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Himachal Vidhansabha Chunav Himachal Vidhansabha Chunav नई दिल्ली.
कांग्रेस केंद्रीय कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य और हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी आरके धवन विधानसभा चुनाव में भाजपा के तमाम बड़े बड़े दावों के जवाब में नया सवाल खड़ा कर रहे हैं। धवन पूछ रहे हैं कि यदि हिमाचल में कांग्रेस फिर से सरकार बनाने नहीं जा रही तो उसके यहां टिकट मांगने वालों की इतनी लंबी कतारें क्यों हैं? धवन साफ करते हैं कि कांग्रेस राज्य में विकास को मुद्दा बनाएगी और सोनिया गांधी की नीतियों और कार्यक्रमों के नाम पर वोट मांगेगी। विधानसभा चुनाव से जुड़े तमाम पहलुओं पर ‘भास्कर’ ने धवन से विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश-
चुनाव को लेकर क्या सर्वे कराया गया है?
कांग्रेस ने राज्य में कोई सर्वे नहीं कराया है। यह सब भाजपा करती है। विधानसभा चुनाव को लेकर हमारा फीडबैक बहुत अच्छा है। वर्करों में उत्साह है और टिकट मांगने वालों की भारी भीड़ है। मेरा मानना है कि हिमाचल में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में आएगी।
आपके इस विश्वास का आधार क्या है?
देखिए, वीरभद्र सरकार ने अपने मौजूदा कार्यकाल में हर क्षेत्र में राज्य का सर्वागीण विकास किया है। इसका फायदा निश्चित तौर पर पार्टी को मिलेगा। ऊपर से यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रति यहां के लोगों का जबरदस्त प्यार है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा देश और प्रदेश के हित में लिए गए फैसले और उनकी नीतियां हमें चुनावी विजय दिलाएंगी। चुनाव में हमारा मुद्दा केवल विकास है।
चुनाव में भाजपा से कैसे निपटेंगे?
भाजपा जैसी पार्टियों के पास न कोई नीतियां हैं और न कोई कार्यक्रम। उनका एकमात्र लक्ष्य लोगों में भ्रम पैदा कर सत्ता तक पंहुचने का रहता है। नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधने के अलावा उनके पास कोई काम नहीं है। सोनिया गांधी का नाम सुनते ही तो भाजपाई तड़प उठते हैं और बौखलाहट में क्या कुछ कहते हैं, वे स्वयं भी नहीं जानते। ऐसे लोगों से निपटने में राज्य की जनता पूरी तरह सक्षम है।
पुराने कांग्रेसी रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया जैसे नेताओं से कैसे निपटेंगे?
पहले यह बात साफ कर दूं कि नाम आप ले रहे हैं, मैं नहीं। मैं किसी व्यक्ति विशेष पर कभी कोई टिप्पणी नहीं करता। हां, कांग्रेस अपने प्रचार अभियान में ऐसे लोगों का पर्दाफाश जरूर करेगी जो सत्ता में रहते हुए आसमान की बात करते हैं। जैसे ही किसी कारणवश वे सत्ता से बाहर होते हैं उन्हें हर ओर अंधेरा ही अंधेरा नजर आता है। राज्य की जनता इस चुनाव में घाट-घाट का पानी पीने वाले लोगों को करारा सबक सिखाएगी।
कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में किसके नेतृत्व में चुनाव में उतरेगी?
कांग्रेस किसी नेता विशेष पर नहीं बल्कि हमेशा अपने कार्यक्रमों और नीतियों पर चुनाव लड़ती है। राष्ट्रीय पार्टी के रूप में उसका अपना जनाधार है। सोनिया गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए कल्याणकारी फैसलों को भी चुनाव में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
पार्टी कितने नए चेहरों और महिलाओं को टिकट देने वाली है। घोषणापत्र में क्या नए मुद्दे होंगे?
अभी इस पर टिप्पणी कर पाना काफी कठिन है। इन सब मसलों पर प्रदेश नेतृत्व के साथ विचार किया जाना शेष है।
क्या सोनिया गांधी के अलावा राहुल गांधी भी हिमाचल के प्रचार अभियान में उतरेंगे?
राहुल गांधी पार्टी के महासचिव हैं और वे निश्चित ही प्रचार के लिए हिमाचल जाएंगे। कितनी बार और कहां-कहां जाएंगे, इस पर अभी विचार किया जाना है। ठ्ठ प्रियंका गांधी ने भी हाल ही में शिमला में रहने के लिए भूखंड़ खरीदा है, क्या वे भी कांग्रेस के लिए वोट मांगेंगी?मेरी, प्रियंका जी से इस संबंध में कोई बात नहीं हुई है।
भाजपा चुनाव में वीरभद्र सरकार के खिलाफ चार्जशीट ला रही है, क्या करेंगे?
विरोधी पार्टियां चुनाव में चार्जशीट लाती ही हैं। यदि इसमें कोई मुद्दे की बात होगी तो पार्टी उसका मुंह तोड़ जवाब देगी। हां, फिजूल की बात का कोई जवाब देने की जरूरत नहीं।
बसपा का क्या प्रभाव चुनाव में रहने की उम्मीद है?
लोकतंत्र में हर पार्टी को चुनाव में उतरने का हक है। किसका क्या जनाधार है, चुनाव परिणामों से साफ हो जाएगा।