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पवित्र त्रिवेणी संगम के हर घाट पर मावभक्तों का रैला

6 वर्ष पहले
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वागड़प्रयाग बेणेश्वर धाम पर माघ पूर्णिमा के मुख्य मेले के दिन छोटा हरिद्वार बन गया। हरिद्वार में गंगा की तरह ही पवित्र बेणेश्वर धाम की तीन नदियों के संगम तीर्थ में अस्थियों का विसर्जन कर पितरों की मुक्ति की कामना की। सोम, माही जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। महाकुंभ में राजस्थान सहित गुजरात, मध्यप्रदेश राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में अस्थियां विसर्जित करने आए। सूर्याेदय से पहले शुरू हुए अस्थि विसर्जन से वातावरण में शोक और विलाप के स्वर भी गूंजते रहे।

वागड़ कुंभ बेणेश्वर धाम पर लाखों श्रद्वालु पालकी यात्रा और शाही स्नान के साक्षी बने। वागड़ का प्रयाग कहे जाने वाले बेणेश्वर धाम पर माघ पूर्णिमा को श्रद्घालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर से लेकर घाटों तक और मेलार्थियों की भीड़। बेणेश्वर धाम पर पहुंचने वाला पूरा मार्ग मावजी महाराज नी जै, निष्कलंक भगवान नी जै, राधा कृष्ण नी जै के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने माथा टेका। धाम स्थल पर देवालयों में दर्शन पूजा-अर्चना की।

1. पीठाधीश्वर ने किए राधा-कृष्ण मंदिर के दर्शन

पीठाधीश्वरअच्युतानंद महाराज ने मुख्य राधा कृष्ण मंदिर में दर्शन किए। पूर्ववर्ती पीठाधीश्वरों की पूजा की। भगवान निष्कलंक की प्रतिमा को गर्भगृह में स्थापित किया। पीठाधीश्वर मंदिर के झरोखे में विराजित हुए और साद भक्तों के साथ अपने अनुयायियों और श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।

2.विदेशी पर्यटकों ने देखा वागड़ का मेला

मेलेमें कई देशी-विदेशी पर्यटक भी पहुंचे। फ्रांस के 9 सदस्यों की एक टीम भी मेले में दिखाई दी। पर्यटकों ने मेला संस्कृति से अभिभूत होते हुए वनवासी रीति-रिवाजों, मेला क्षेत्र के रंगीन नजारों और लोक सांस्कृतिक परंपराओं को अपने कैमरे में कैद किया।

3. साबला में भी रहा मेले सा माहौल

बेणेश्वर धाम मुख्य मेले के तहत पास के साबला गांव में भी मेले सा माहौल रहा। दर्शनार्थियों की कतारें इस कदर लगी हुई थी कि किमी दूर साबला गांव में भी श्रद्धालुओं का मेला रहा। दिन में कई बार ट्रेफिक जाम की स्थिति भी बनी रही। राहगीरों छोटे वाहनधारियों को परेशानियां झेलनी पड़ी।

4.चुनर संगम में विसर्जित

वाल्मिकीसमाज की ओर से माघ पूर्णिमा पर बेणेश्वर धाम पर 1100 मीटर लंबी चुनर की यात्रा निकाली। चुनर को हजारों की संख्या में श्रद्धालु थमें हुए थे और महाराज वाल्मिकी के जयकारे गूंज उठे। गाजे-बाजे के साथ वाल्मिकी मंदिर से निकाली यात्रा बांसवाड़ा मार्ग पुलिए की ओर घाट तक पहुंची। जहां पवित्र त्रिवेणी जल में विसर्जन किया गया।

5.एएसपी के निर्देशन में 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी

बेणेश्वरमहाकुंभ में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद कर रखी। साबला, वालाई मार्ग और बेणेश्वर धाम पर डूंगरपुर पुलिस के 700 जवान तैनात रहे। एएसपी रामजीलाल चंदेल के नेतृत्व में सशस्त्र पुलिस जवान तैनात थे। पुल मार्गो पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी निगरानी करते रहे। मचान पर दूरबीन से मेले की गतिविधियों पर नजर रखी गई। 22 सीसीटीवी कैमरे से कंट्रोल रूम पर लगे टीवी से हर गतिविधि देखी।

6.सवारियों से खचाखच भरे वाहन दौड़ते रहे

मेलास्थल पर वाहन खचाखच भरे हुए मेलार्थियों श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने में लगे रहे। डूंगरपुर घाट की तरफ बने सेतु पर दिनभर मेलार्थियों का रेला उमड़ता रहा। बांसवाड़ा की तरफ भी जन ज्वार उमड़ने का यही आलम रहा।

7.सरकारी योजनाओं का प्रचार: चिकित्साविभाग की ओर से मेले में पदमेश गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शनी लगाई गई। वहीं मेले में मरीजों का इलाज भी किया गया।

8. मेले में पहली बार मेलार्थियों की सुविधा के लिए माइक्रो एटीएम लगाए गए।

9. मेले में इस बार सफाई का विशेष ख्याल रखा है। विकास अधिकारी साबला राकेश वर्मा ने बताया कि सफाई के लिए 100 कर्मचारी लगाए है। सुबह, दोपहर और शाम सफाई हो रही है। तीन स्तर पर सफाई की जांच भी हो रही है।

बेणेश्वर मेला स्थल पर साबला की ओर पुल के इस पार रोडवेज के अस्थाई स्टैंड के पास ही लगा ट्रांसफार्मर गुरुवार रात करीब 9 बजे विस्फोट के साथ आग लग गई। इससे शॉर्ट सर्किट हुई और रोडवेज के स्टैंड में भी तार जल गए और आग लगने लगी। इससे रोडवेज स्टैंड परिसर में बैठे कार्मिकों ने टेंट के कुछ हिस्से में लग रही आग को बुझाया और इसके बाद डीपी के पास लग रही आग की ओर दौड़ पड़े। अफसरों को सूचना देने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन रातभर रोडवेज स्टैंड के आसपास का पूरा इलाका अंधेरे में रहा।

साबला. भारतीय रिजर्व बैंक, जयपुर के वित्तीय समावेशन और विकास विभाग ने भी अपनी स्टाल लगाई है। उदघाटन भारतीय रिजर्व बैंक के वित्तीय समावेशन महाप्रबंधक एचएस खितोलिया ने किया। सहायक महाप्रबंधक जेपी जोइया, प्रबंधक सतीश पारीक, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा के रजनीकांत, बैंक ऑफ बड़ौदा साबला शाखा के प्रबंधक सुमिल पाटनी ने मेलार्थियों को मार्गदर्शन दिया।

माघ पूर्णिमा के मुख्य मेले में बेणेश्वर धाम पर उमड़ा मेलार्थियों का हुजूम।

साबला के हरि मंदिर में पूजा अर्चना करते महंत अच्युतानंद महाराज।

डूंगरपुर। बेणेश्वर धाम के त्रिवेणी संगम तटों पर शुक्रवार को डुबकी लगाते श्रद्धालु।

डूंगरपुर। वाल्मिकी समाज की ओर से माघ पूर्णिमा के मुख्य मेले के दिन निकाली गई 1100 मीटर की चुनर यात्रा।

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