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प्रतिबंध से बच सकते हैं हरभजन

सिडनी. कथित नस्लभेदी टिप्पणी के कारण रविवार को अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना करने वाले भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह के बारे में माना जा रहा है कि उन पर आरोप साबित करने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं इसलिए वे प्रतिबंध जैसे दंड से बच जाएंगे।

आईसीसी मैच रैफरी माइक प्रॉक्टर ने भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह द्वारा कथित रूप से आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप पर सुनवाई को एक दिन टाल दिया है। अब इस मामले में सुनवाई रविवार को होगी।

प्रॉक्टर ने एक बयान में कहा है कि टीम इंडिया के प्रबंधक के आवेदन और हालात को मद्देनजर रखते हुए मैंने अपनी विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सुनवाई को टाल दिया है और अब सुनवाई टेस्ट मैच के खत्म होने के बाद होगी।

प्रॉक्टर ने यह भी कहा कि सुनवाई टलने से भारत को भी अपना पक्ष तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। गौरतलब है कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन शुक्रवार को एंड्रयू साइमंड्स और हरभजन के बीच कुछ विवाद हुआ था और इसके बाद ऑसी टीम ने हरभजन के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप लगाया था।

इस आरोप पर सुनवाई की जाना है जिसे आईसीसी की आचार संहिता के हिसाब से लेवल 3 के अंतर्गत रखा गया है। ऑसी कप्तान की शिकायत के बाद मैच के अंपायरों स्टीव बकनर और मार्क बेनसन ने यह आरोप तैयार किया था।

शनिवार शाम को जैसी स्थिति बनी उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हरभजन किसी भी सजा से बच जाएंगे। अंपायरों ने कहा है कि उन्होंने पोंटिंग के कहने पर यह कार्रवाई तो की है लेकिन उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी अपने कानों से नहीं सुनी है।

अगर यह आरोप साबित हो जाता है तो हरभजन को सजा के तौर पर दो से चार टेस्ट या चार से आठ वनडे मैचों के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है।

पीटर्स भी होंगे सुनवाई में :
हरभजन के खिलाफ अनुशासनात्मक सुनावाई के दौरान प्रख्यात ब्रिटिश वकील नाइजल पीटर्स भी मौजूद रहेंगे। पीटर्स आईसीसी मैच रैफरी प्रॉक्टर और दोनों टीमों को कार्यवाही के बारे में सलाह मशवरा देंगे।





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