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भीड़ जुटाने वालों ने भी टिकट मांगा

शिमला. कांग्रेस के कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने वाले अग्रणी संगठनों के नेताओं ने हर बार की तरह इस दफा भी टिकट की मांग की है। हालांकि कांग्रेस चुनाव के वक्त अपने अग्रणी संगठनों को ज्यादा तव्वजो नहीं देती। फिर भी जिन नेताओं को टिकट मिला वह कामयाब हुए हैं।

Himachal Assembly Electionsयह जीते हैं: युवक कांग्रेस के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू को पिछली बार टिकट मिला और वह विधायक चुने गए। कांग्रेस सेवादल के तिलकराज को बिलासपुर से टिकट मिला। वह भी चुनाव जीते।

किसका-कितना दावा
युवक कांग्रेस के अध्यक्ष सुक्खू इस बार भी टिकट के प्रबल दावेदार हैं। महासचिव अतुल शर्मा भी दावेदारी जता रहे हैं। सेवादल के पूर्व मुख्य संगठक बलदेव शर्मा, नदौनता से इंद्र दत्त लखनपाल, कुटलेहड़ से विजय डोगरा, बिलासपुर से प्रताप कौंडल दावेदारों में हैं। एनएसयूआई की तरफ से केवल सिंह पठानिया भी दावेदारी जता रहे हैं। करीब चार लोगों ने आवेदन किए हैं। कांग्रेस इस बार अग्रणी संगठनों को टिकट वितरण में कितना महत्व देती है यह तो समय ही बताएगा। यह नेता सीधे दिल्ली में अपने संगठनों के प्रभारियों से इस मामले में बातचीत कर रहे हैं।

कार्यक्रमों में कितने सफल
कांग्रेस के कार्यक्रमों को इन अग्रणी संगठनों ने कितनी सफलता से क्रियान्वित किया, इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी आलाकमान को भेजेगी। प्रदेश चुनाव समिति में अग्रणी संगठनों के अध्यक्ष भी शामिल हैं जो टिकट निर्धारण को लेकर अपना पक्ष भी रखेंगे। दिल्ली में होने वाली बैठक में सभी बातों पर ध्यान देने के बाद तय होगा। कांग्रेस महासचिव और अग्रणी संगठनों के प्रभारी कुलदीप राठौर का कहना है कि अग्रणी संगठनों ने अपना काम बखूबी निभाया है। इन संगठनों से भी नेताओं ने दावेदारी जताई है।

हाईकमान तय करेगा कि किसे टिकट दिया जाए
हेमसिंह ठाकुर.छात्र संघ चुनावों के बाद प्रदेश के तीनों प्रमुख छात्र संगठन एक बार फिर आमने-सामने हैं। छात्र संगठनों ने अपनी आका पार्टियों के लिए प्रचार करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तीनों छात्र संगठन अपना-अपना शक्ति प्रदर्शन कर अपने को श्रेष्ठ साबित करने की कोशिश करेंगे। अपनी ताकत का अंदाजा लगाने के लिए बूथ स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।

एनएसयूआई की तैयारी
सत्तारुढ़ दल से संबंधित एनएसयूआई पर इस बार सबसे अधिक दबाव रहेगा। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया ने कांग्रेस को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की है। पठानिया आजकल प्रदेश के दौरे पर हैं। हर जिले में संगठन ही मीटिंग का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अत्याधिक विकास किया है। एनएसयूआई इसी मुद्दे को जनता और छात्रों के बीच ले जाएगी।

एबीवीपी के निशाने पर सरकार
एबीवीपी के मुताबिक इस बार चुनाव में कांग्रेस सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र के साथ किए गए सौतेले व्यवहार को मुद्दा बनाया जाएगा। संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं संगठनमंत्री सुदर्शन सांख्यान ने कहा कि एबीवीपी पूरी ताकत के साथ वीरभद्र सरकार की शिक्षा नीति का भंडाफोड करेगी। संगठन की राज्य सचिव मांचली ठाकुर के मुताबिक इस चुनाव में छात्र प्रदेश सरकार की छात्र और जनता विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करेंगे। एसएफआई भी सरकार के खिलाफ
एसएफआई ने भी कांग्रेस पार्टी को सत्ता से बाहर रखने को कमर कस ली है। संगठन के राज्य अध्यक्ष जोगेंद्र ने कहा कि एसएफआई शिक्षा के व्यपारीकरण के विरोध में प्रचार करेगी।





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