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Himachal Vidhansabha Chunav Himachal Vidhansabha Chunav शिमला.
प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दल आधी दुनिया को आरक्षण देने की बात करते हैं, लेकिन इसको चुनाव में नहीं आजमाना चाहती। दोनों ही दलों के लिए पहले सत्ता जरूरी है, महिलाओं को आरक्षण बाद की बात। लाख दावों के बावजूद चुनाव में कांग्रेस और भाजपा महिलाओं को टिकट देने का रिस्क नहीं लेना चाहते।
भाजपा एक कदम आगे कांग्रेस संसद और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण की बात करती है और भाजपा ने इससे एक कदम आगे जाकर संगठन में महिलाओं को 33 फीसदी जगह देने की घोषणा कर डाली, लेकिन जब चुनाव की बात आई तो महिलाओं पर दांव खेलने को दोनों ही तैयार नहीं। माना जा रहा था कि भोपाल में भाजपा कार्यकारिणी की ओर से महिलाओं को संगठन में 33 फीसदी जगह देने की घोषणा के बाद विधानसभा चुनाव में पार्टी बड़ी संख्या में महिलाओं को टिकट दे सकती है। 33 फीसदी आरक्षण के हिसाब से हिमाचल में करीब 22 सीटें महिलाओं को मिल सकती हैं।
पिछले चुनाव में मात्र 12 को टिकट पिछले चुनाव में कुल 12 महिलाओं को ही दोनों दलों ने टिकट दिया। कांग्रेस ने आठ महिलाओं को मैदान में उतारा और इनमें से चार चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची जबकि भाजपा ने चार महिलाओं को टिकट दिया था जिनमें से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई।
इस बार भी नहीं उम्मीद इस बार भाजपा टिकट के लिए 48 महिलाओं ने आवेदन किया है, लेकिन इन में से छह से ज्यादा महिलाओं को पार्टी टिकट मिलना मुश्किल है। कांग्रेस में भी हालत यही रहने वाली है। पार्टी टिकट के लिए इस बार 31 महिलाओं ने आवेदन किया है। हिमाचल में महिला साक्षरता का दर काफी ऊंचा है। इस समय प्रदेश में करीब 78 फीसदी महिलाएं साक्षर हैं। महिला मतदाताओं की संख्या 22,68,567 हैं जो कुल मतदाताओं का करीब 48 फीसदी है।
Aभाजपा पहली ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं को संगठन में 33 फीसदी आरक्षण दिया है। जहां तक टिकट का सवाल है तो जीतने की क्षमता रखने वाली महिलाओं को पार्टी टिकट देने पर विचार करेगी।
—जयराम ठाकुर, अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा
Aमहिला हो या पुरूष पार्टी टिकट देने के मामले में पहले जीतने की क्षमता का आकलन करेगी। जीतने की क्षमता रखने वाली महिलाओं को पार्टी टिकट देगी।पार्टी ने संगठन में आरक्षण मिलने के बाद मन बना लिया है कि समय आने पर संसद और विधानसभा चुनाव में भी उन्हें 33 फीसदी टिकट मिलेंगे। —रूपा शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा
Aभाजपा महिलाओं को आरक्षण के मामले में महज दिखावा कर रही है। कांग्रेस ने पंचायतों, बीडीसी, जिला परिषद और विधानसभा में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। —विद्या स्टोक्स, ऊर्जा मंत्री, कांग्रेस सरकार
Aमहिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। इसमें ध्यान देने वाली बात यह भी है कि जो महिला प्रत्याशी जीतने की क्षमता रखती है, टिकट उन्हें ही मिलना चाहिए। पंचायती राज संस्थाओं में भी महिलाओं को आरक्षण मिला है और वे बखूबी अपना दायित्व निभा रही हैं। —कमला शर्मा प्रार्थी, प्रदेश अध्यक्ष, महिला कांग्रेस