यहां वोट 14 नवंबर को डाले जाने है, लेकिन लाहौल के अधिकतर लोग इन दिनों सर्दी से बचने के लिए कुल्लू आ जाते हैं।
कुल्लू सदर और बंजार विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेसी टिकट के दावेदारों की संख्या से पार्टी में फूट के आसार बनते नजर आ रहे हैं।
चुनाव की सरगर्मियां बढ़ रही है, तो कांग्रेस के अग्रणी संगठनों की क्या भूमिका रहेगी यह अभी तक तय नहीं हो पाया है।
प्रदेश में बसपा की राह चुनौती भरी है। हाथी को यहां चढ़ाई करना आसान नहीं है। बसपा को प्रदेश में पहले पांव जमाने पड़ेगें।
एसोसिएट विधायकों को लेकर कांग्रेस में ही दो गुट सक्रिय हैं। एक गुट इनका विरोध कर रहा है। इससे कांग्रेस इन लोगों को टिकट देने के मामले में परेशानी में
प्रदेश के दो कबायली विधानसभा क्षेत्रों में इस बार बालन ढुलाई का मुद्दा कांग्रेस पर भारी पड़ेगा।