन्होंने जनवरी में उबर के साथ जुड़ने का एलान किया था।
    Last Updated: February 28, 11:22 AM
  • लॉस एंजिलिस. ला ला लैंड को छह ऑस्कर मिले हैं। इस फिल्म के लिए 32 साल के डेमियन शेजल बेस्ट डायरेक्टर चुने गए। वे आस्कर पाने वाले यंगेस्ट डायरेक्टर हैं। महज 10 करोड़ के बजट से बनी फिल्म मूनलाइट बेस्ट पिक्चर चुनी गई। यह एक अश्वेत शख्स के स्ट्रगल की कहानी है। यह बेस्ट फिल्म के लिए नाॅमिनेट सबसे कम बजट की फिल्म थी। ला ला लैंड के लिए एमा स्टोन को बेस्ट एक्ट्रेस और मैनचेस्टर बाई द सी के लिए केसे एफलेक को बेस्ट एक्टर चुना गया। फिल्म फेंसेस में एक्टिंग के लिए विओला डेविस ने बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता। एनाउंसमेंट में हो गई गलती... - सबसे प्रेस्टिजियस फिल्म अवॉर्ड 89th ऑस्कर में मूनलाइट को बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड मिला। - हालांकि, फंक्शन में तब ड्रामा क्रिएट हो गया, जब बेस्ट फिल्म के लिए गलती से ला ला लैंड का नाम अनाउंस कर दिया गया। बाद में मूनलाइट को बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड दिया गया। - ऐसा 53 साल बाद हुआ कि ऑस्कर के एनाउंसमेंट में गड़बड़ी हुई। इससे पहले1964 में भी होस्ट ने गलत अवॉर्ड का एलान किया था। तब होस्ट सैमी डविस को भी गलत लिफाफा पकड़ा दिया गया था। - 14 कैटेगरी में नॉमिनेट हुई फिल्म ला ला लैंड ने सबसे ज्यादा 6 अवॉर्ड अपने नाम किए। हालांकि, उसे बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड नहीं मिला। हाथ में आ गया था गलत एनवेलप - इसी दौरान उनके साथ खड़ी लेडी प्रेजेंटर ने बेस्ट फिल्म के लिए ला ला लैंड का नाम अनाउंस कर दिया। हालांकि, तभी वहां मौजूद एक प्रोड्यूसर ने इसे गलत बताते हुए सही लिफाफा निकाला और मूनलाइट को बेस्ट फिल्म डिक्लेयर किया। - बाद में अवॉर्ड के होस्ट जिमी किमेल ने इस पूरे मामले में अपनी गलती मानी।(देखें इस ड्रामे का वीडियो) बेस्ट एक्टर केसी एफ्लेक, बेस्ट एक्ट्रेस एमा स्टोन - लॉस एंजिलिस के डॉल्बी थिएटर में हुए इस अवॉर्ड फंक्शन में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड फिल्म मैनचेस्टर बाय द सी के लिए केसी एफ्लेक, जबकि बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड ला ला लैंड की एक्ट्रेस एमा स्टोन को मिला। - वहीं, बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड ला ला लैंड के ही डेमियन शैजेल को मिला। द जंगल बुक को मिला बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स का अवॉर्ड - ब्रिघम टेलर की फिल्म द जंगल बुक ने बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स का अवॉर्ड अपने नाम किया। - वहीं, भारतीय मूल के ब्रिटिश कलाकार देव पटेल ऑस्कर से चूक गए। उन्हें फिल्म लॉयन के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था। - उनकी जगह महर्शेला अली को फिल्म मूनलाइट के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। - वहीं, बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड फिल्म फेंसेस के लिए विओला डेविस को मिला। ला ला लैंड कोबेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन में पहला ऑस्कर - बेस्ट फॉरेन फिल्म का अवॉर्ड ईरानी डायरेक्टर असगर फरहदी की द सेल्समैन को मिला। - वहीं, 14 कैटेगरी में नॉमिनेट हुई ला ला लैंड ने बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन में पहला ऑस्कर अवॉर्ड जीता। -फिल्म ला ला लैंड के गाने सिटी ऑफ स्टार्स को मिला ऑरिजिनल सॉन्ग अवॉर्ड। -बेस्ट एनिमेटेड फीचर फिल्म का अवॉर्ड जूटोपिया को मिला। -व्हाइट हेल्मेट्स को शॉर्ट सब्जेक्ट डॉक्युमेंट्री का ऑस्कर अवॉर्ड मिला।(देखें लॉयन का ट्रेलर) - बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड ला ला लैंड को मिला। - बेस्ट एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड पाइपर को दिया गया है। - ऑरिजिनल स्क्रीनप्ले के लिए फिल्म मैनचेस्टर बाई द सी के कीनथ लोनार्गन ने जीता अवॉर्ड।(यहां देखें वीडियो) -हॉलीवुड फिल्म लॉयन में देव पटेल के बचपन का रोल निभाने वाले सनी पवार भी ऑस्कर में पहुंचे। सनी की उम्र महज 8 साल है। स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस और म्यूजिशियन के प्यार की कहानी है ला ला लैंड ला ला लैंड की कहानी एक स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस और म्यूजिशियन पर बेस्ड है। दोनों एक-दूसरे से मिलते हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें प्यार हो जाता है। फिल्म में एमा स्टोन स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस मिया के किरदार में हैं, जो एक कॉफी शॉप में काम करती हैं। वहीं एक्टर रेयान गॉसलिंग म्यूजिशियन सेबस्टियन के रोल में हैं। गरीब और अश्वेत बच्चे की कहानी है मूनलाइट मूनलाइट फिल्म के डायरेक्टर बेरी जेनकिंस हैं। यह एक गरीब और अश्वेत बच्चे के बड़े होने की स्टोरी है। उसे बचपन में कई बार और कई जगहों पर अवॉइड किया जाता है। उसकी मां नशा करती है। बच्चा समलैंगिक यौन-संबंधों को लेकर चल रहे भेदभाव और गरीबी से जूझते हुए बड़ा होता है। ऑस्कर में ओम पुरी को किया गया याद - ऑस्कर सेरेमनी के दौरान दिवंगत बॉलीवुड एक्टर ओम पुरी को ट्रिब्यूट दिया गया। - दरअसल, सेरेमनी के दौरान एक स्पेशल परफॉर्मेंस के तहत उन स्टार्स को श्रद्धांजलि दी गई, जिनकी हाल ही में डेथ हुई है। - चूंकि, ओम पुरी बॉलीवुड ही नहीं, हॉलीवुड के भी स्टार रहे हैं। इसलिए इस लिस्ट में उनका नाम भी शामिल हुआ। - ओम पुरी ने हॉलीवुड की ईस्ट इज ईस्ट, गांधी, सिटी ऑफ़ जॉय और वुल्फ जैसी फिल्मों में काम किया है। - ओम पुरी के अलावा, हॉलीवुड के कैरी फिशर, प्रिंस, जेने वाइल्डर, माइकल किमिनो, पैटी ड्यूक, गैरी मार्शल, एंटन येल्चिन, मैरी टैलर मूर, कर्टिस हैनसन और जॉन हर्ट को श्रद्धांजलि दी गई। रेड कारपेट पर लुक्स की चर्चा - ऑस्कर अवॉर्ड में लोग जितना विनर्स को लेकर जानना चाहते थे, उससे कहीं ज्यादा नजरें सेलिब्रिटीज की ड्रेसेस पर भी थीं। - ऑस्कर के रेड कारपेट पर प्रियंका चोपड़ा जहां डिजाइनर राल्फ एंड रूसो के सिल्वर गाउन में नजर आईं, तो वहीं स्लमडॉग मिलियनेयर के एक्टर देव पटेल मां अनीता पटेल के साथ व्हाइट कोट और ब्लैक ट्राउजर में दिखे। (यहां देखें रेड कारपेट लुक) - उनके अलावा रुथ नेगा, सोफिया कार्सन, ताराजी पी हेनसन, जेसिका बील और जस्टिन टिम्बरलेक और एमा स्टोन जैसे स्टार्स भी नजर आए। आगे की स्लाइड्स में देखें, ऑस्कर के रेड कारपेट की कुछ और PHOTOS...
    Last Updated: February 28, 11:20 AM
  • लॉस एंजिलिस. डोनाल्ड ट्रम्प ने ऑस्कर फंक्शन में पॉलिटिकल बहस को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा, ऑस्कर सेरेमनी में पॉलिटिक्स की चर्चा होती रही। ऑर्गनाइजर्स अपनी आंख बंद किए बैठे रहे। इसके चलते शो की चमक फीकी रही। ये मुझे ग्लैमरस शाम नहीं लगी... - ट्रम्प ने सोमवार को ओवल ऑफिस में ब्रीटबार्ट न्यूज नामक वेबसाइट को इंटरव्यू दिया। - उन्होंने कहा, मुझे थोड़ी निराशा हुई। ऑस्कर सेरेमनी की चमक फीकी रही। - वहां मुख्य मुद्दा पॉलिटिक्स बना रहा और ऑर्गनाइजर्स आंखें बंद किए बैठे रहे। - इसके चलते मुझे वो शाम ग्लैमरस सी नहीं लगी। मुझे ऐसा लगा कि जैसे कि कुछ छूट गया। - हालांकि ट्रम्प ने ये साफ नहीं किया कि उन्होंने शो देखा या नहीं। - बता दें कि ब्रीटबार्ट न्यूज वेबसाइट स्टीव बैनन नाम के शख्स मैनेज करते थे। फिलहाल बैनन, चीफ व्हाइट हाउस स्ट्रैटजिस्ट हैं। ऐसे हुआ ड्रामा - बेस्ट फिल्म के एलान के लिए एक्टर वॉरेन बीटी ने लिफाफा खोला। कहा, बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जाता है लॉ लॉ लैंड को। फिल्म की पूरी टीम आ गई। अवॉर्ड लेने के बाद प्रोड्यूसर जॉर्डन होरोविट्ज ने जैसे ही स्पीच देनी शुरू की। तभी बीटी बोले- गड़बड़ हो गई। - फिर होरोविट्ज ने लिफाफा दिखाते हुए कहा, ये अवॉर्ड मूनलाइट को। बीटी ने कहा कि उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का लिफाफा दे दिया गया था। ऐसी ही चूक मिस वर्ल्ड इवेंट में भी हुई थी। तब अनाउंसर हार्वे ने गलत विनर का एलान कर दिया था। ट्रम्प के चलते लोग हमसे नफरत करने लगे हैं - होस्ट जिम्मी किम्मेल ने सेरेमनी के दौरान ट्रम्प को ट्वीट करते हुए पूछा कि वह आखिर हैं कहां? कहा दो घंटे हो चुके हैं पर ट्रम्प ने एक भी ट्वीट नहीं किया। उन्होंने कहा, इस सेरेमनी को 225 देशों के करोड़ों लोग देख रहे हैं, जो कि अब हमसे नफरत करेंगे। इसके लिए प्रेसिडेंट ट्रम्प का शुक्रिया। पिछले साल ऑस्कर को नस्ली करार दिया गया था। - फिल्मों को लेकर मौजूदा साल शानदार रहा। ब्लैक लोगों ने नासा को बचाया तो व्हाइट लोगों ने जैज म्यूजिक को। इसे आप तरक्की कह सकते हैं। - ट्रम्प ने मेरिल स्ट्रीप को ओवररेटेड एक्ट्रेस बताया था। - किमेल ने कहा, द डीयर हंटर और आउट ऑफ अफ्रीका जैसी फिल्मों में एवरेज एक्टिंग के बाद उन्होंने क्रेमर वर्सेज क्रेमर और सोफीज चॉइस जैसी खराब फिल्में की हैं। उन्होंने अपने बेकार करियर में 50 से ज्यादा फिल्में की हैं। मैं भी इमिग्रेंट - बेस्ट मेकअप और हेयरस्टाइल के लिए ऑस्कर जीतने वाले इतालवी आर्टिस्ट ने कहा, मैं भी एक इमिग्रेंट हूं। - बेस्ट डॉक्युमेंट्री फीचर के लिए ऑस्कर जीतने वाली प्रोड्यूसर-डायरेक्टर एजरा ऐडलमान ने माना कि उन्होंने ये अवार्ड पुलिस वॉयलेंस के पीड़ितों और क्रिमिनल इनजस्टिस के हक में लिया है। - पहली बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीतने वालीं वियोला डेविस ने कहा, एक जगह है जहां सभी महान लोग इकट्ठा होते हैं और वो जगह है कब्रिस्तान। लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं किस तरह की कहानी बताना पसंद करोगी? मैं कहती हूं, उन लोगों कहानी जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन वो पूरे नहीं हो पाते। उन लोगों की कहानी जो प्यार में पड़कर सब खो देते हैं। - कई विनर्स ने तो ऑडियंस में खड़े होकर अपना अवॉर्ड इमिग्रेंट्स को ही डैडिकेट किया। एक दीवार हमें अलग नहीं करेगी - बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड पाने पाने वाली मूनलाइट के प्रोड्यूसर एडेल रोमान्स्की ने कहा कि वे ये अवॉर्ड उन ब्लैक लड़कों और ब्राउन लड़कियों के लिए है जो घर पर बैठकर सेरेमनी देखते हुए खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। - मेक्सिको के एक्टर-डायरेक्टर गेल गार्सिया बेर्नल ने कहा, एक ह्यूमन बीइंग होने के नाते किसी भी तरह की दीवार हमें अलग नहीं कर सकती। - बता दें ट्रम्प ने मेक्सिको बॉर्डर पर इलीगल इमिग्रेंट्स को रोकने के लिए एक दीवार बनाने की बात कही थी।
    Last Updated: February 28, 11:19 AM
  • नई दिल्ली. यूपीए सरकार में कानून मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने कहा है कि बतौर मिनिस्टर और सांसद वो फेल रहे। कुमार ने सीनियर सिटिजन्स के राइट्स की हिफाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। इस मामले में सोमवार को हुई सुनवाई में उन्होंने कहा कि इस मामले में वे मंत्री और सांसद के तौर पर तो फेल हो गए, लेकिन एक सिटिजन के तौर पर फेल नहीं होना चाहते। PIL की सुनवाई के दौरान जब जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने उनसे पूछा कि कैसे फेल हुए? तो कुमार ने कहा, कलेक्टिवली फेल। सरकार देखे, स्कीम्स इफेक्टिवली कैसे काम करेंगी- SC... - कुमार ने PIL में देशभर के जिलों में ओल्ड एज होम बनाने, सीनियर सिटिजन्स के हक की हिफाजत के लिए रास्ते खोजने और स्कीम्स लाने का मुद्दा उठाया था। - SC की बेंच नेअश्विनी कुमार को सुनने के बाद कहा, सरकार इस मामले में स्कीम्स पर विचार करे और ये बताए कि इन्हें देशभर में असरदार तरीके से कैसे लागू किया जाएगा। इस बारे में हमारे पास कोई आइडिया तभी आएगा, जब सरकार हमें स्कीम्स के बारे में बताएगी और ये भी बताएगी कि ये स्कीम्स कैसे काम करती हैं। सरकार बताए तो हमें कुछ अंदाजा होगा- SC - SC नेएडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद से कहा, ऐसी 10 स्कीम्स हो सकती हैं। आप (केंद्र) ऐसी पोजिशन में हैं कि हमें लिस्ट दे सकते हैं, जिनमें स्कीम्स और उन्हें असरदार तरीके से लागू करने के जिम्मेदार लोगों के नाम हों। - केंद्र सरकार जब बताएगी कि ये स्कीम्स क्या हैं और कैसे काम करती हैं, तब हमें इसके बारे में कुछ अंदाजा लग सकेगा। योजना पर चर्चा चल रही है- केंद्र - सरकार की ओर से पिंकी आनंद ने कहा, अश्विनी कुमार ने जो मुद्दा उठाया है, सरकार उसे देख रही है। इस बारे में एक पॉलिसी है, जिस पर चर्चा चल रही है। - जब बेंच ने नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (NALSA) की स्कीम्स के बारे में कुमार से पूछा तो उन्होंने कहा कि ये बड़ी परेशानी है और एक मेकैनिज्म तो जरूर होना चाहिए। - एक पार्टी ने जब ये कहा कि स्कीम्स में कुछ खामियां हैं, तो बेंच ने कहा, यहां मसला किसी की बुराई करने का नहीं, बल्कि सुधार का है। हमें आगे बढ़ना होगा। अप्रैल में होगी सुनवाई - सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर अप्रैल में सुनवाई करेगा। बता दें कि पहले इस मामले में SC ने NGO हेल्प एज इंडिया और NALSA से भी राय मांगी थी। NALSA कमजोर तबकों को फ्री लीगल सर्विस भी मुहैया कराती है। - PIL में बुजुर्गों की सेफ्टी के लिए बजट बढ़ाए जाने की बात भी कही गई है। गरीबी है, सिर पर छत नहीं है- कुमार - कुमार ने कहा, देश में ऐसे बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है, जो गरीबी में जी रहे हैं और उनके सिर पर छत भी नहीं है। ना तो उनके पास ढंग का खाना है और ना कपड़े। बुजुर्गों की बेहतरी के लिए बजट भी बेहद मामूली ही है। कुछ कानून है और स्कीम्स भी हैं, लेकिन या तो वो लागू नहीं की गईं या फिर बेकार हो गईं। देशभर में 11 करोड़ ऐसे लोग हैं, जिन्हें उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं।
    Last Updated: February 28, 11:17 AM
  • वॉशिंगटन. डोनाल्ड ट्रम्प की बुधवार सुबह (अमेरिका में मंगलवार शाम) यूएस कांग्रेस में अग्नि परीक्षा होगी। वे संसद को अपनी प्रायोरिटीजऔर अब तक किए काम और अचीवमेंट बताएंगे। वहीं, विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी ट्रम्प के खिलाफ इम्पीचमेंट प्रपोजल लाने की तैयारी में है। अगर वह प्रपोजल लाने में कामयाब रहती है, तो अमेरिका में पहली बार किसी प्रेसिडेंटके खिलाफ इतने कम समय में ऐसा होगा। ट्रम्प पहली बार संसद में बोलेंगे... - ट्रम्प प्रेसिडेंट के रूप में पहली बार संसद में बोलेंगे। - संसद के दोनों सदनों में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है, इसलिए ट्रम्प के खिलाफ इम्पीचमेंट प्रपोजल पारित होना संभव नहीं है। भले ही रिपब्लिकन पार्टी में ट्रम्प के विरोधी ज्यादा हैं, लेकिन वे नहीं चाहेंगे कि उनकी पार्टी का प्रेसिडेंट इस तरह हटे। - अमेरिका में प्रेसिडेंट के इम्पीचमेंट से हटने, निधन होने या इस्तीफा देने पर चुनाव होने की व्यवस्था नहीं है। वहां चार साल के कुल कार्यकाल के बाकी के लिए वाइस प्रेसिडेंट को हीप्रेसिडेंट बनाया जाता है। इमिग्रेशन के नए ऑर्डर पर साइन करेंगे - कांग्रेस में स्पीच देने के बाद ट्रम्प शरणार्थियों से संबंधित और इमिग्रेशन के नए ऑर्डर पर साइन करेंगे । - वे इस पर पिछले हफ्ते साइन करने वाले थे, लेकिन व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि अब वे इस तरह करेंगे, जिससे कोई अड़चन न आए। 30 दिन में 80 झूठे दावे - डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि ट्रम्प के खिलाफ इम्पीचमेंट लाया जाना चाहिए। उन्होंने 30 दिन में 80 झूठे दावे किए हैं। तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। ट्रम्प के खिलाफ - ट्रम्प के खिलाफ कैलिफोर्निया की रिचमंड और सैन फ्रांसिस्को परिषदों ने दो दिन पहले इम्पीचमेंट के प्रपोजल को मंजूरी दे दी है। निक्सन ने दिया था इस्तीफा - अमेरिका में इम्पीचमेंट को लेकर इकलौते प्रेसिडेंटरिचर्ड निक्सन ने इस्तीफा दिया है। दिसंबर 1998 में प्रेसिडेंटबिल क्लिंटन के खिलाफ इम्पीचमेंटप्रपोजल आया था। लेकिन फरवरी 1999 में सीनेट ने उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज कर दिया था।
    Last Updated: February 28, 11:06 AM
  • नई दिल्ली. एबीवीपी के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाली करगिल शहीद की बेटी और डीयू (दिल्ली यूनिवर्सिटी) की स्टूडेंट गुरमेहर कौर ने खुद को कैम्पेन से अलग कर लिया है। उन्होंनेमंगलवार सुबह ट्वीट कर कहा- मैं कैम्पेन से अलग हो रही हूं। सभी को बधाई। मैं रिक्वेस्ट करती हूं, मुझे अकेला छोड़ दिया जाए। मैंने जो कहना था कह दिया है। बता दें कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में आज वामपंथी संगठन मार्च निकाल रहे हैं। AISA, NSUI, JNU के टीचर्स और स्टूडेंट इस मार्च में शामिल होंगे। सोमवार को एबीवीपी ने डीयू में तिरंगा मार्च निकाला था। गुरमेहर​ ने कहा मार्च में नहीं होंगी शामिल... - मंगलवार सुबह गुरमेहर ने ट्वीट करके कहा- मैं कैम्पेन से अलग हो रही हूं। सभी को बधाई। मैं रिक्वेस्ट करती हूं मुझे अकेला छोड़ दिया जाए। मुझे जो कहना था, कह दिया है। मैंने बहुत कुछ सहा है और 20 साल की उम्र में इतना ही मैं सह सकती थी। यह कैम्पेन मेरे बारे में नहीं, स्टूडेंट्स के बारे में है। प्लीज, बड़ी तादाद में इसमें शिरकत करें, सभी को शुभकामनाएं। - अगले ट्वीट में उन्होंने कहा, मेरी बहादुरी और हिम्मत पर सवाल उठाने वाले किसी भी शख्स से कहना चाहूंगी, मैं काफी बहादुरी दिखा चुकी हूं। यह तय है कि किसी को भी धमकियां देने या हिंसा का रास्ता अपनाने से पहले अब हम कम से कम दो बार सोचेंगे ज़रूर। - इससे पहले सोमवार को गुरमेहर ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें एबीवीपी की ओर से रेप की धमकियां मिल रही हैं। इस मामले में उन्होंने वुमन कमीशन में शिकायत दर्ज कराई है। क्या है मामला? - पिछले दिनों दिल्ली के रामजस कॉलेज में बुधवार को AISA और ABVP के सपोर्टर्स के बीच भारी हिंसा हुई थी। इस हिंसा के खिलाफ गुरमेहर ने 22 फरवरी को अपना फेसबुक प्रोफाइल पिक्चर बदला। - नए प्रोफाइल फोटो में वे एक तख्ती पकड़ी हुई नजर आईं। उस पर #StudentsAgainstABVP हैशटैग के साथ लिखा- मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती हूं। ABVP से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर स्टूडेंट मेरे साथ है। - गुरमेहर ने पोस्ट में लिखा- ABVP का बेगुनाह स्टूडेंट्स पर किया गया हमला परेशान करने वाला है और इसे रोका जाना चाहिए। यह हमला प्रोटेस्ट कर रहे लोगों पर नहीं था, बल्कि यह डेमोक्रेसी के हर उस विचार पर हमला था, जो हर भारतीय के दिल के करीब है। यह आदर्शों, आजादी और देश के हर शख्स के हक पर हमला था। - जो पत्थर तुम फेंकते हो, वे हमारे शरीर को चोट पहुंचाते हैं, लेकिन ये हमारे आदर्शों को चोट नहीं पहुंचा सकते। यह प्रोफाइल फोटो डर और नाइंसाफी के खिलाफ विरोध जाहिर करने का मेरा अपना तरीका है। गुरमेहरने कहा- सहवाग के ट्वीट से दिल टूट गया - एक न्यूज चैनल से बातचीत में गुरमेहर ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग का ट्वीट देखकर मेरा दिल टूट गया। मैं बचपन से उन्हें खेलते हुए देखती आ रही हूं। - दरअसल, गुरमेहर ने एक पोस्ट की थी, जिसमेंवे एक तख्ती लिए हुए हैं और उसमें लिखा है- मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, जंग ने मारा था। - इस पर सहवाग ने भी ट्विटर पर तख्ती के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट डाली थी। इस पर लिखा, दो ट्रिपल सेन्चुरी मैंने नहीं मारी थी, यह मेरे बैट ने लगाई थी। - उधर,बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा ने लिखा, कम से कम दाऊद अपनी एंटी-नेशनल एक्टिविटीज को अपने पिता का नाम लेकर जस्टिफाई नहीं करेगा। - केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू भी विरोध कर रहे हैं। रिजिजू ने ट्विटर पर लिखा, इस स्टूडेंट का दिमाग किसने खराब किया? नेशनलिज्म को डिफाइन नहीं किया जा सकता। लेकिन जिसने अफजल गुरु और आतंकियों की तरह देश बांटने की कोशिश की, उसे तो एंटी-नेशनल ही माना जाएगा। -केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, आप मेजॉरिटी से अलग बोलते हैं, वहां तक तो ठीक है, लेकिन बांटने की बात करना स्वीकार्य नहीं है। कुछ लोग यंग जनरेशन को बहका रहे हैं। इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचती है। - कोई जम्मू-कश्मीर की आजादी की बात कैसे कर सकता है? क्या आप यूनिवर्सिटीज को अलगाववाद की लैब की तरह बनाना चाहते हैं। ये खबर भी पढ़ें... # इस लड़की का दिमाग किसने खराब किया: करगिल शहीद की बेटी पर बोले रिजिजू
    Last Updated: February 28, 10:49 AM
  • नई दिल्ली। यूं तो दुनियाभर के अरबपति अपनी शाहखर्ची और अलीशान लाइफ के लिए जाने जाते हैं। मुकेश अंबानी और लक्ष्मी मित्तल जैसे अरबपतियों के घर अपनी कीमत के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। ये बिजनेसमैन अरबों रुपए के प्राइवेट जेट में सफर करते हैं। बच्चों की शादियों पर करोड़ों रुपए खर्च करते हैं। विदेशों में घूमने के लिए पैसा पानी की तरह बहात हैं। पर कुछ अरबपति बेहद कंजूस... - हालांकि दुनिया भर में कुछ ऐसे अरबपति हैं जो अपनी कंजूसी के लिए बेहद फेमस हैं। - इस अरबपतियों ने फिजूल में एक भी पैसा खर्च कराना आसान नहीं है। - कुछ अरबपति तो ऐसे भी हैं, जो आज भी पुरानी और सेकेंड हैंड कारसे चलते हैं। - सालों से अपने पुराने घर में रहते हैं और ड्राइवर की जगह खुद अपनी कार चलाते हैं। आगे की स्लाइड में पढ़ें- पहले कंजूर अरबपति के बारे में....
    Last Updated: February 28, 10:40 AM
  • बीजिंग. चीन ने भारत से कहा है कि वह अपने फायदे के लिए चीन के साथ अपने रिलेशन में आई कमी को माने। चीन के स्टेट मीडिया ने कहा है कि भारत को चीन से यह सीखना चाहिए कि वह अमेरिका के साथ बाइलेटरल रिलेशन से ज्यादा फायदा लेने के लिए कैसे बैक सीट पर रहना पसंद करता है। बता दें कि न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में मेंबरशिप और आतंकी मसूद अजहर पर यूएन में बैन को लेकर चीन भारत का विरोध करता रहा है। खुद के साथ ईमानदार रहें... - चीन के स्टेट मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने एक आर्टिकल में लिखा, भारत चीन से एक सबक यह ले सकता है कि खुद के साथ ईमानदार रहें। - इकोनॉमिक और जियो पॉलिटिकल पावर में एक समान न होना किसी भी बाइलेटरल रिलेशन के लिए स्वाभाविक बात है। - अखबार ने 22 फरवरी को हुई चीन-भारत स्ट्रैटजिक डायलॉग के नतीजों का एनालिसिस करते हुए ये आर्टिकल लिखा। - इस डायलॉग का मकसद भारत-चीन के बाइलेटरल रिलेशन को सुधारना, साथ ही एनएसजी और मसूद अजहर के मुद्दे को लेकर मतभेदों को दूर करना था। और क्या कहा गया आर्टिकल में? - भारत-चीन के बीच किसी भी तरह के मतभेदों को डेवलप हो रहे रिलेशन में रुकावट नहीं बनना चाहिए। - ग्लोबल टाइम्स ने ये भी लिखा, अमेरिका के साथ रिलेशन में पीछे की सीट पर होने को लेकर चीन ने शायद ही कभी शिकायत की हो। - चीन ने भारत को यह सलाह भी दी है कि उम्मीदों को कम करे और बाइलेटरल रिलेशन को ज्यादा तरजीह दे। - ग्लोबल टाइम्स ने ये भी लिखा, कहानी का सार सीधा-सा है। मौजूदा खाई (हालांकि यह चौड़ी दिखती है) ज्यादा चिंता की बात नहीं है। अहम बात ये है कि कैसे इस खाई को पाटा जाए।भारत-चीन, दोनों को एक दूसरे के विकास का काफी फायदा मिला है। भारत-चीन के बीच पहली बार स्ट्रैटजिक डायलॉग - 22 फरवरी को चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के एग्जीक्यूटिव वाइस मिनिस्टर और अपने काउंटरपार्ट जांग येसूई के साथ स्ट्रैटजिक डायलॉग के पहले जयशंकर की चीन के फॉरेन मिनिस्टर वांग यी से मुलाकात हुई। - वांग ने कहा, भारत-चीन दोनों बड़े डेवलपिंग कंट्री हैं। दोनों देशों का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। हम लोग मीटिंग करते रहे हैं। - वांग ने स्ट्रैटजिक डायलॉग को कामयाब बताया। उन्होंने कहा, बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच तनाव कम कर स्ट्रैटजिक को-ऑपरेशन को मजबूत करना है। - इससे हमारे रिलेशन भी मजबूत होंगे और क्षेत्र में स्टेबिलिटी आएगी। - जयशंकर ने कहा, ये पहली बार है जब दोनों देशों के बीच रीस्ट्रक्चर्ड स्ट्रैटजिक डायलॉग हुआ। दोनों देश जी-20, शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO), ब्रिक्स, ईस्ट एशिया समिट के मेंबर्स हैं। लिहाजा, दोनों के मुद्दे भी एक से ही हैं। भारत के लिए सॉवेरनिटी बड़ा मुद्दा - चीन के स्टेट मीडिया ग्लोबल टाइम्स के साथ बातचीत में जयशंकर ने चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) और आतंकी मसूद अजहर का मुद्दा भी उठाया। - जयशंकर ने कहा, हमारे लिए सॉवेरनिटी (संप्रभुता) से बड़ी कोई चीज नहीं। बता दें कि CPEC पाक के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरेगा। - आतंकवाद रोकने के लिए भारत-चीन को साथ मिलकर लड़ना चाहिए। चीन बहुत मजबूत है। वह जिस स्थिति में है, उसमें काउंटर टेररिज्म बेहतर तरीके से किया जा सकता है। - बता दें कि जयशंकर चीन के एक्सपर्ट माने जाते हैं। वे सबसे लंबे वक्त तक चीन के एम्बेसडर रहे थे।
    Last Updated: February 28, 10:25 AM
  • हैदराबाद. अमेरिका के कंसास में हुई फायरिंग में मारे गए भारतीय इंजीनियरश्रीनिवास कुचीभोतला (32) की बॉडी को सोमवार रात यहां लाया गया। बता दें कि 22 फरवरी को कंसास के एक बार में अमेरिकी शख्स ने बहस के बाद श्रीनिवास पर गोली चला दी थी। जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, उनके दोस्तआलोक मदसानी जख्मी हो गए थे। उधर, हिलेरी क्लिंटन ने कहा- हेट क्राइम पर प्रेसिडेंट को जवाब देना चाहिए।श्रीनिवास का अंतिम संस्कार आज... - कुचीभोतला फैमिली के मुताबिक, श्रीनिवास का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया गया जाएगा। - उधर तेलंगाना सरकार ने श्रीनिवासकी बॉडी को एयरपोर्ट से घर लाने के सभी अरेंजमेंट किए। देर रात से रिश्तेदार और उनके दोस्त घर पर ही मौजूद थे। -श्रीनिवास की वाइफसुनयना दुमाला ने बताया-परिवार ने यहां के खतरे से पहले ही अलर्ट किया था। साथ ही कई बार भारत लौटने की बात कही थी। लेकिन उन्होंने हर बार बात को टाल दिया। -सुनयना भी देर रात यूएस से हैदराबाद पहुंचीं। क्लिंटन ने कहा- हेट क्राइम बढ़ रहा है - हिलेरी ने ट्वीट कर लिखा- नफरत और हेट क्राइम बढ़ रहा है। हम इसे लेकर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। ट्रम्प को इस मामले पर फैसला लेना चाहिए और जवाब देना चाहिए। - बता दें कि कंसास फायरिंग पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया हैं। - पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी शॉन स्पाइसर ने कहा था कि कंसास शूटिंग को हेट क्राइम करार देना अभी जल्दबाजी होगा। सुषमा ने इयानग्रिलेट को हीरो कहा - फॉरेन मिनिस्टर सुषमा स्वराजइयान ग्रिलेट को हीरो करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत इयान को सैल्यूट करता है। और उनके जल्द ही रिकवर होने की उम्मीद करता है। - बता दें किफायरिंग के वक्त इयान हमलावर एडम पुरिन्टनके पीछे बैठा था।अपनी जान जोखिम में डालकरइयान नेश्रीनिवास औरआलोक की जान बचाने की कोशिश की थी। क्या हुआ था 22 फरवरी की रात? - श्रीनिवास और आलोक मदसानी ओलाथे में जीपीएस बनाने वाली कंपनी गार्मिन के एविएशन विंग में काम करते थे। - 22 फरवरी की रात वे ओलाथे के ऑस्टिन बार एंड ग्रिल बार में थे। तभी यूएस नेवी से रिटायर्ड एडम पुरिन्टन (51) नाम का एक शख्स उनसे उलझ गया। - एडम रेसिस्ट कमेंट करने लगा। उसने दोनों को आतंकी कहा। बोला कि मेरे देश से निकल जाओ। तुम मेरे देश में क्यों आए हो? तुम हमसे बेहतर कैसे हो? - बहस के बाद एडम को बार से निकाल दिया गया। थोड़ी ही देर में वह गन लेकर लौटा और दोनों पर गोली चला दी। - इसके पांच घंटे बाद एडम दूसरी बार में शराब पीने पहुंचा। वहां उसने लोगों को बताया कि वह मिडिल-ईस्ट के दो लोगों को मारकर आया है और छुपने की जगह चाहिए। बार टेंडर ने पुलिस बुलाकर उसे गिरफ्तार करवा दिया। - हमले में श्रीनिवास की मौत हो गई। उसका दोस्त आलोक मदसानी भी जख्मी हुए, फिलहाल वे ठीक हैं। ये भी पढ़ें... श्रीनि ने कभी किसी से नफरत नहीं की: US में मारे गए भारतीय इंजीनियर के दोस्त ने कहा
    Last Updated: February 28, 10:18 AM
  • नई दिल्ली. राजनाथ सिंह और उमा भारती के बाद अब मुख्तार अब्बास नकवी ने यूपी असेंबली चुनाव में मुसलमानों को टिकट नहीं देने पर सवाल उठाया है। केंद्रीय मंत्री नकवी ने सोमवार को कहा, बेहतर होता कि बीजेपी मुसलमानों को भी टिकट देती। नकवी का यह बयान तब सामने आया है, जब यूपी में 5 फेज की वोटिंग हो चुकी है और अब सिर्फ 2 फेज बाकी हैं। हमारी सरकार बनी तो इसकी भरपाई करेंगे... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर माइनॉरिटी अफेयर्स नकवी ने यह भी कहा कि, बीजेपी सोसाइटी के सभी सेक्शन्स को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। - राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो मुस्लिम कम्युनिटी के लोगों को इसकी भरपाई की जाएगी। हम उनकी भी चिंताओं को दूर करेंगे। - जहां तक टिकट का सवाल है, तो स्थिति बेहतर हो सकती थी (अगर मुसलमानों को टिकट दिए जाते)। - बता दें कि यूपी असेंबली चुनाव में सातवें फेज की वोटिंग 8 मार्च को होगी। उमा भारती ने इसे भूल बताया है - उमा भारती ने मुस्लिमों को टिकट नहीं देने को भूल बताया है। - वाटर रिसोर्स मिनिस्टर उमा ने कहा था, बीजेपी ने यूपी असेंबली इलेक्शन में किसी मुस्लिम कैंडिडेट को नहीं उतारकर बहुत बड़ी भूल की है। - एक न्यूज चैनल से बातचीत में बीते रविवार को उमा ने कहा था, मुझे सच में इस बात का दुख है कि हम किसी मुस्लिम कैंडिडेट को चुनाव मैदान में नहीं उतार सके। - मैंने इस बारे में अमित शाह और यूपी बीजेपी प्रेसिडेंट केशव प्रसाद मौर्य से बात की थी कि किस तरह एक मुसलमान को असेंबली में लाया जाए। - उमा भारती ने इस मामले में राजनाथ सिंह के बयान को भी सही ठहराया था। राजनाथ ने क्या कहा था? - होम मिनिस्टर और बीजेपी के सीनियर लीडर राजनाथ सिंह ने कहा था, यूपी चुनाव में मुसलमानों को टिकट दिया जाना चाहिए था। - सिंह ने पिछले हफ्ते गुरुवार को एक इंटरव्यू में कहा था, हमने कई राज्यों में माइनॉरिटी को टिकट दिए हैं, यहां (यूपी) भी इस पर बातचीत हुई ही होगी। - मैं वहां नहीं था, मुझे जो बताया गया है, उसके आधार पर कह रहा हूं। हो सकता है, उन्हें (बीजेपी पार्लियामेंट्री कमेटी) को कोई मिला ही न हो। - लेकिन मेरा मानना है कि इसके बावजूद उन्हें (मुसलमानों को) टिकट देना चाहिए था।
    Last Updated: February 28, 10:10 AM
  • पुणे. पुणे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली 333 रन से हार के बाद विराट कोहली एंड कंपनी ने पहाड़ों पर अपनी थकान मिटाई। विराट ने ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी दी। इतना ही नहीं,अजिंक्य रहाणे, उमेश यादव औररविंद्र जडेजा ने भी सोशल मीडिया पर ट्रैकिंग की फोटो शेयर किए हैं। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगला टेस्ट मैच 4 मार्च को बेंगलुरु में खेला जाएगा।टीम अगले मैच की तैयारी कर रही है... - पहला टेस्ट मैच तीन दिन में हीखत्म हो जाने के बाद दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों को दो दिन का ज्यादा आराम मिल गया था। - इंडियन टीम के प्लेयर्स ने तामहिनी घाट पर ट्रैकिंग की। यह पुणे से करीब 80 किमी दूर है। विराट ने ट्वीट किया-आगे बढ़ते रहें -कोहली ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा - हर कोई हमें दुआएं दे रहा है और हमारे लिए मौका है। आगे बढ़ते रहें। - कोहली के इस ट्वीट को मंगलवार सुबह तक 32 हजार से ज्यादालाइक मिल चुके हैं। वहीं, 3883 बार उनकी पोस्ट रिट्वीट हो चुकी है। जडेजा ने तिरंगे के साथ फोटो शेयर की - अजिंक्य रहाणे और उमेश यादव ने भी वाइफ के साथ ट्रैकिंग का लुत्फ लिया। - वही, रविंद्र जडेजा ने तिरंगे के साथ तस्वीर डाली और जय हिंद लिखा।
    Last Updated: February 28, 09:46 AM
  • नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने सोमवार को कोर्ट की तुलना अमृतधारा नामक दवा से कर दी। उन्होंने एक जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा, ये सुप्रीम कोर्ट है, कोई अमृतधारा दवा नहीं, जो हर बीमारी और परेशानी का इलाज यहीं हो जाए। लोग सुबह उठते ही हर समस्या का इलाज ढूंढ़ने सुप्रीम कोर्ट चले आते हैं...। कोर्ट में दाखिल की गई थी पीआईएल... - सुप्रीम कोर्ट जया ठाकुर बनाम केंद्र सरकार नामक एक मामले में दायर की गई पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। - इसी दौरान चीफ जस्टिस ने पिटीशनर्स को फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी ओर से गिनाई गई परेशानियों में एक भी पब्लिक इंटरेस्ट का मुद्दा नहीं है। - चीफ जस्टिस ने कहा, इनका हल सरकारी अफसरों को मेमाेरेंडम देकर या सरकार से अपील कर भी कराया जा सकता था। - लोगों को सरकार के सामने अपनी बातें रखनी चाहिए। जरूरी नहीं कि हर काम के लिए सुप्रीम कोर्ट ही सरकार को निर्देश जारी करे। फिर किया अमृतधारा का जिक्र - 30-40 साल पुरानी दवा है अमृतधारा। एक ही दवा से पेट दर्द, सिरदर्द, दाद, चोट, जुकाम और बुखार का भी इलाज हो जाता था। लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को भी ऐसा ही समझ लिया है। - बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में इस वक्त करीब 63 हजार केस पेंडिंग हैं। 36 साल पहले मिला था PIL लगाने का हक - 36 साल पहले यानी 1982 में हर भारतीय को पीआईएल (जनहित याचिका) लगाने का एक हक मिला था। - यह हक देते हुए उस समय के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पीएन भगवती की अगुवाई में सात जजों की बेंच ने कहा था अगर आम लोगों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा हो तो कोई भी शख्स पीआईएल दायर कर सकता है। इंटरनेट पर अश्लील अपलोड पर रोक मुमकिन नहीं : सरकार - इंटरनेट पर अश्लील सामग्री रोकने संबंधी मामले में सुप्रीम कोर्ट के सवाल पर केंद्र ने हाथ खड़े कर दिए। - सोमवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस यूयू ललित की बेंच को केंद्र की तरफ से बताया गया कि ऐसी सामग्री अपलोड करने से रोक पाने का कोई तरीका नहीं। - इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के सवाल पर गूगल, याहू समेत अन्य सर्विस प्रोवाइडर भी ऐसी सामग्रियों पर रोक का कोई तरीका नहीं होने की बात कह चुके हैं। - हालांकि केंद्र की तरफ से यह कहा गया कि इंटरनेट पर ऐसी सामग्री ब्लॉक करने के लिए एक एक्सपर्ट एजेंसी बनाई जाएगी। HC के सजा कम के ऑर्डर से धक्का लगा : SC - सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक के एक मामले में हैदराबाद हाईकोर्ट के सजा कम कर देने पर कहा कि इससे उसे धक्का लगा है। - ट्रायल कोर्ट से दी गई सजा बहाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसले का कोई मतलब नहीं है। केंद्र को फटकार- क्यों नहीं लागू हो सका 26 साल पुराना आदेश - स्कूल-कॉलेजों में एनवॉयर्नमेंट एजुकेशन जरूरी करने के 26 साल पुराने ऑर्डर का पालन नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। - यह फैसला 1991 में उस वक्त के चीफ जस्टिस रंगनाथ मिश्र की बेंचने दिया था।
    Last Updated: February 28, 09:44 AM
  • वॉशिंगटन. अमेरिकी डिफेंस मिनिस्टर जेम्स मैटिस ने आईएसआईएस को हराने के लिए एक शुरुआती प्लान बनाया है। इसमें आतंकी संगठन को हराने की स्ट्रैटजी डिटेल में बताई गई है। एक्सपर्ट्स की मानें तो प्लान के तहत अमेरिका और फौज को सीरिया भेज सकता है। साथ ही प्लान में अफगानिस्तान, पाक और बांग्लादेश में आईएसआईएस के बढ़ते असर पर चिंता जताई गई है।प्लान एक गाइड के तौर पर काम करेगा... - व्हाइट के प्रेस सेक्रेटरी शॉन स्पाइसर के मुताबिक, डिफेंस मिनिस्टर मैटिस ने सोमवार को आईएसआईएस को हराने का एक प्लान पेश किया है। हम इस पर फीडबैक भी लेंगे। - अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट पेंटागन के प्रेस सेक्रेटरी कैप्टन जैफ डेविस के मुताबिक, प्लान ट्रांस रीजनल अप्रोच पर आधारित है। ये केवल सीरिया-इराक के लिए नहीं है बल्कि पूरी दुनिया में ISIS और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों के खात्मे के लिए तैयार किया गया है। - डेविस ने ये भी कहा, ये केवल एक मिलिट्री प्लान नहीं है। इसमें देश की ताकत से जुड़े सारे एलिमेंट्स मसलन डिप्लोमैटिक, फाइनेंशियल, साइबर, इंटेलिजेंस और पब्लिक डिप्लोमैसी को शामिल किया गया है। अफगानिस्तान, पाक और बांग्लादेश का प्लान में जिक्र - अफसरों ने ये नहीं बताया कि प्लान में किस देश या रीजन को शामिल किया गया है।लेकिन ये जरूर कहा कि इसमें साउथ एशिया खासकर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में आईएसआईएस की मौजूदगी का खतरा बढ़ता जा रहा है। - पिछले हफ्ते अफगानिस्तान में यूएस और नाटो कमांडर जनरल जॉन निकलसन ने भी बांग्लादेश में आईएसआईएस की बांग्लादेश में तेजी से बढ़ते असर पर चिंता जताई थी। - निकलसन ने ये भी कहा, दूसरे संगठनों के आतंकी अब आईएसआईएस ज्वाइन कर रहे हैं। सीरिया में और फौज भेज सकता है अमेरिका - अमेरिका के नेशनल सिक्युरिटी एक्सपर्ट और सेंटर फॉर स्ट्रैटजिक एंड बजटरी असेंसमेंट्स इन वॉशिंगटन डीसी के सीनियर फैलो हाल ब्रांड्स के मुताबिक, अमेरिका, सीरिया में 4-5 हजार अतिरिक्त ट्रूप्स भेज सकता है। ताकि वहां चल रहे ऑपरेशन में तेजी लाई जा सके। - कुछ एनालिस्ट का ये भी कहना है कि जंग में तेजी लाई जानी चाहिए लेकिन वहां खर्च किए जा रहे पैसे में भी कुछ कटौती होनी चाहिए। - कैम्पेन के वक्त से डोनाल्ड ट्रम्प आईएसआईएस को हराने की बात करते रहे हैं। - 24 फरवरी को उन्होंने कंजरवेटिव पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (CPAC) के कन्वेंशन में कहा था, मैं अमेरिकियों की सुरक्षा तय करना चाहता हूं। मैंने डिफेंस डिपार्टमेंट से कह दिया है कि वे आईएसआईएस को उखाड़ फेंकने के लिए प्लान तैयार करें। - अपने सहयोगियों की मदद से हम धरती से उनका नामोनिशान मिटा देंगे।
    Last Updated: February 28, 08:59 AM

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