Web Vishesh
Himachal Vidhansabha Chunav Himachal Vidhansabha Chunav शिमला.प्रदेश में 11वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने 41 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। गुजरात के बाद हिमाचल में पार्टी की जीत ने भाजपा नेताओं को कार्यकताओं में नया जोश भर दिया है। कांग्रेस को 23 सीटें ही मिल पाई हैं। बहुजन समाज पार्टी भी खाता खोलने में कामयाब रही। तीन निर्दलीय भी जीतकर आए हैं। धर्मपुर सीट से पांचवीं बार जीत दर्ज करते हुए महेंद्र सिंह ने भाजपा को रिकॉर्ड लीड दिलाई है।
68 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा को भले ही स्पष्ट बहुमत मिल गया है परंतु वह तीन सीटों से दो तिहाई बहुमत हासिल करने में चूक गई है। प्रदेश में भाजपा चौथी बार सरकार बनने जा रही है। इससे पूर्व 1977, 1990, 1998 में भाजपा सत्ता में रह चुकी है। 1977 व 1990 में शांता कुमार मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन दोनों सरकारें कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई थीं।
जबकि 1998 में पहली बार प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में बनी भाजपा-हिविकां गठबंधन सरकार ने कार्यकाल पूरा किया था। इस बार कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही। 10वीं विस में कांग्रेस की 43 सीटें थीं। इसके अलावा 5 निर्दलीयों का भी कांग्रेस को समर्थन प्राप्त था। इस बार कांग्रेस को 20 सीटों का नुकसान हुआ है।
खाता खोला :
सरकार बनाने का दावा ठोंक रही बसपा मुश्किल से खाता खोल पाई है। कांगड़ा सीट से बसपा ने जीत दर्ज की है। जबकि बसपा संयोजक मेजर विजय सिंह मनकोटिया को हार का मुंह देखना पड़ा है। बसपा ने सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ा था। अधिकांश सीटों पर बसपा प्रत्याशियों की जमानतें तक जब्त हो गई हैं।
लोजपा का पत्ता साफ :
प्रदेश में सत्ता का संतुलन हाथ में रखने वाली लोजपा के हाथ से एक सीट भी जाती रही है। नाहन से लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सदानंद चौहान हार गए हैं। दूसरे प्रत्याशियों को भी हार का मुंह देखना पड़ा है।
ट्राइबल में क्लीन स्विप तीनों सीटें पर भाजपा :
यह पहला मौका है कि जनजातीय क्षेत्रों की तीन सीटों में कांग्रेस को एक भी नहीं मिल पाई है। एकसाथ चुनाव होने से यहां के राजनीतिक समीकरण भी बदलें हैं। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और भरमौर में भाजपा के प्रत्याशी जीतकर आए हैं।
अकेले शपथ ले सकते हैं धूमलगुजरात की तरह हिमाचल में भी प्रेम कुमार धूमल 30 दिसंबर को अकेले की मुख्यमंत्री की शपथ ले सकते हैं। हालांकि इस बारे में शनिवार को अंतिम फैसला होगा। शपथ ग्रहण के इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज भी मौजूद रहेंगे। इससे पहले 29 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी जिसमें औपचारिक तौर पर धूमल को नेता चुना जाएगा।
29 को दावा पेश करेगी भाजपाभाजपा के प्रदेश प्रभारी सत्यपाल जैन ने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद 29 दिसंबर को पार्टी प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर सरकार का दावा पेश करेगा। आलाकमान के निर्देश पर विधायक दल की बैठक में वे स्वयं पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहेंगे। बैठक में औपचारिक तौर पर धूमल को विधायक दल का नेता चुना जाएगा।
शांता-धूमल शिमला पहुंचेप्रदेश भाजपा के दोनों दिग्गज नेता प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार शुक्रवार को अपने-अपने गृह क्षेत्रों से शिमला के लिए रवाना हुए। जबकि राष्ट्रीय नेता लाल कृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज 29 दिसंबर की रात शिमला पहुंचेंगे। ये नेता इसी रात पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से बैठक करेंगे।
शांता-पार्टी अध्यक्ष देंगे सलाह68 सीटों वाली विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 मंत्री बन सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल का गठन मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है, लेकिन धूमल और पार्टी दोनों का कहना है कि इसमें शांता कुमार व प्रदेश अध्यक्ष की सलाह भी ली जाएगी। खासकर शांता कुमार की अहम भूमिका रहेगी।
शनिवार रात हो सकती है चर्चामाना जा रहा है कि मंत्रिमंडल को लेकर शनिवार रात आडवाणी, राजनाथ व सुषमा स्वराज के साथ धूमल, शांता व जयराम ठाकुर और प्रदेश प्रभारी के बीच चर्चा हो सकती है।
मंत्रिमंडल गठन 9 जनवरी को शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रो. प्रेमकुमार धूमल दिल्ली रवाना हो जाएंगे। जहां हाइकमान से मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश में पार्टी की जीत को लेकर चर्चा करेंगे। 9 का अंक धूमल के लिए हमेशा लक्की रहा है। धूमल ने भी स्वयं 9 जनवरी को ही मंत्रिमंडल गठन का इशारा किया है।प्रतिनिधित्व देना चुनौतीपूर्ण धूमल के सामने प्रदेश के सभी जिलों को प्रतिनिधित्व देना बड़ी चुनौती होगी। कांगड़ा, मंडी और सोलन में भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं। तीनों जनजातीय सीटों पर भी पार्टी की झोली में गई है। महत्वपूर्ण शिमला जिला को प्रतिनिधित्व मिलना पक्का है। ऐसे में सीटों के हिसाब से मंत्रिमंडल बनाना धूमल के लिए आसान नहीं होगा।
संभावना है कि धूमल 30 को अकेले ही शपथ लें। प्रदेश में धूमल सरकार के मुखिया और शांता पार्टी परिवार के मुखिया रहेंगे। धूमल के नेतृत्व में प्रदेश में आदर्श सरकार बनेगी और हर वर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह सरकार के कार्र्यो की समीक्षा करेंगे।
- सत्यपाल जैन, भाजपा प्रदेश प्रभारी