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पर्थ में भारत की ऐतिहासिक जीत

पर्थ. मैन ऑफ द मैच इरफान पठान (3 विकेट) के अलावा वीरेन्द्र सहवाग,ईशांत शर्मा व आरपी सिंह (2-2 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने पर्थ क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन मेजबान टीम को 72 रन से शिकस्त देते हुए कंगारूओं के लगातार 17 टेस्ट जीत कर वल्र्ड रिकॉर्ड बनाने के सपने को चकनाचूर कर दिया। 413 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम माइकल क्लार्क (81) व मिशेल जॉनसन (नाबाद 50) के शानदार अर्धशतकों के बावजूद चौथे ही दिन 86.5 ओवर में 340 रन पर सिमट गई।

शुक्रवार के दो विकेट पर 65 रन से आगे खेलने उतरे मेजबानों को कप्तान रिकी पोंटिंग (45) व माइकल हसी (46) ने अच्छी शुरुआत देते हुए तीसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। 117 के स्कोर पर ईशांत शर्मा की गेंद पर पोंटिंग के आउट होने के बाद माइकल क्लार्क व हसी ने स्कोर बोर्ड की गति बनाए रखी। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 40 रन की साझेदारी की। एंड्रयू सायमंड्स (12) को कुंबले ने जल्द ही पैवेलियन की राह दिखाई। एडम गिलक्रिस्ट (15) व ब्रेट ली (0) भी कोई खास योगदान नहीं दे सके।

पुछल्ले बल्लेबाज जॉनसन ने स्टुअर्ट क्लार्क (32) के साथ 9वें विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी कर भारत की निश्चित मानी जा रही जीत को कुछ समय तक टालने का नाकाम प्रयास किया। भारत की ओर से सहवाग, पठान व आरपी के अलावा अनिल कुंबले ने दो और ईशांत शर्मा ने एक विकेट हासिल किया।

इस जीत ने भारत को सीरीज में बराबरी हासिल करने का मौका दे दिया है। सिडनी टेस्ट के विवादों को दरकिनार कर भारतीय टीम ने इस टेस्ट में अपनी जीवटता का परिचय देते हुए चैंपियन टीम को चारों खाने चित कर दिया। सीरीज का चौथा व अंतिम मैच 24 जनवरी से एडीलेड में खेला जाएगा। हालांकि पहले दो टेस्ट जीतकर मेजबानों ने बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी पर कब्जा बरकरार रखा है। पिछली बार भारत ने 2004 में मुंबई टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 13 रन से हराया था।

ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 2005 में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में हार के बाद से अब तक कोई टेस्ट नहीं गंवाया था। इसके साथ ही कंगारूओं ने दिसंबर 2003 में भारत से एडीलेड टेस्ट हारने के बाद से स्वदेश में एक भी टेस्ट नहीं हारा था। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के लगातार 17 टेस्ट जीतकर रिकार्ड बनाने के सपने को लगातार दूसरी बार तोड़ा है। इससे पूर्व भारत ने 2001 में कोलकाता टेस्ट में इस कारनामे को अंजाम दिया था। वाका मैदान पर 1997 में वेस्टइंडीज के हाथों पराजित होने के बाद से पिछले दस वर्र्षो में इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की पहली हार है।

पंटर फिर बने ईशांत के शिकार युवा तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने पर्थ टेस्ट की दोनों पारियों में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को अपना निशाना बनाया। पोंटिंग दोनों ही पारियों में ईशांत की ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद को ड्राइव करने के प्रयास में पहली स्लिप में राहुल द्रविड़ को कैच दे बैठे। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की अनुपस्थिति में युवा गेंदबाज ने पोंटिंग पर लगाम कसते हुए उन्हें अपने प्रदर्शन से चकित करने के साथ ही दोनों पारियों में महत्वपूर्ण अवसरों पर कंगारू कप्तान का विकेट झटकते हुए भारत की झोली में जीत डालने में अहम योगदान दिया।

सहवाग ने दिया था सुझाव ईशांत शर्मा जब छह ओवर कर चुके थे तब कप्तान कुंबले उन्हें आराम देना चाहते थे। सहवाग ने कुंबले को सुझाव दिया कि वे उससे दस ओवर तक लगातार गेंदबाजी करवाएं क्योंकि दिल्ली के लिए कप्तानी करते हुए मुझे ईशांत की क्षमता की जानकारी है। कुंबले ने ईशांत से पूछा कि क्या वे गेंदबाजी करना चाहेंगे तो उन्होंने न केवल हां कहा बल्कि पोंटिंग का विकेट भी लिया। ।





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