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शहीद खुदीराम को यहां दी गई थी फांसी, चिता स्थल पर बना दिया था टॉयलेट

4 वर्ष पहले
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मुजफ्फरपुर (बिहार).  बंगाल के मेदनीपुर से मुजफ्फरपुर पहुंचे खुदीराम बोस ने 30 अप्रैल 1908 की रात में शहर के कंपनी बाग में अंग्रेज केनेडी परिवार पर बम फेंका था। 1 मई 1980 को पूसा रोड से खुदीराम बोस को गिरफ्तार किया गया था। मुजफ्फरपुर कोर्ट में सुनवाई के बाद 11 अगस्त को तड़के फांसी दी गई थी। कहा जाता है शहीद के चिता को जहां आग दी गई थी, वहां टॉयलेट बना दिया गया था जिसे 11 अगस्त 2014 को लोगों ने तोड़ दिया। खुदीराम बोस से जुड़ीं एक-एक यादें हैं संरक्षित... 
 
- मुजफ्फरपुर जेल की जिस काल कोठरी (सेल) में अमर शहीद खुदीराम बोस को रखा गया था, उस काल कोठरी के साथ-साथ फांसी स्थल को जेल प्रशासन डेथ एनिवर्सरी पर हर साल सजाता था।
- 1 मई 1908 से 11 अगस्त 1908 तक खुदीराम बोस को इसी सेल में रखा गया था। सेल को बंद करके रखा जाता है। हर साल 11 अगस्त को शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि देने से पूर्व सेल की साफ-सफाई व रंगाई-पोताई होती है। 
 
 
खुदी राम बोस से जुड़ीं एक-एक यादें हैं संरक्षित 
 
- 30 अप्रैल 1908 को शहर के कंपनीबाग में बम विस्फोट कर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला देने वाले अमर शहीद खुदीराम बोस से जुड़ी एक-एक यादें मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में संरक्षित हैं।
- 11 अगस्त 1908 को जिस स्टैंड पर अंग्रेजी हुकूमत ने खुदीराम बोस को फांसी के फंदे पर झूला दिया। वह स्टैंड व फांसी का फंदा जेल में संरक्षित कर रखा गया है।
 
यहां सजी थी शहीद की चिता
 
- शहीद खुदीराम बोस की चिता गंडक नदी के तट पर बसे सोडा गोदाम चौक, चंदवारा में सजाया गया था।
- ये जगह मुजफ्फरपुर स्थित केंद्रीय कारागार से करीब दो किलोमीटर के दायरे में ही है, जहां शहीद खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी।
 
अमर शहीद खुदीराम बोस : संक्षिप्त जानकारी
- नाम-खुदीराम बोस।
- पिता-त्रैलोक्य नाथ बोस।
- मां-लक्ष्मी प्रिया बोस।
- जन्म तिथि-3 दिसंबर 1989।
- जन्म स्थान-मोहवनी केशपुर, मेदनीपुर (बंगाल)।
- 30 अप्रैल 1908 को कंपनी बाग में बम विस्फोट किया था। 
- 1 मई 1908 को पूसा रोड से हुई थी गिरफ्तारी।
- 11 अगस्त 1908 को फांसी पर चढ़ा दिया गया।
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